रविवार, फ़रवरी 12, 2012

उलझी हुई है रूबी की आत्महत्या की गुत्थी

भोजपुरी फिल्मो की जानी मानी अभिनेत्री रूबी सिंह द्वारा आत्महत्या किये जाने की खबर पर भोजपुरी फिल्म जगत को यकीन करना मुश्किल हो रहा है . कोई यह मानने को तैयार नहीं है की रूबी सिंह आत्महत्या कर सकती है . मामले की जांच कर रही गोरेगांव पुलिस भी अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दे रही है . पुलिस यह मानने के लिए कतई तैयार नहीं है की काम ना मिलने की हताशा में रूबी ने ऐसा किया .
उल्लेखनीय है की शुक्रवार की शाम लगभग ४ बजे रूबी सिंह की लाश उनके राम मंदिर रोड स्थित आवास
से पुलिस ने बरामद की . रूबी की आत्महत्या की जानकारी सबसे पहले भोजपुरी फिल्म जगत में बतौर हास्य अभिनेता काम कर रहे रोहित सिंह मटरू को मिली. मटरू ने गोरेगांव पुलिस स्टेशन में जो बयान दिया है उसके अनुसार सुबह रूबी का फोन आया था उस समय वो सो रहे थे बाद में जब उन्होंने उन्हें फोन किया तो फोन बंद आ रहा था. बार बार फोन बंद आने पर मटरू ने रूबी के घर जाना उचित समझा . जब वो सिद्धि विनायक सोसायटी पहुचे तो कमरा अन्दर से बंद मिला . काफी खटखटाने के बाद जब कमरा नहीं खुला तो उन्होंने पड़ोसियों की मदद से जबरन दरवाजा खोला . वहाँ रूबी का मृत देह पंखे से लटका था. रूबी ने अपने छोटे से सुसाइड नोट में हिंदी में लिखा था मेरी मौत का जिम्मेवार मैं खुद हूँ ..रूबी सिंह ( उन्होंने अपना नाम अंग्रेजी में लिखा था ) . पुलिस ने पंच
नामा कर लाश को कूपर अस्पताल भेज दिया जहां पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की देर शाम उनके परिवार वालो को उनका मृत देह सौप दिया गया. इसके पूर्व पुलिस ने उनके माता पिता और मामा का बयान भी लिया. मुंबई पुलिस परिमंडल १० के पुलिस उपायुक्त एम्. पाटिल से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने रूबी के कमरे से नींद की लगभग दो दर्ज़न गोलियां बरामद की है . मटरू ने भी अपने बयान में कहा था की रूबी सिंह नींद की गोलियां खाती थी . सवाल उठता है की आखिर रूबी को नींद की गोलियां खाने की जरुरत क्यों पड़ती थी ? क्या सचमुच रूबी सिंह ने काम ना होने की हताशा में खुद को ख़त्म कर लिया ? रूबी सिंह की आखिरी रिलीज़ फिल्म थी साद कुमार की त्रिनेत्र , इसके बाद उन्होंने 6 और फिल्मे साइन की थी , जिनमे एलान ए जंग और रंग दा प्यार के रंग में प्रदर्शन के लिए तैयार है और गौतम गोविंदा की शूटिंग शुरू होने वाली थी . इसके अलावा दो और फिल्म के लिए रूबी की बात चीत चल रही थी .. किसी भी सामान्य अभिनेत्री के लिए इतनी सारी फिल्मे कम नहीं होती . रूबी सिंह के सहयोगी कलाकार जय सिंह के अनुसार एक महीने पहले ही सुर्वे फ़ार्म हाउस में रूबी से उनकी शूटिंग के दौरान मुलाकात हुई थी और वो पहले ही की तरह खिलखिलाती रहती थी. त्रिनेत्र में उनके अपोजिट रहे पंकज केसरी की कानो पर तो अब भी विश्वास नहीं रो रहा है की रूबी सिंह अब इस दुनिया
में नहीं है . रूबी सिंह के घर के नीचे दूकान चलने वाले राजेश गाला ने बताया की चार दिनों से उन्होंने रूबी को देखा नहीं था . वो यह मानने के लिए तैयार नहीं हैं की रूबी आर्थिक संकट से गुजर रही थी क्योंकि अक्सर वो उन्हें हजार के ही नोट देती थी. गोरे

गांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सूर्य कान्त जाधव के अनुसार रूबी के बैंक अकाउंट में कितने पैसे थे वो सोमवार को ही पता चल पायेगा . बहरहाल रूबी की आत्महत्या की गुत्थी काफी उलझी हुई है . रूबी ने आत्महत्या की यह तो पक्की है लेकिन क्यों की इसका सही जवाब किसी के पास नहीं है

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