मंगलवार, फ़रवरी 07, 2012

मन की भावना से ही गीत की उपज - संतोष पुरी


महज 14 वर्ष की उम्र में अपने जमाने की मशहूर गायिका बिजली रानी से गीत गवाना अपने आप में बड़ा महत्व रखता है, जी हाँ, यह कर दिखाया है संतोष पुरी ने। तब वे संतोष गिरी के नाम से गीत लिखा करते थे। मगर ज्यादा लोकप्रियता मिली उनके लिखे हिट गीत ‘ आइले मारे राजा....’’ जिसे गाया था देवी ने और इसी गीत के माध्यम से ही देवी को भी प्रसिद्ध गायिका के रूप में पहचान मिली। इसके दूसरा हिट एलबम रहा ‘‘राजधानी पकड़ के आ जाइयो’’ वैसे हिट गीत ‘‘पुरबा बयार’’ भी संतोष पुरी ने ही लिखा था। संतोष पूरी बताते हैं कि मै गीत 10 साल की उम्र से ही लिखना शुरू कर दिये थे और 13 साल की आयु में स्कूल से भागकर मुंबई आ जाने पर यहाँ कि गलियों में भटकते रहे। संयोग से निर्देशक रहीम खान की नजर उन पर पड़ी। रहीम खान ने संतोष पुरी को अपने घर में शरण दी और हिन्दी फिल्म ‘जेहाद’ में गीत लिखने का मौका भी दिया। जिसे आवाज दिया था सपना अवस्थी तथा मोहम्मद अजीज ने। छोटी आयु होने की वजह से 6 महीने में घर की याद सताने लगी और फिर वापस गाँव लौट गये। सागर इलेक्ट्रानिक बाकरगंज के विद्या सागर गुप्ता को अपना गाड फादर मानते हैं । इनके लिखे गीतों को अब तक उदित नारायण, सुरेश वाडेकर , कैलाश खेर, विनोद राठौड़, रूप कमार राठौड़, सुख विंदर मो अजीज, सपना अवस्थी, जावेद अली इत्यादि गा चके हैं। पवन सिंह की पहली फिल्म रंगली चुनरिया तोहरे नाम से इन्होंने फिल्म के पूरे 8 गीत लिखे और गीत हिट भी रहे, दूसरी हिट निरहुआ रिक्शावाला का गीत ‘बलिया बारात जाई’ रहा है। रामपुर के लक्ष्मण, मृत्युंजय, संता के अलावा आने फिल्में राम लखन, विदेसिया, दिल तोहरे प्यार में पागल हो गईल, तथा एक दूजे के लिए है। हिन्दी फिल्म तरकश, जलसा व घर की देवी भी जल्द ही प्रदर्शित होगी।