गुरुवार, मई 13, 2010



पांचवे भोजपुरी फिल्म अवार्ड


भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार रविकिशन ने लगातार पांचवी बार भोजपुरी के सर्वश्रेष्ट अभिनेता का खिताब जीता है। वहीँ सर्वश्रेष्ट अभिनेत्री का खिताब जीता पाखी हेगड़े ने। सर्वश्रेष्ट फिल्म का खिताब मिला अभय सिन्हा - अजय सिन्हा की फिल्म परिवार को, इसी फिल्म के लिए निर्देशक असलम शेख ने लगातार दूसरी बार सर्वश्रेष्ट निर्देशक का अवार्ड पाया । अपने जमाने की प्रख्यात अभिनेत्री जय श्री टी को लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से व भोजपुरी फिल्मो के बड़े प्रस्तुतकर्ता दुर्गा प्रसाद को विशनाथ प्रसाद शहवादी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं अवधेश मिश्रा को खलनायकी में सिरमोर माना गया। बुधवार की रात मुंबई के गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब में विनोद गुप्ता द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में रंगारंग कार्यक्रम के बीच २८ श्रेणियों में अवार्ड दिया गया। म्यूजिक केटेगरी में सारे अवार्ड निर्माता निर्देशक आर.एस.दुबे की फिल्म उमरिया कईली तोहरे नाम को मिला। गायिका का अवार्ड स्वर कोकिला लता मंगेशकर को, संगीतकार का अवार्ड राम लक्षमण को और गीतकार का अवार्ड विनय बिहारी को मिला। इसी फिल्म के लिए नवोदित अभिनेता का पुरस्कार आशीष गुप्ता को मिला। सर्वश्रेष्ट गयाक का अवार्ड मिला उदित नारायण को। नवोदित अभिनेत्री का अवार्ड चलनी के चालाल दूल्हा के लिए शुभी शर्मा को मिला। पांचवे भोजपुरी फिल्म अवार्ड में रवि किशन व निरहुआ की फिल्मो का ही वर्चस्व रहा। रविकिशन को निर्देशक हेरी फ़र्नान्डिस की फिल्म भूमिपुत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का, मुश्ताक खान को बेस्ट कोमेडियन का और हेरी को सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सीमा सिंह को सर्वश्रेष्ठ आइटम गर्ल का खिताब मिला अवार्ड पाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रविकिशन ने कहा की जब पहला अवार्ड हो रहा था तब भोजपुरी फिल्मे अपने शुरुवाती दौर से गुजर रही थी। आज पांचवे साल भोजपुरी फिल्मे कान फिल्म फेस्टिवल तक पहुँच चुकी है।

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