शुक्रवार, अप्रैल 03, 2009

नीतीश की जय हो - एनडीटीवी ओपिनियन पोल




नीतीश कुमार के सितारे बुलंद हैं। नवंबर, 2005 के विधानसभा चुनाव में उनकी चली आंधी सवा तीन साल बाद भी थमती नहीं लगती।एनडीटीवी-जीएफके ओपिनियन पोल का अनुमान है कि लोकसभा चुनाव में इस बार बिहार में 2004 का आंकड़ा पलट जाएगा। तब लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान और कांग्रेस ने 40 में से 29 सीटें जीती थीं। इस बार लालू-पासवान मिलकर शायद 10 सीटें ही जीत पाएंगे। बिहार का नेता कौन, इस सवाल पर बिहारियों में कोई असमंजस नहीं। हर पांच बिहारी में से तीन की जुबान पर नीतीश का नाम है। लालू एक चौथाई लोगों की ही पसंद हैं और रामविलास पासवान के हक में महज सात फीसदी लोग हैं। सवाल कोई भी हो लोग नीतीश का ही नाम लेते हैं। तीन-चौथाई लोग मानते हैं कि कोसी में बाढ़ आई तो नीतीश ने अच्छा काम किया। पांच में से चार लोग कहते हैं कि नीतीश के राज में विकास का बढ़िया काम हो रहा है। लालू यादव के लिए एक ही अच्छी खबर है कि 100 में 45 लोग मानते हैं कि उनमें वापसी करने का दम है। (एनडीटीवी)

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