शनिवार, जनवरी 14, 2012

पढ़ाई में कमज़ोर था तो अभिनेता बन गया-नसीरुद्दीन शाह


"मैं पढ़ाई में बड़ा कमज़ोर था. बात-बात पर शिक्षकों से थप्पड़ खाता था. तो मैंने सोचा अभिनय के क्षेत्र में चला जाऊं. पढ़ाई से बचने का यही एकमात्र रास्ता है." नसीर कहते हैं कि जब उन्होंने ये फ़ैसला किया तो उस वक़्त उनकी उमर कोई 11-12 साल की रही होगी. उन्होंने ये भी बताया कि उनके पिता को उनके इस इरादे के बारे में बिलकुल नहीं मालूम था. नसीर कहते हैं, "जब मैंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली तो मेरे पिता ने कहा कि अब आगे क्या करना है, तो मैंने कहा कि मैं तो ऐक्टिंग ही करूंगा." नसीरुद्दीन शाह के पिता ने पहले तो उनके इस फ़ैसले का विरोध किया लेकिन बाद में उन्हें अपने सपने को पूरा करने की इजाज़त दे दी.चालीस चौरासी के प्रोमोशन के लिए भोजपुरी सुपर स्टार रवि किशन के साथ पटना पहुचे नसीरुद्दीन शाह ने यह बात कही . इसके बाद नसीर ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में दाखिला लिया.नसीरुद्दीन शाह के मुताबिक़ शेखर कपूर निर्देशित फ़िल्म मासूम और गुलज़ार के टीवी सीरियल मिर्ज़ा ग़ालिब में काम करके उन्हें सबसे ज़्यादा संतुष्टि मिली. इसके अलावा उन्हें इश्क़िया और अ वेडनसडे जैसी फ़िल्मों में काम करके भी अच्छा लगा.अपने पसंदीदा अभिनेताओं की बात चलने पर नसीर कहते हैं कि शम्मी कपूर और दिलीप कुमार उन्हें ख़ासे पसंद हैं.वो कहते हैं, "शम्मी कपूर को जब मैं देखता था तो मुझे लगता था कि इनके जैसा डांस इनके जैसा अभिनय तो मैं कर ही नहीं सकता. बल्कि दिलीप साहब के गरिमापूर्ण और भावुक अभिनय को देखर मुझे लगता था कि हां इनके जैसा तो मैं कर सकता हूं. लेकिन शम्मी जी जैसा काम करने की मैं सोच भी नहीं सकता था." हाल ही में नसीरुद्दीन शाह और विद्या बालन की मुख्य भूमिका वाली फ़िल्म द डर्टी पिक्चर बॉक्स ऑफ़िस पर ख़ासी कामयाब रही.