गुरुवार, अगस्त 26, 2010

‘‘कोठा’’ पर पहुचे अनिल सम्राट



फिल्म निर्माता से अभिनेता बने अनिल सम्राट अगर आपको किसी कोठे पर दिख जाये तो चौंकिएगा नहीं। दरअसल फ़िल्मी परदे पर अवतरित होने के बाद अब वो परदे पर ही कोठे की ख़ाक छानेंगे। जी हाँ बतौर अभिनेता उनकी दूसरी फिल्म कोठा पिछले दिनों लांच की गयी। कोठा के निर्माता विकास आर्य व निर्देशक मनोज श्रीपति हैं। फिल्म में अनिल सम्राट के साथ मोनालिसा, पंकज त्रिपाठी, संजीव झा की प्रमुख भूमिकाएं हैं। फिल्म के लिए गाने लिख रहे हैं राजेश मिश्रा वही संगीत तैयार करने का कार्य धनंजय मिश्रा कर रहे हैं। सुरेन्द्र मिश्रा द्वारा लिखित इस फिल्म को बिहार में घटित एक सच्ची घटना पर आधारित बताया जा रहा है। नवम्बर महिने में इस फिल्म की शुटिंग मुजफ्फरपुर की बदनाम गली चतुर्भूज में की जायेगी। गौरतलब है कि इस फिल्म के नायक अनिल सम्राट की अभी भोजपुरी फिल्म ‘‘दरार’’ प्रदर्शन को तैयार है।

बुधवार, अगस्त 25, 2010

‘‘चेचक’’ से ग्रसित हुए दिनेश लाल यादव ‘‘निरहुआ’’!



दिनेश लाल यादव ‘‘निरहुआ’’ पिछले कुछ दिनों से ‘‘चेचक’’ से ग्रसित हो गये हैं। धार्मिक मान्यताओं में ‘‘बड़ी माई’’ के रूप में कही जाने वाली इस बीमारी से निरहुआ हैदराबाद में अपनी भोजपुरी फिल्म ‘‘आखिरी रास्ता’’ की शुटिंग के दौरान चपेट में आ गयें। ‘‘चेचक’’ के प्रभाव से इस फिल्म की शुटिंग बीच में छोड़ निरहुआ मुम्बई वापस आ गये और अपनी माँ की देखरेख में धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप इलाज करा रहे हैं। ‘‘चेचक’’ से ग्रसित निरहुआ के पूरे शरीर में जलन हो रही है और वे बुखार से भी ग्रसित है। निरहुआ अपने मुम्बई आवास पर पूरे परिवार के साथ स्वास्थ लाभ ले रहे है और किसी से भी मिल जुल नही रहे हैं। निरहुआ के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना हम करते हैं।

“Pakrauah Shaddi” is so flourising in UP & Bihar….Kalpana.


Singer Kalpana…..classy, sophisticated and attractive… she is the Queen of Bhojpuri music world and truly rules the hearts. She has become the favorites of music lovers with her tuneful song like “Aila re Aila” (film Khatta Meetha), ‘Ek Ooncha Lamba Kad’ (film Welcome), ‘Billu Bhayankar’(film Billu) and ‘Hotty Naughty’ (film De Dana Dan).
After gaining prestigious position as the versatile singer of Bhojpuri films, singer Kalpana has become the favorites of music directors and is the most sought after singer in Bollywood.
This Assamese girl is the darling of the North Indian belt and has been christened the uncrowned BHOJPURI QUEEN.
As Kalpana says, ANTARDWAND is finally releasing. This film got the distinction of bagging the Award for Best Social Issues in the 55th National Filmfare Awards. My mujra song - kaate na jawani hai o more raja, in this film got great applause. This song is the soul of the film.
I am so happy for the moments and proud for such recognition. It is a National Award winning film based on Groom Kidnapping.
As पीपली LIVE has brought the focus of Urban India to the issues faced in rural India, in an entertaining way, ANTARDWAND, too brings to light the social evil that plagues Rural India, in the mainstream media debate. Such forced marriages wreak huge emotional damage on both the girl and the boy. Kalpana says, I am more for the voiceless girl who is deeply entrenched in a male dominated feudalistic society where she has nothing else to fall back on.
Whether deserted or divorced -the life of a hapless girl in such a claustrophobic society becomes a hellish and endless journey. She bears the stigma of 'being married but not married'.
It is a story where everyone involved, pay a heavy price for the ugly patriarchal power play…it’s a society rotting while the country surges ahead to be a global power.
Antardwand is a film that strokes the sensitive, thinking viewer’s ire.I am so happy for the moments and proud to be part of a film with a social issue which peeps into the reality that is mofussil India, a feudal India refusing to die.
Groom abduction or “Pakrauah Shaddi” is so rampant in Bihar & Eastern UP and is touched upon in Antardwand. The film is very realistic, well made film, and more ever it’s a true story, which makes it more interesting….It brings to light that these unfortunate incidents still happen in India…True stories truly inspires me more than anything else. The true story in the film should be highlighted”…This film is getting big thumbs up from the A plus film fraternity in Bollywood.
When her other film ‘Saanncha’ was selected for The Cannes Film Festival, it added one more feather to her cap and proved a sort of milestone in her artistic career.
In one of her recent interviews Kalpana has confessed herself in these words, "In the beginning of my career as a playback singer, I had been lending my voice to all type of songs for films and albums, but I had an appetite for art films. This is a must listen song.With time, my maturity also went on increasing, along with my ambition for singing for movies which has a message of social cause.
Says Kalpana, these films has burning social problems of the society.
In yet to be released film ‘AAKROSH (Ajay Devgan) on honor killings in UP & Bihar, AAJ BHI’ & PAROKSH singer Kalpana’s voice touches the hearts and is bound to enhance her gifted flair to the peak of popularity. After her successful World Tour for the promotion of her International music album- Massical released by Bird Jam Label,Germany with Trilok Gurtu, singer Kalpana had lend her voice in the new version of the song on national integration- MILE SUR MERA TUMHARA.
She is busy now days judging SUR SANGRAM-2 in Mahua Tv with Bhojpuri super star Ravi Kishan.

‘‘महुआ’’ परिवार दर्शकों के प्यार से अभिभूत है: पी॰ के॰ तिवारी



भारत में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा भोजपुरी को आम परिवार के ड्राइंग रूम पहुचाने वाली मनोरंजक चैनल ‘‘महुआ टी॰वी॰’’ अपने प्रसारण का दूसरा साल समाप्त करने के बाद तीसरे साल में प्रवेश कर चुकी है। ‘‘महुआ टीवी’’ के सी॰ एम॰ डी॰, पी॰ के॰ तिवारी ‘‘महुआ’’ को मिले दर्शकों के प्यार और सहयोग से अभिभूत हैं। भोजपुरी गीत-संगीत को प्रतिष्ठापन, भोजपुरी सिनेमा को बड़ा बाजार मुहैया कराने से लेकर भोजपुरीया संस्कृति व समाज को आगे बढ़ाने में लगे पी॰ के॰ तिवारी से हमने खास बातचीत की। प्रस्तुत है अंश:-

‘‘महुआ’’ के सफलतापूर्वक दूसरा साल पूरा किया, आप इन दो वर्षों के सफर को कैसे आँकते हैं?

काफी सफल रहा है इन दो वर्षों का सफर। ‘‘महुआ’’ एक मास मिडियम है और हम इस बात से इंकार नही कर सकते की चैनल की रेटिंग पर ही व्यवसायीक, विज्ञापन की बात होती है और हमारे चैनल को आज सभी प्रमुख ब्रांडो का विज्ञापन प्राप्त हो रहा है जो की पूरी तरह से ये सिद्ध कर रहा है की हमारी दर्शक वर्ग भारी मात्रा में है। पिछले वर्ष और इस वर्ष में हुए ‘‘सुर संग्राम’’ और ‘‘डांस संग्राम’’ की सक्सेस फुल रेटिंग भी ‘‘महुआ’’ की लोकप्रियता दिखाती है।

‘‘महुआ टीवी’’ बिहार, यू॰ पी॰ व अन्य भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में कई राष्ट्रीय मनोरंजक चैनलों को कड़ी टक्कर दे रहा है। आपकी राय?

मैं क्या कहूँ। बस, यही कह सकता हूँ की ‘‘महुआ परिवार’’ दर्शकों के प्यार और सहयोग से अभिभूत है। ये उनका हमारे ऊपर विश्वास और हमारे कार्यक्रमों को प्यार की बदौलत ही हमने ये स्थान प्राप्त किए हैं। पर ‘‘महुआ’’ को मिली भोजपुरीया दर्शकों का प्यार ही है की आज प्रमुख मनोरंजक चैनल भोजपुरीया थींमस की धारावाहिक निर्माण कर रही है।

‘‘महुआ’’ अपने दर्शकों के लिए नया क्या कर रहा है?

महुआ हर वर्ग व हर उम्र के दर्शकों के लिए कई नए शो लेकर हाजिर हो रहा है। अभी ‘‘महुआ’’ पर पारिवारिक धारावाहिक ‘‘अखण्ड सौभाग्यवती’’, संगीत प्रमियों के लिए ‘‘सुर संग्राम-2’’, जय जय शिव शंकर, बच्चों के लिए एक रियलिटी शो, कोमेडी शो इत्यादि ला रहा है।

‘‘महुआ बंग्ला’’ की शुरूआत महुआ मिडीया प्रा॰ लि॰ नेटवर्क की एक और उपलब्धि है। वहाँ पर मार्केट में कम्पीटीशन कैसा है?

देखिए, कम्पीटीशन तो हर जगह है चाहे वे भोजपुरी या बंग्ला हों। बंग्ला में मार्केट बड़ा होने के कारण कम्पिटीशन थोड़ा है। हमने एक यूनिक फुटबाल बेसड् रियलिटी प्रोग्राम कर चैनल की ग्रैण्ड लांचिंग की। हम कई बंग्ला के फिकसन शो लेकर आ रहे हैं। हम कई निर्माताओं को अपने चैनल के लिए फिल्म निर्माण का ऑफर दिया है। हमने उम्मीद है कि ‘‘महुआ’’ की तरह ही बंग्ला चैनल भी दर्शकों के दिलों-दिमाग पर छा जायेगी।

आगे की क्या योजनाएँ?

बस देखिए और इंतजार किजीए। ‘‘महुआ टीवी’’ ने पूरा किया दो साल! भारत में बोली जाने वाली दूसरी बससे बड़ी भाषा भोजपुरी को आम परिवार के ड्राइंग रूम में प्रतिष्ठापित करने वाली मनोरंजक टीवी चैनल ‘‘महुआ’’ ने अपने सफलतापूर्वक प्रसारण का दूसरा साल पूरा कर लिया। अगस्त में दो साल पूर्व ‘‘महुआ टीवी’’ के मुखिया पी॰ के॰ तिवारी द्वारा शुरू किया ये मनोरंजन चैनल मात्र 2 वर्षों के सफर में ही विशिष्ठ दर्शक वर्ग बनाने में सफल रहा। भोजपुरी गीत-संगीत को प्रतिष्ठापन, भोजपुरी सिनेमा को एक बड़ा बाजार मुहैया कराने से लेकर भोजपुरी संस्कृति और समाज को आगे बढ़ाने में ‘‘महुआ टीवी’’ ने बहुत ही अहम भूमिका निभाई है। आज महुआ टीवी ने देश के कई प्रमुख राज्यों व क्षेत्रों में बहुत से बड़े हिन्दी मनोरंजन चैनलों को जोरदार चुनौती देते हुए अपना परचम लहराया है। बिहार, यू॰ पी॰ व झारखंड में ‘‘महुआ’’ के साथ-साथ ‘‘महुआ परिवार’’ की ही न्यूज चैनल ‘‘महुआ न्यूज’’ ने लोकप्रियता का पहला पायदान प्राप्त करते हुए दर्शकों में विशिष्ठ पहचान बनाई है। अपने 2 वर्षों के सफलता भरे प्रसारण के दौरान महुआ मिडीया प्राइवेट लि॰ ने एक बंग्ला चैनल ‘‘महुआ बंग्ला’’ भी शुरू किया है जो सफलता कि ओर बढ़ चुका है।

रिंकू बनी टीवी पत्रकार !


अदाकारा रिंकू घोष अब टीवी रिपोर्टर की भूमिका निभा रही है। वे ‘‘महुआ टीवी’’ के रियलिटी शो ‘‘बड़का साहब’’ में एक टीवी रिपोर्टर की भूमिका में हैं । रिंकू ‘‘बड़का साहब’’ के घर में एंट्री लेने वाले हर मेहमानों का इन्टरव्यू लेंगी। वे घर में उनके जाने की दिचस्पी और प्लानिंग के संबंध में बातचीत करेगी। बतौर ‘‘महुआ न्यूज’’ की रिपोर्टर बनी रिंकू घोष की यह पहली भूमिका में जिसमें वे रिपोर्टर बनी है। बकौल रिंकू घोष बड़ा ही मजा आ रहा है और यह मेरा पहला अनुभव है इस तरह के किरदार का। आज तक हमने सिर्फ इन्टरव्यू दिए है लेकिन अब लेना पड़ रहा है। उम्मीद है की दर्शको को यह मेरा नया लुक पसंद आयेगा।’’ गौरतलब है कि रिंकू घोष सोनी चैनल के लिए धारावाहिक ‘‘दुर्गेश नंदनी’’, कलर्स के लिए ‘‘मोहे रंग दे’’ में नजर आ चुकी है व महुआ के लिए ‘‘इम्तिहान’’ धारावाहिक कर रही है।

‘‘बड़का साहब’’ के घर पहुँचे निरहुआ व पाखी!


‘‘महुआ टीवी’’ पर मस्ती से भरी शो ‘‘बड़का साहब’’ के घर में एंट्री मारने जा रहे है दिनेश लाल यादव ‘‘निरहुआ और मशहुर अभिनेत्री पाखी। इस शुक्रवार को रात्रि 7.00 बजे ये दोनों सिनेस्टार ‘‘बड़का साहब’’ के घर में एंट्री मारेगे और घर के सदस्यों के साथ इस घर में कुछ मस्ती भरे पल बितायेगें। बतौर प्रिंस चामींग और प्रिसेंज, निरहुआ व पाखी शाही रथ पर सवार होकर ‘‘बड़का साहब’’ के निमंत्रण पर घर में पहुचेगें। फिर घर में एंट्री के साथ सभी सदस्यों में अलग सी स्फूर्ती का संचार हो जायेगा। घर में एंट्री के साथ मशहुर अभिनेत्री रिंकू घोष इनका इंटरव्यू लेती है। हवेली के अंदर निरहुआ व पाखी की जबरदस्त स्वागत की जायेगी और फिर इनके सम्मान में घर के सदस्य नाच गाने का इंतेजाम करेगें, जिसमें खुद निरहुआ व पाखी भी ठुमके लगायेगें। वे अपने फिल्मों के हिट गानों पर खुलकर डाँस करेगें और खूब धमाल भी मचायेगें। पूरे मस्ती और आनंद के साथ निरहुआ-पाखी ‘‘बड़का साहब’’ के सदस्यों का दो दिनों की हसीना बना देगें। इसका प्रसारण ‘‘महुआ’’ पर शुक्रवार रात्रि 7.00 बजे किया जायेगा।

शुक्रवार, अगस्त 20, 2010

बनावटी होता है फ़िल्मी जीवन - बिपिन बहार

अपने क्षेत्र में नित नए प्रयोग करने के लिए मशहूर गीतकार - अभिनेता बिपिन बहार एक साल के एकांतवास के बाद फिर से भोजपुरी जगत में सक्रिय हो गए हैं। एक साल तक चुपचाप अपने काम में मशगूल रहे बिपिन की हाल ही में एक फिल्म भोजपुरिया डोन रिलीज़ हुई जबकि हाल ही में उन्होंने एक फिल्म करेंट मारे गोरिया का म्यूजिक देकर खुद को म्यूजिक डायरेक्टर की श्रेणी में भी खड़ा कर दिया । एक साल के इस बनवास के बाद आखिरकार पिछले दिनों वो मिडिया के समक्ष उपस्थित हुए। प्रस्तुत है बातचीत के अंश -

बिपिन जी एक साल तक एकांतवास में रहे कोई ख़ास वजह ....

मैं मुंबई में ही था। दरअसल मैं अपनी फ़िल्मी जीवन शैली से उब चूका था। बनावटी सब कुछ बनावटी है यहाँ और यही स्टेटस मुझे काफी परेशान कर रहा था। इसीलिए मैंने अपने आपको रिफ्रेश करने के लिए सबसे दूर रहना ही बेहतर समझा । मिडिया के हमारे मित्रो ने भी संपर्क किया तो मैंने चुप्पी साध ली।

इस दूरी से आपके काम पर कितना असर पड़ा ?

अच्छा सवाल है...आपने उस साधू की कहानी सुनी होगी जो बार बार बिच्छु द्वारा डंक मरे जाने के बाद भी उसे बचाता रहा था । असल में जिंदगी को देखने का अपना अपना एक नज़रिया होता है। बाहरी तौर पर भले ही मेरे काम का ग्राफ थोडा गिरा हो लेकिन आत्मिक संतुष्ठी और खुशियों का ग्राफ काफी बढा है। इस साल भर में मैंने कई रचनात्मक काम किये । मेरी पहली भोजपुरी कविता संग्रह थेथर मन प्रकाशन को तैयार है। महात्मा गाँधी की आतमकथा का अनुवाद पूरा हो चूका है। कुरआन - बाइबिल के भोजपुरी अनुवाद पर लगा हुआ हूँ। लेखन के अलावा मुंबई से सटे वसई के वालीव के अनाथाश्रम का भ्रमण भी काफी सुकून पहुचाया।

गीतकार से अभिनेता और अब संगीतकार .....

ऐसे किसी भ्रम में नहीं हूँ । गीतकार - संगीतकार या अभिनेता होना एक महान कार्य है। मैं ना तो गीतकार, संगीतकार और ना ही अभिनेता हूँ। मात्र चंद शब्दों की तुकबंदी जोड़ के रोटी कमाने की कला किसी को महान गीतकार नहीं बना सकती । हाँ अपने बारे में इतना भ्रम ज़रूर है की मैं एक अच्छा इंसान हूँ। रही बात अभिनय और संगीत निर्देशन की तो इसे छोड़ने पकड़ने जैसी कोई बात नहीं है। भोजपुरिया डोन में मेरे अभिनय की सराहना की जा रही है । मैं फिलहाल तीन चार फिल्मो का संगीत दे रहा हूँ जिसमे करेंट मरे गोरिया का काम पूरा हो चूका है।

भोजपुरी फिल्म जगत की वर्तमान हालत से आप कितना संतुष्ट हैं ?

बहादुर शाह ज़फर का मशहूर शेर है ....

ये चमन यूं ही रहेगा और हजारो जानवर , अपनी अपनी बोलिया सब बोल के उड़ जायेंगे

बहुत सुखद हालत में है भोजपुरी फिल्म जगत । रवि किशन, मनोज तिवारी, निरहुआ, पवन सिंह, की स्टारडम से फिल्म जगत उड़ान पर है। सुदीप पांडे, प्रवेश लाल, विनय आनंद, पंकज केसरी, उत्तम कुमार, दीपक दुबे जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों की लम्बी फेहरिस्त पाकर भोजपुरिया जगत इतर रहा है। एक और नए कलाकार मनोज पांडे ( निर्देशक राजकुमार पाण्डेय के भाई ) ने अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करायी है।

क्या राजनीति में भी किस्मत आजमाने का इरादा है ?

बिल्कुल नहीं, आज के सन्दर्भ में कहूँ तो नेता माने बेशर्म , जिसका कोई निश्चित चरित्र और सिद्धांत न हो । देश की साड़ी समस्याएं इन नेताओ की ही दें है। अभी देख लीजिये जाती आधारित जनगणना हो रही है । अगर उन्हें सचमुच विकास करना होता तो वे प्रति व्यक्ति आय पर आधारित जनगणना कराते।

अपने प्रशंसको के लिए क्या कहेंगे ?

कोई भी तकनिकी दक्षता इंसानियत से ऊपर नहीं है । अगर आपका पाप और अत्याचार इंसान के बस का नहीं रहता तो ज्यादा खुश मत होइए। आसमान बिजली गिराकर जला देता है, बादल फटने जैसी अकल्पनीय घटनाएं प्रकट होती है। सुनामी और ज्वालामुखी के रूप में परमेश्वर अपने ही बनाये चीज़ का नाश कर डालता है। अतः दुसरे को क्षति पहुचाये जीवन का आनद लीजिये।

बुधवार, अगस्त 18, 2010

पहली बार कश्मीर में होगी भोजपुरी फिल्म की शूटिंग



भोजपुरी फिल्मो के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब किसी फिल्म की शूटिंग कश्मीर में होगी। जी हाँ मारुती क्रियेशन के बैनर तले निर्माता रमन पंचौरी व आभा सिंह एवं निर्देशक टी .बौबी सिंह की फिल्म करेंट मारे गोरिया की शूटिंग जम्मू कश्मीर में की जायेगी। निर्माता रमन पंचौरी के अनुसार करेंट मारे गोरिया की आधी शूटिंग मुंबई में कर ली गयी है। फिल्म का शेष भाग कहानी की मांग के अनुसार कश्मीरी परिवेश की है इसीलिए हमने वास्तविक लोकेशन पर ही शूटिंग करने का फैसला किया है और हमें वहाँ के कुछ गणमान्य लोगो का सहयोग भी हासिल हो गया है। आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रो में शूटिंग कैसे संभव हो पायेगा ? यह पूछे जाने पर उन्होंने बताया की हमें कुछ इलाको में ही शूटिंग की अनुमति मिली है। उल्लेखनीय है की इस फिल्म से एक कश्मीरी अभिनेत्री रितु मेहरा भी भोजपुरी फिल्म जगत में कदम रख रही है। फिल्म की एक और विशेषता ये है की कई सफल फिल्मो का निर्माण कर चुके निर्देशक बौबी सिंह इस फिल्म से अभिनय के क्षेत्र में कदम रख चुके हैं। फिल्म के मुख्य कलाकारों में विरह सम्राट विजय लाल यादव, अजय दीक्षित , मॉडल से अभिनेत्री बनी महक मल्होत्रा, भोजपुरी की मशहूर लोक गायिका वर्षा तिवारी आदि शामिल हैं। बिपिन बहार के संगीत से सजी इस फिल्म के गीतकार बिपिन बहार, प्यारेलाल कवी जी और फणीन्द्र राव हैं। फिल्म की शूटिंग सितम्बर के दुसरे सप्ताह में जम्मू कश्मीर में होगी।

ब्लोक बस्टर रवि किशन



अगर मेहनत किया जाये तो सफलता आपके कदम चूमेगी ही। यह कहाबत इन दिनों पूरी तरह से लागू हो रही है भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन पर जिनकी इन दिनों हर फिल्म सफलता का परचम लहरा रही है। ना सिर्फ भोजपुरी बल्कि हिंदी फिल्म जगत और छोटे परदे पर भी रवि किशन का जादू सर चढ़ कर बोल रहा है। इस साल निर्देशक राजकुमार पांडे व निर्माता दिलीप जयसवाल की फिल्म देवरा बड़ा सतावेला से शुरू हुआ उनकी सफलता का सफ़र निरंतर जारी है। देवरा के बाद आई उनकी फिल्म बलिदान, सत्यमेव जयते और जरा देब दुनिया तोहरा प्यार में ने भी सफलता का इतिहास बनाया है। इसी शुक्रवार को रिलीज़ हुई राजकुमार पांडे की लहरिया लूटःराजा ने भी बॉक्स ऑफिस पर एतिहासिक शुरुवात की है। रवि किशन की इस साल आने वाली अन्य फिल्मो से भी ट्रेड विश्लेशको को अच्छी उम्मीद है। सिर्फ भोजपुरी ही नहीं हिंदी फिल्म जगत में भी रवि किशन का डंका बज रहा है। श्री अष्टविनायक की लक , श्याम बेनेगल की वेल डन अब्बा, मणिरत्नम की रावण के बाद रवि किशन अब जल्द ही नज़र आयेंगे सैफ अली खान की होम प्रोडक्शन फिल्म एजेंट विनोद में । अगले माह रिलीज़ हो रही इमोशनल अत्याचार में भी रवि किशन मुख्य भूमिका में हैं। कुल मिलकर यही कहा जा सकता है की रवि किशन भोजपुरी के इकलौते स्टार हैं जिसका सिक्का हर क्षेत्र में चल रहा है।

मंगलवार, अगस्त 17, 2010

अरे कहीं ये विक्रांत तो नहीं



शीर्षक पढ़कर आप सौंच रहे होंगे की आखिर भोजपुरिया स्टार विक्रांत सिंह के बारे में कहा क्या जा रहा है ? वैसे जो लोग भोजपुरी फिल्मो से ताल्लुक रखते हैं वो समझ ही गए होंगे की विक्रांत सिंह अब रोमांस के साथ साथ जबरदस्त एक्शन भी करने जा रहे हैं। दरअसल विक्रांत भोजपुरी के इकलौते चोकलेटी स्टार माने जाते हैं लेकिन इन दिनों वो फिल्मो में जबरदस्त एक्शन करते दिखाई देने वाले है और यही वजह है की आज भोजपुरी के सभी निर्माता - निर्देशकों में विक्रांत की नाम की चर्चा जोरो में हैं क्योंकि उनका अलग अलग अंदाज़ लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया है की किसी ख़ास इमेज में विक्रांत को बांधना ठीक नहीं है। भोजपुरी के प्रसिद्द निर्देशक जगदीश शर्मा की फिल्म कुरुक्षेत्र हो या चर्चित फिल्म गुंडई राज दोनों में ही विक्रांत का लुक अनोखा है। विक्रांत सिंह से जब उनके इस नए लुक के बारे में पुछा गया तो उन्होंने कहा की ये सब दर्शको का प्यार और हमारे निर्देशकों का आशीर्वाद है जिसके कारण हमें कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। विक्रांत ने बताया की उनकी आने वाली फिल्मो कुरुक्षेत्र गुंडई राज के अलावा अपने बेगाने व अखाड़ा में भी उनका नया अंदाज़ दर्शको को देखने को मिलेगा।

शनिवार, अगस्त 14, 2010

20 अगस्त को रिलीज होगी ‘‘लहरिया लूटऽ ए राजा जी’’



निर्माता-निर्देशक राजकुमार आर0 पाण्डे की रोमांटिक-एक्शन मयूजिक फिल्म ‘‘लहरिया लूटऽ ए राजा जी’’ आगामी 20 अगस्त से सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार हैं। आदिशक्ति एन्टरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत व साईदीप फिल्मस् के बैनर तले बनी इस फिल्म में भोजपुरिया सुपर स्टार रवि किशन व पाखी हेगड़े की हिट जोड़ी हैं। राजकुमार पाण्डे के निर्देशन में तैयार इस फिल्म को खुद उन्होंने ही निर्मित किया है फिल्म में मुख्य पात्रों में रवि किशन, पाखी हेगड़े, स्वामी वर्मा, प्रदीप पाण्डे ‘‘चिंटू’’, सुप्रेणा सिंह, आनंद मोहन, संजय पाण्डेय, बृजेश त्रिपाठी, गोपाल राय, अयाज़ खान, वंदनी मिश्रा, अवधेश मिश्रा व नया चेहरा मनोज पाण्डे हैं। मधुर व कर्णप्रिय गीतों से सजी इस फिल्म के गानें लिखे हैं विनय बिहारी , प्यारेलाल यादव, श्याम देहाती व गैरीश ने वही संगीत मधुकर आनंद का है। फिल्म के छायाकार प्रमोद पाण्डे, संपादक जीतेंद्र सिंह जीतू हैं।

चाईनीज निर्माता की भोजपुरी फिल्म ‘‘चुन्नू बाबू सिंगापुरी’’


भोजपुरी फिल्मों का स्वर्णिम दौर चल रहा है। इससे उत्साहित होकर अप्रवासी भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशी निर्माता भी भोजपुरी फिल्म निर्माण में दिलचस्पी ले रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला, पिछले दिनों मुंम्बई के अंधेरी स्थित काँसा रेस्टोरेंट में जब चाईनीज निर्माता के. एस टेंग व जैस्मिन चुआ ने अपनी फिल्म निर्माण कंपनी पोलानिया वत्स इन्टरटेनमेंट के बैनर तले भोजपुरी फिल्म ‘‘चुन्नू बाबू सिंगापुरी’’ का शानदार मर्हुत किया। गौरतलब है कि यह पहला अवसर होगा, जब कोई चाईनीज निर्माता भोजपुरी फिल्म निर्माण का रहा है। फिल्म के निर्देशन की कमान संभाली है मनोज श्रीपती झा ने जो इससे पहले ‘‘प्यार बिना चैन कहाँ रे’’ जैसी सुपरहिट फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म में ‘चुन्नी बाबू सिंगापुरी’ का टाईटल कैरेक्टर निभा रहे हैं विरेन्द्र के. पाण्डे वही इनकी नायिकायें हैं ‘‘हॉट गर्ल मोनालिसा’’ व ‘‘राखी त्रिपाठी’’। फिल्म में लोकगायक आनंद मोहन, पंकज त्रिपाठी, संजीव झा, बालेश्वर भी मुख्य भुमिकाएँ निभा रहे हैं। बकौल चुन्नी बाबू सिंगापुरी यानि विरेन्द्र पाण्डे यह मेरा बचपन का सपना था जो आज पूरा हो गया। चाईनीज निर्माता के. एस. टेंग व जैस्मिन चुआ ने आशा प्रकट की भोजपुरी इंडस्ट्री का पूरा सहयोग उन्हें मिलेगा। निर्देशक मनोज श्रीपती झा व टाईटल भूमिका प्ले कर रहे विरेन्द्र पाण्डे ने कहा की भोजपुरी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने की दिशा में ये पहला कदम है। फिल्म के निर्देशक मनोज श्रीपती ने बताया कि फिलहाल संगीत निर्देशक मनोज मतलबी के निर्देशन में गाने की रिकोर्डिंग की जा रही है। फिल्म के गीतकार राजेश मिश्रा, मनोज मतलबी, छायंाकन रंजन मिश्रा, लेखक सुरेन्द्र मिश्रा, संपादक विभूती भूषण व प्रचारक प्रशांत-निशांत हैं। फिल्म की शूटिंग अक्टूवर में सिंगापुर के मनोरम लोकेशनों पर की जाएगी।

पानी पर दौड़ेगा जूनियर निरहुआ!



आज तक आपने हीरो को हवा में उछल-उछल कर मारधार करते देखा होगा या फिर आग में जलकर नायिकाओं को बचाते हुए भी देखा होगा। किसी हीरो को आपने हेलिकोप्टर पर हैरतअंगेज कारनामों को अंजाम देते हुए भी देखा होगा, लेकिन पानी पर दौड़ते हुए क्या आपने किसी को देखा है। संभवतः नही, देखा होगा। लेकिन, तो अब आप देखीए भोजपुरी सिनेमा के यूथ्स सुपरस्टार जूनियर निरहुआ को पानी पर दौड़ते हुए! चैक गये ना। लेकिन ये बिल्कुल सच है। जूनियर निरहुआ अपनी आगामी फिल्म ‘‘दिल’’ में ये कारनामा करते नजर आयेगें। अभी हाल ही में इस दृश्य की शुटिंग हुई जिसमें की कॉलेज की लड़की बनी अदाकारा पाखी को इंप्रेश करने के लिए जूनियर निरहुआ पानी पर ही दौड़ने लगते है और साथ में ठुमके भी लगाते हैं। बकौल, जूनियर निरहुआ ‘‘इस दृश्य को फिल्माते वक्त मुझे काफी मजा आया और उम्मीद है की दर्शकों को भी ये काफी पसंद आयेगी। पूछे जाने पर ‘‘ये प्रस्ताव जब आया तो कैसा महसूस हुआ?’’ वे झट से बोलते है की ‘‘एक अभिनेता का काम निर्देशक की सोच को साकार करना होता है और मैने वही किया है। आगे वे कहते है कि ‘‘आज दर्शक वही पसंद करते है जो कि वे कल्पना कर सके। जिसे वे सहजतापूर्वक निभा सकते हैं वे कभी देखना भी नही चाहते। दर्शकों को वही अच्छा लगता है जो की उन्हें रोमांचक लगे। ‘‘दिल’’ का निर्माण ऋषि इंटरनेशनल के बैनर तले किया जा रहा है और इसकी शुटिंग पुरी हो चुकी है। ‘‘दिल’’ के निर्माता अशोक गुप्ता है। फिलहाल, जूनियर ‘‘दिल’’ के बाद ‘‘दुश्मनी’’ की शुटिंग की तैयारी में हैं। तो हो जाईए तैयार जुनियर निरहुआ के हैरतअंगेज कारनामा के दीदार के लिए।

बसंती की यादें ताजा करेंगी पाखी!


आपको तो ‘‘शोले’’ मूवी में हेमा मालिनी द्वारा निभाई हुई ‘‘बसंती’’ की चुलबुली किरदार तो जरूर याद होगी। ‘‘बसंती’’ की वह मस्त-मौला वाली जिंदगी, बेबाक बातचीत का अंदाज और उसका बिंदास स्टाईल! आप सबों के दिलों-दिमाग पर ये हर वक्त याद आ रहने वाला किरदार रहा है। लेकिन भाई! हम आखिर इसकी चर्चा क्यों कर रहे? तो जवाब है की इसी तरह का किरदार अब आपको भोजपुरी पर्दे पर नजर आने जा रहा है। जी हाँ, भोजपुरिया पर्दे पर प्रदर्शन को तैयार निर्माता-निर्देशक राजकुमार आर. पाण्डेय की ‘‘लहरिया लूटऽ ए राजा जी’’ में भोजपुरी फिल्मों की मशहूर अदाकारा पाखी हेगड़े ठीक इसी तरह की भूमिका निभाते नजर आने वाली है। पाखी इस फिल्म में एक ऐसी चुलबुली सी लड़की का किरदार निभा रही हैं जो की अपनी जिंदगी में मस्त मौला है, बिंदास स्टाईल वाली हैं और हाजिर जवाबी भी। वे फिल्म के नायक के पीछे हर वक्त पड़ी रहती है और उसे परेशान करती रहती हैं। इस फिल्म में पाखी के नायक की भूमिका में भोजपुरिया सुपरस्टार रवि किशन है, फिल्म में इन दोनों का ‘‘लव एंगल’’ दिखाया गया है।

भरत शर्मा ने बनाया मुंबई में बसेरा




भोजपुरी लोक गायिकी के भीष्म पितामह कहे जाने वाले प्रसिद्द लोक गायक भरत शर्मा व्यास ने अब बक्सर ( बिहार), बनारस , दिल्ली के बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी अपना बसेरा बना लिया है। इतना ही नहीं वे गायकी के साथ साथ अभिनय में भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में अखिल विश्व भोजपुरी समाज मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए भरत शर्मा ने पिछले दिनों अभिनेत्री ने निर्मात्री बनी नीतू चंद्रा की पहली भोजपुरी फिल्म देसवा के लिए एक गाना गया । इस दौरान उनसे हुई बातचीत में उन्होंने कहा की वे पिछले ३९ साल से भोजपुरी लोक गायकी से जुड़े हैं इस दौरान उनके गाये गीतों का ३०० अल्बम बाज़ार में आ चूका है। लगभग दो दर्ज़न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके भरत शर्मा भोजपुरी के चैनल महुआ, मैजिक टीवी पर भी नित अपने कार्यक्रम देते रहते हैं। महुआ टीवी के स्वतंत्रता दिवस स्पेशल कार्यक्रम में उन्होंने शमा बाँध दी । भोजपुरी के अन्य गायकों से अलग सादगी पसंद भरत शर्मा का कहना है की उन्होंने फिल्म जगत की चकाचौंध को अपने में आत्मसात करने के वजाए भोजपुरी लोक गीतों को उचित सम्मान दिलाने के लिए ही प्रयास किया । भरत शर्मा की इसी काबिलियत का ही नतीजा है की आज देश विदेश में होने वाले भोजपुरी के हर महोत्सव चाहे वो कजरी हो, फगुआ हो, निर्गुण हो या फिर पूर्वी हर जगह उनकी उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है। बहरहाल मुंबई में बसेरा बनाने से भोजपुरी फिल्म जगत को भरत शर्मा व्यास से ज़रूर फायदा होगा।

शनिवार, जुलाई 31, 2010

‘‘भईया के साली ओढ़निया वाली’’ का प्रदर्शन 6 अगस्त से


सुपरस्टार पवन सिंह और निर्माता आलोक कुमार की साथ वाली पहली भोजपुरी फिल्म ‘‘भईया के साली ओढ़निया वाली’’ अब बनकर तैयार है और आगामी 6 अगस्त से पूरे बिहार-यू.पी. के सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। संयोगिता फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म को निवोदित निर्देशक प्रेमांशु सिंह ने निर्देशीत किया है। पारिवारिक पृष्ठ भूमि पर बनी इस रोमांटिक इमोशनल लव स्टोरी में दर्शकों को एक्शन का भी तड़का देखने को मिलेगा। फिल्म में भोजपुरीया सुपरस्टार पवन सिंह, शुभी शर्मा, रजनीश मिश्रा, सोनाक्षी, सी.पी. भट्ट, अनूप अरोड़ा, किरण यादव, बजेश सिंह व दिपराज राणा मुख्य भूमिकाएं में है। 10 मधुर व कर्णप्रिय गीतों से सजी इस फिल्म के गानें लिखे हैं अशोक कु॰ दीप व प्यारे लाल यादव ने वही संगीत भी अशोक कु॰ दीप का है। फिल्म के कार्यकारी निर्माता ब्रजेश कुमार-विकाश कुमार, छायाकार हीरा सरोज, संपादक जितेन्द्र सिंह जीतू व नृत्य रामदेवन का है।

रवि किशन - पाखी फिर साथ-साथ


भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रविकिशन व स्टार अदाकारा पाखी हेगड़े की सुपरहिट जोड़ी एक बार फिर से भोजपुरिया पर्दे पर धमाल मचाने को तैयार है। ‘‘सईया से सोलह सिंगार’’ व ‘‘भूमिपुत्र’’ में देखी जा चुकी यह जोड़ी इस बार आदिशक्ति इन्टरटेनमेन्ट व साईदीप फिल्मस् के बैनर तले बन रही सुपरहिट निर्माता-निर्देशक राजकुमार पाण्डेय की नई फिल्म ‘‘लहरिया लुटड ए राजा जी’’ में नजर आएँगी। फिल्म में रवि-पाखी का रोमांटिक एंगल हैं। फिल्म में रवि-पाखी पर कई हाॅट व रोमांटिक दृश्य फिल्माया गया है। फिल्म में रविकिशन पाखी हेगड़े के साथ नवोदित मनोज पाण्डेय, सुप्रेणा सिंह, स्वाति वर्मा, ब्रजेश त्रिपाठी, आनंद मोहन, संजय पाण्डेय, गोपाल राय, वंदिनी मिश्रा, रत्नेश बरनवाल, अवधेश मिश्रा की मुख्य भूमिकाए हैं। फिल्म के गाने लिखें हैं विनय बिहारी, प्यारेलाल यादव, श्याम देहाती, गौरीश व राकेश निराला ने वही मधुर संगीत हैं मधुकर आनंद का। फिल्म के छायाकार प्रमोद पाण्डेय, कला इन्द्रजीत शर्मा, संपादक जितेन्द्र सिंह जीतू हैं। अभी फिल्म का पोस्ट प्रोडक्शन जारी है। फिल्म का प्रदर्शन अगस्त में होगा।

मनोज पाण्डे की दस्तक!


भोजपुरिया पर्दे पर जल्द ही एक मासूम सा नवजवान अपनी शानदार अभिनय और दिलकश आवाज के साथ कमाल की ड्रांसिंग से दिल जीतने आ रहा है। भगवान की दी हुई खूबसूरती और खुद को मेहनत से तारशने के बाद भोजपुरी सिनेमा में अगले महीने दस्तक देने को तैयार निवेदित अभिनेता मनोज पाण्डें। उत्तर प्रदेश की मिट्टी के मनोज को दर्शक फिल्म ‘‘लहरिया लूटड से राजा जी’’ में देखेगें जो कि अभिनय पारी की शुरूआत इस रोमांटिक एक्शन फिल्म से कर रहे हैं। मनोज इस फिल्म में एक कॉलेज युवक की भूमिका में जो बिंदास जिंदगी जीता है और कॉलेज की खूबसूरत लड़की से प्यार करता है। यह प्यार उसकी जिंदगी की राह को काँटो से भर देती है पर अपने प्यार को पाने की चाहत में वे सारे बाधाओं से लड़ पड़ता है। मनोज की नायिका के किरदार में सुप्रेना सिंह हैं और फिल्म में दोनों की जोड़ी बड़ी खूबसूरत हैं। आदि शक्ति एंटरटेनमेंट व साईद्वीप फिल्मस् के बैनर तले बनी इस फिल्म को भोजपुरीया पर्दे के सबसे सफल निर्देशक राज कुमार पाण्डे ने निर्मित व निर्देर्शीत किया है। मनोज पाण्डे निर्देशक राज कुमार पाण्डे के छोटे भाई हैं और उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने के पूर्व अभिनय, डांसिंग, फाईट इत्यादि कई बार किया के सीखा हैं। साथ ही साथ मनोज ने खुद 5 वर्षों तक अपने भाई राज कुमार पाण्डे व आनन्द डी गहतराज के साथ सह निर्देशक का कार्य कर कई टेकनिकल जानकारियाँ प्राप्त की है। मनोज पाण्डे के लिए सबसे खास बात यह है की फिल्म में वे सुपर स्टार रवि किशन व पाखी के साथ है। ‘‘लहरिया लूटड ये राजा जी’’ अब अपने प्रदर्शन के करीब है और जिन भी वितरको व फिल्म इन्डस्ट्री के जानकार लोगों ने मनोज पाण्डे को देखा है वे उनके अभिनय व डांसिंग की तारीफ में लगे हुए हैं। बकौल, मनोज पाण्डे ‘‘ये मेरे जिंदगी का सबसे बड़ा ब्रेक है और मैने काफी लगन से मेहनत की है। उम्मीद है कि दर्शको को जरूर पसंद आयेगी।

महुआ पर ‘‘मनोज तिवारी फिल्मोत्सव!


भोजपुरिया दर्शकों का पसंदीदा चैनल ‘‘महुआ’’ अपने दर्शकों के लिए भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टारों की बेहतरीन ब्लाकबस्टर फिल्मों का फिल्मोत्सव मनाने जा रहा है। इस दौरान हर हफ्ते एक नए सुपरस्टार के हिट फिल्मों की श्रृंखला पूरे 7 दिनों तक दिखाई जायेगी। अगस्त महीने से शुरू हो रही इस उत्सव में पहला हफ्ता भोजपुरीया दिलों की धड़कन मनोज तिवारी ‘‘मृदूल’’ के नाम होगा। 1 अगस्त से 7 अगस्त तक ‘‘महुआ’’ पर मनोज तिवारी की 15 बेहतरीन फिल्मों का दर्शक आनंद ले सकेगें। भोजपुरी सिनेमा को नए ऊचाईयाँ देने वाले और दशा-दिशा बदलने वाले मनोज तिवारी की इस फिल्मोउत्सव की शुरूआत 1 अगस्त को ‘‘बलमा 420’’ के प्रसारण के साथ होगी। फिर इसी दिन सध्या 7 बजे ‘‘पूरब’’ और रात्रि ‘‘बन्धन टूटे ना’’ का प्रसारण होगा। 2 अगस्त को दोपहर ‘‘मुन्ना पाण्डे बेरोजगार’’ व रात्रि ‘‘सौगन्ध’’ का दर्शक आनंद ले सकते हैं। 3 अगस्त को ‘‘देवा’’ व ‘‘पप्पू के प्यार हो गईल’’, 4 अगस्त को ‘‘जन्म जन्म के साथ’’ व ‘‘राजा ठाकुर’’, 5 अगस्त को ‘‘प्यार के बन्धन’’ व ‘‘धरतीपुत्र’’, 6 अगस्त को ‘‘दरोगा बाबू आई लव यू’’ एवं ‘‘ससुरा बड़ा पइसावाला’’ का दर्शक लुप्त उठा सकेगें। तो दर्शक हो जाईये तैयार ‘‘मनोज तिवारी’’ के हिट्स के दिदार के लिए।

सोमवार, जुलाई 19, 2010

अपनी मेहनत पर है भरोसा - रवि किशन


भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन की ख्याति आज चारो ओर फ़ैल रही है। भोजपुरी फिल्म जगत में पिछले दस साल से अपना जलवा बिखेर रहे रवि किशन ने हिंदी फिल्म जगत और छोटे परदे पर भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करवाई है। आज हालात ऐसे हैं की चाहे फिल्म हो टी वी हो , विज्ञापन हो या फिर स्टेज शो , हर जगह रवि किशन के नाम की ही चर्चा है। जहां तक भोजपुरी फिल्मो की बात है तो इस साल रिलीज़ हुई उनकी फिल्म देवरा बड़ा सतावेला इस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्म मानी जा रही है। इसके अलावा ९ जुलाई को बिहार में रिलीज़ हुई उनकी फिल्म सत्यमेव जयते और १६ जुलाई को रिलीज़ हुई जरा देब दुनिया तोहरा प्यार में रिकोर्ड तोड़ सफलता की और अग्रसर है। रवि किशन से उनके फ़िल्मी सफ़र , उनको मिल रही अपार सफलता और आगामी योजना पर उनसे विस्तृत बातचीत हुई. प्रस्तुत है कुछ अंश :
आज आप सफलता के उत्कर्ष पर हैं ...कैसा महसूस करते हैं जब आप आज और बीते पलों में फर्क महसूस करते हैं.
सफलता किसे अच्छी नहीं लगती , लेकिन मुझे ये कहने में कोई हर्ज़ नहीं है की इस सफलता को पाने के लिए किस तरह मेहनत की है मैंने। मुझे वो दिन भी याद है जब कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के बाहर घंटो खड़ा रहना पड़ता था लेकिन आज उसी कंपनी में लोग मेरा इंतज़ार करते हैं. कहने का मतलब ये है की एक बार अगर दर्शको ने आपको प्यार करना शुरू कर दिया तब आपके सारे बंद दरवाजे खुल जाते हैं. लोगो का नज़रिया आपके प्रति बदल जाता है.
सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे ?
बेशक अपने माता - पिता के आशीर्वाद और दर्शको को जिनकी बदौलत आज हर क्षेत्र के लोग मुझे सम्मान दे रहे हैं. सफलता के हकदार मेरा परिवार भी है जिन्होंने मेरे बुरे दौर में मुझे हौसला दिया जिससे मुझे नई शक्ति मिली .
लगातार चार सुपर हिट फिल्म आपने दी है , सुना है आपने अपनी कीमत बढ़ा ली है ? मैंने अपनी कीमत नहीं बढाई, मेरे निर्माता मेरी कीमत बढ़ा कर दे रहे हैं। जरा देब दुनिया तोहरा प्यार के निर्माता पवन शर्मा ने काफी ऊँची कीमत पर मुझे साइन किया है। और भी कई लोग खुद फोन कर ऊँची कीमत देने की बात कर रहे हैं.
क्या है इन फिल्मो में जो लोग दीवाने बने हैं ?
इस साल की सबसे बड़ी हिट देबरा बड़ा सतावेला है जिसमे मैंने अपनी पत्नी के प्यार में पागल पति की भूमिका में हूँ। उसके बाद मेरी फिल्म बलिदान रिलीज़ हुई है , जिसमे मैंने तीन अलग अलग किरदारों को जिया है, उनमे से मेरा पसंदीदा किरदार साठ साल के बूढ़े वाला किरदार है. अन्याय के खिलाफ उस बुजुर्ग द्वारा उठाया गया कदम आम लोगो के लिए प्रेरणा श्रोत बन गया है, बिहार में इस फिल्म को अच्छी सफलता मिली है और दर्शक इसे काफी पसंद कर रहे हैं. जहां तक सत्यमेव जयते की बात है तो मैं इसे एक परिपूर्ण फिल्म मानता हूँ. फिल्म में जहां जबरदस्त एक्शन है वहीँ भरपूर मसाला भी जो दर्शको को काफी पसंद आ रहा है. जहां तक जरा देब दुनिया तोहरा प्यार में की बात है तो ये एक लव स्टोरी है . सत्यमेव जयते से भोजपुरी जगत को एक नई अदाकारा मिल गया है. पटना की अक्षरा इस फिल्म से भोजपुरी फिल्म जगत में छा गयी है.
सत्यमेव जयते का अनुभव कैसा रहा ?
सत्यमेव जयते मेरे कैरियर की दस अच्छी फिल्मो में से एक है। इस फिल्म के निर्देशक बबलू सोनी के साथ मेरा काफी पुराना सम्बन्ध रहा है। भोजपुरी की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म कब होई गवना हमार में वो एसोसियेट डिरेक्टर थे। उन्होंने अपनी पहली फिल्म बांके बिहारी एम एल ए दूसरी बिहारी माफिया में भी मैं उनके साथ था . तकनिकी रूप से काफी मजबूत निर्देशक हैं बबलू . फिल्म के निर्माता अनिल सिंह मेरे बड़े भाई जैसे हैं . जहां तक अनुभव की बात है तो मरे लिए ये प्रोजेक्ट यादगार रहा , फिल्म की डिमांड के अनुसार काफी खर्च किया गया है. इस फिल्म से अनिल जी के साथ मेरा सम्बन्ध काफी मधुर हो गए हैं और हमलोग साथ मिलकर कुछ प्रोजेक्ट करने वाले हैं.
आप नई नई अभिनेत्रियो के साथ फिल्म करने के लिए जाने जाते हैं । इस साल तीन नई नई एक्ट्रेस को लांच कर चुके हैं क्या वजह है ?
( हँसते हुए ) हाँ ये सच है बलिदान में मेरे अपोजिट दुबई से आई अम्बिका थी वहीँ सत्यमेव जयते में अक्षरा और जरा देब....से शिखा ने भोजपुरी फिल्म जगत में कदम रखा है। वैसे मैं तो इसे इत्तिफाक मानता हूँ, भोजपुरी फिल्मो के मेरे दस साल के सफ़र में लगभग दो दर्ज़न अभिनेत्रियो ने अपने अभिनय की शुरुवात मेरे साथ की है।
भोजपुरी फिल्म जगत में पिछले दस साल से आपकी बादशाहत कायम है क्या कहेंगे ?
मैं इसे बादशाहत नहीं समझता , इसे अपने दर्शको फिल्म निर्माताओ और निर्देशकों का अपने प्रति प्यार समझता हूँ। मैं अपने निर्माताओं का उदाहरण देना चाहता हूँ बलिदान के निर्माता शाम परवानी एन आर आई हैं तो सत्यमेव जयते के निर्माता अनिल सिंह पेशे से भवन निर्माता और जरा देब के निर्माता पवन शर्मा बड़े उद्योगपति । उन लोगो का मेरे प्रति उनका प्यार ही है की उन लोगो ने जब फिल्म निर्माण की बात सोची तो मुझे पसंद किया।
आप भोजपुरी के साथ साथ हिंदी फिल्मो और टेलीविजन पर भी व्यस्त हैं फिलहाल कौन कौन सा प्रोजेक्ट कर रहे हैं ?
भोजपुरी की तो दर्ज़न भर फिल्मे मेरे पास है और रोज इसमें बढ़ोतरी हो रही है , हिंदी में भी कई बड़े प्रोजेक्ट हैं। जहां तक टेलीविजन की बात है तो जल्द ही राज पिछले जनम की शूटिंग शुरू होने वाली है। एक और बड़े चैनल के बड़े शो की बात चल रही है लेकिन समय के अभाव के कारण शायद ना कर पाऊं । भोजपुरी के चैनल महुआ पर सुर संग्राम भी कर रहा हूँ ।

गुरुवार, जुलाई 15, 2010

निर्देशक को अच्छा दर्शक भी होना चाहिए. - बबलू सोनी


भोजपुरी सिने कोर्ट में जिन निर्देशकों ने आते ही मास्टर ब्लास्टर की तरह दर्शकों के दिलों में नित नए कीर्तिमानों के साथ जगह बनानी शुरू कर दी उसमें बबलू सोनी का नाम सबसे ऊपर आता है। अपनी पहली फिल्म ‘‘बांके बिहारी एम।एल.ए’’ के साथ ही बबलू एक निर्देशक के रूप में भोजपुरी दर्शकों के दिलों पर छा गए। रवि किशन के अप्रतिम अभिनय को सोनी ने एक नया रंग, एक धारदार गति प्रदान कर दी और इस तरह बन गयी एक एक्शन ड्रामा जिसकी सबने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। बबलू सोनी को इस फिल्मने ही फिल्मोद्योग का व्यस्त निर्देशक बना दिया। फिल्म शुरू होने से पहले रवि किशन के फैन बबलू सोनी थे पर इस फिल्म के बनते-बनते रवि ही सोनी-सोनी करने लगे और दोनों की जाड़ी ने हमें दी ‘‘बिहारी माफिया’’। यह एक तरह से सोनी का सम्मान था और अब यह जोड़ी हैट-ट्रिक बना चुकी है ‘‘सत्यमेव जयते’’ के साथ। इसी फिल्म को लेकर बबलू सोनी से खुलकर बातें हुई। प्रस्तुत है बातचीत के सम्पादित अंशः
आप शुरू से ही सत्यमेव जयते की सफलता को लेकर निश्चिन्त थे , क्या वजह थी ?
सूरज की पहली रौशनी ही दिन कैसा होगा इसका अनुमान दे देता है. ऐसा ही इस फिल्म के साथ हुआ है. संतोष मिश्रा की दमदार स्क्रिप्ट , रवि किशन और अनुपम श्याम की जबरदस्त जुगलबंदी, नई अदाकारा अक्षरा की मासूमियत के साथ साथ रानी चटर्जी और स्वाति वर्मा जैसी भोजपुरी की नामचीन अदाकारा का आइटम नंबर इस फिल्म की सफलता की वजह है. जहां तक मेरी बात है तो मैंने इस फिल्म के निर्माण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी .
एक निर्देशक को किस चीज़ पर विशेष ध्यान देना चाहिए ?
एक अच्छा निर्देशक वही होता है जो एक अच्छा दर्शक होता है. इसके अलावा दृश्य को बेहतर बनाने के लिए यूनिट के हर सदस्यों के सुझाव को सुनना चाहिए. कभी कभी किसी का छोटा सा सुझाव भी आपकी फिल्म में जान दाल देता है.
आपकी हर फिल्म रवि के ही साथ होती है और हर फिल्म एक्शन ड्रामा ही है?
रविजी के साथ काम करना पहले एक सपना था, जो ईश्वरने बड़ी सरलता से, सहजता से पूरा कर दिया। उस फिल्म में काम करते-करते रविजी को मेरा काम और काम करने का तरीका इतना पसंद आया कि वहीं मेरी दूसरी फिल्म की प्लानिंग हो गयी। फिर यह एक संयोग भी है और मेरा सौभाग्य भी कि उन्होने लगातार तीसरी फिल्म मेरे साथ की। मैं उनका आभारी हूँ। दरअसल वो अपने निर्देशकों पर भरोसा करते हैं और उनके काम में किसी तरह की दखलंदाजी नहीं करते हैं. रही बात एक्शन ड्रामें की तो मेरी समझ से यह सेफ पारी खेलने के लिए सदाबहार विषय हैं। एक्शन कभी आऊटडेटेड नहीं होती।
‘सत्यमेव जयते’’ में ऐसा क्या है जिसे दर्शक इतना पसंद कर रहे हैं ?
यह एक ऐसे पुलिस आफिसर की कहानी है, जिसमें पिता का सपना ही था, उसे उस रूप में देखने का। वह सामान्य पुलिस अधिकारी नहीं, अंदर गांधी के विचारों का तेज है, जिस लेकर वह अन्याय की अंध गली में अकेले ही निकल पड़ता है। सत्य कभी हारता नहीं। हाँ सत्य का सामना सभी नहीं कर सकते। सच्चाई की राह आसान नहीं होती, मगर सत्य ही अंततः विजयी होता है। यह महज एक उक्ति नहीं, जीवन का सत्य है। हमारा नायक रवि किशन भी अंततः अनाचार कोसमाप्त कर देता है। रवि किशनजी ने इसे एक मिसाल बना दिया है।फिल्म में अक्षरा रवि जी की नायिका है जो पहली बार किसी फिल्म में अभिनय कर रही है . मुझे ख़ुशी है की अक्षरा के रूप में भोजपुरी फिल्म जगत को नगमा जैसी एक अदाकारा मिल गयी है. अनुपम श्याम फिल्म में खलनायक की भूमिका में हैं. बृजेश त्रिपाठी रवि किशन के पिता की भूमिका में हैं. श्रीमती रमादेवी प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता अनिल सूर्यनाथ सिंह हैं। विनय बिहारी और प्यारेलाल कवि द्वारा लिखे दस गीत हैं। जिसे राजेश-रजनीश ने बहुत ही मधुर धुन में रिकार्ड किया है।
और आइटम गीत ?
देखिए आप का जो इशारा है वह मैं समझ रहा हूँ। दिअर्थी संवाद तथा गीतों के भोंड़े फिल्मांकन को लेकर भोजपुरी फिल्में बदनाम हुई है। लेकिन इस फिल्म में आपकी राय बदल जायेगी। इसमें दो बड़ी हीरोइनों को हमने गाने में उतारा है। एक आइटम गीत रानी चटर्जी पर है, तो एक मुजरा स्वाति वर्मा पर। मैं निश्चिंत हूँ, दर्शकों को यह बहुत पसंद आयेगा। कानू मुखर्जी, दिलीप मिस्त्री और राम देवन ने नृत्य पर विशेष ध्यान दिया है.
निर्माता अनिल सिंह किस तरह फिल्म की सफलता को लेकर आश्वश्त थे.
अनिल जी जैसे निर्माता अगर भोजपुरी जगत में आये तो भोजपुरी फिल्मो का स्तर सुधर जाएगा. फिल्म निर्माण के पहले ही उन्होंने कहा था की मैं पैसा कमाने के लिए फिल्म नहीं बना रहा बल्कि मैं चाहता हूँ की मेरी फिल्म से उन दर्शको का झुकाव भी भोजपुरी की ओर हो जो फिलहाल इससे दूर हैं. अनिल जी ने फिल्म निर्माण के लिए मुझे खुली छूट दे दी थी. जब फिल्म बनकर तैयार हुई और उन्होंने देखते ही कहा था ...अब अगर फिल्म नहीं भी चली तो मुझे अफ़सोस नहीं होगा क्योंकि मैं जैसा चाहता था वैसी ही स्तरीय फिल्म बनी है. ये अनिल जी का भरोसा था की आज फिल्म सफलता का इतिहास कायम कर रही है.

उत्तम हुए लवी के दीवाने


भोजपुरी के पहले डांसिंग स्तर व सुपर स्टार मनोज तिवारी के भतीजे उत्तम कुमार इन दिनों भोजपुरी की हॉट अदाकारा लवी रोहतगी के गोरे गोरे गाल के दीवाने बन गए हैं. अपनी पहली ही फिल्म गोरकी पतरकी रे से भोजपुरिया फिल्म जगत में अपनी पहचान बना चुके उत्तम कुमार फिल्म जगत की कमसिन एक्ट्रेस के चाहेते बन गए थे लेकिन अब उत्तम खुद लवी के दीवाने बन गए हैं और इसकी वजह है इन दोनों के अभिनय से सजी फिल्म गोरिया के गोरे गोरे गाल. जी हाँ आर.एन.इंटरप्रयिजेज के बैनर तले निर्देशक एस.एस.ललित व निर्माता रवि शंकर तिवारी की इस बहुचर्चित फिल्म में दोनों का जबरदस्त रोमांस लोगो को देखने को मिलने वाला है. कुल ग्यारह मधुर गानों से सजी इस फिल्म के गीतकार बिपिन बहार, रासविहारी पाण्डेय व एस.एस.ललित हैं जिसे संगीतबद्ध किया है राजेश ललित व विनोद गोवार ने. अपनी इस नयी फिल्म से उत्साहित उत्तम कुमार कहते हैं गोरकी पतरकी रे की तरह इस फिल्म को भी भोजपुरी के युवा वर्ग काफी पसंद करेंगे. फिल्म में गोरकी पतरकी फेम रविशंकर तिवारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

भोजपुरिया वांटेड



सलमान खान की फिल्म वांटेड ने बिहार के दर्शको की जम कर वाह वाही लूटी थी , अब उसी तर्ज पर भोजपुरी की एक फिल्म सत्यमेव जयते भोजपुरिया दर्शको का दिल जीत रही है. नौ जुलाई को बिहार के मात्र सोलह सिनेमा घरो में रिलीज़ हुई इस फिल्म की मांग अचानक इतनी बढ़ गयी है की अगले सप्ताह इसके सिनेमाघरों की संख्या बढ़कर ३० हो गयी है और कई शहरो के सिनेमाघरों के मालिक फिल्म का बेसब्री से इन्तजार कर रहे हैं. श्रीमती रमा देवी प्रोडक्शन के बैनर तले निर्माता अनिल सूर्यनाथ सिंह व निर्देशक बबलू सोनी की इस फिल्म में भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन व नवोदित अक्षरा की रोमांटिक जोड़ी है , वहीँ खलनायक की भूमिका में हैं अनुपम श्याम जो इन दिनों छोटे परदे के धारावाहिक प्रतिज्ञा से दर्शको का दिल जीत रहे हैं. पेशे से भवन निर्माता अनिल सिंह अपनी पहली ही फिल्म की सफलता से काफी खुश हैं और कहते हैं जब मैंने फिल्म निर्माण का फैसला किया था और बड़ी बजट की फिल्म सत्यमेव जयते बनाने का फैसला किया तब सभी कहते थे पैसा कमाना है तो अश्व्लीलता से भरपूर फिल्म बनाऊ, लेकिन मैंने फैसला कर लिया था की ऐसी फिल्म बनाऊंगा जो भोजपुरी फिल्मो में मिशाल के रूप में याद की जाये. उन्होंने कहा की मैं पैसा कमाने के लिए भोजपुरी फिल्म जगत में नहीं आया था बल्कि अच्छी फिल्म बनाना ही मेरा मकसद है. निर्देशक बबलू सोनी ने इसे सच कर दिखाया .

सन्देश परक फिल्मे बनाता रहूँगा - अनिल सूर्यनाथ सिंह



भोजपुरी फिल्मो के बढ़ते दायरे ने विभिन्न क्षेत्र के लोगो को अपनी ओर आकर्षित किया है। कुछ लोग पैसा कमाने के चक्कर में इस क्षेत्र में आये तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका मकसद पैसा कमाना नहीं बल्कि अपनी मातृभाषा भोजपुरी का प्रचार प्रसार करना है। हालिया रिलीज़ सत्यमेव जयते के निर्माता अनिल सूर्यनाथ सिंह उन्ही में से एक हैं। उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जिले के बांस पाडा गाँव के मूल निवासी अनिल सिंह पेशे से भवन निर्माता हैं । भोजपुरी फिल्म जगत के लगभग सभी कलाकारों से अच्छे सम्बन्ध रखने वाले अनिल सिंह ने जब मनोरंजन के क्षेत्र में कदम रखा तब उन्होंने भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन को और बहुचर्चित निर्देशक बबलू सोनी को निर्माण की कमान सौंपी। भवन निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने के सम्बन्ध में अनिल सिंह से विस्तृत बातचीत हुई । प्रस्तुत हैं अंश:
आप जाने माने भवन निर्माता हैं , फिल्म निर्माण में कैसे आना हुआ ?
मैं मूलतः भोजपुरी भाषी हूँ। मुंबई में बरसो से रहने के बावजूद अपने परिवार के सदस्यों से मेरी बातचीत भोजपुरी में ही होती है । जाहिर है भोजपुरी के प्रति हमारे मन में अपार प्रेम है । एक बात हमें अक्सर अखरती थी की क्या भोजपुरी में ऐसी फिल्म क्यों नहीं बनती जिसको हम अपने परिवार के साथ साथ बैठ के देख भी सकें और हमारे युवा वर्ग को सन्देश भी मिले। इसी बीच रवि किशन जी से मेरी बात हुई और सत्यमेव जयते के निर्माण की योजना बनी । हमने अपनी माता श्री मति रमादेवी के नाम पर फिल्म निर्माण कंपनी का गठन किया और माता पिता के आशीर्वाद से फिल्म निर्माण में कूद पड़ा ।
किस तरह की फिल्म है सत्यमेव जयते ?
सत्यमेव जयते समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ एक जंग है। एक इमानदार जाम्वाज़ पुलिस अधिकारी को सिस्टम के खिलाफ आवाज़ उठाने में किन किन कठिनाइयों से लड़ना पड़ता है नेता और माफिया के गठजोड़ से समाज कितना त्रस्त रहता है इससे हम सभी वाकिफ हैं , ऐसे में आम लोग के बीच अगर कोई रहनुमा आ जाता है तो उनकी जिंदगी गुलज़ार हो जाती है। उसी की कहानी है सत्यमेव जयते ।
सुपर स्टार रवि किशन और निर्देशक बबलू सोनी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?
रवि किशन जितने अच्छे कलाकार हैं उतने ही अच्छे इंसान भी हैं । शूटिंग के दौरान कभी ऐसा नहीं लगा की वो इतने बड़े स्टार हैं , उन्होंने यूनिट के सारे लोगो को सपोर्ट किया । इतना ही नहीं मैंने उन्हें अपने साथी कलाकारों का सेट पर मार्ग दर्शन भी किया । अगर कोई स्टार इस तरह का व्यवहार करता है तो निःसंदेह इसका फायदा फिल्म को होता है। जहां तक बबलू सोनी की बात है तो मैं उन्हें उनकी पहली फिल्म बांके बिहारी एम्.एल.ए.से ही जानता हूँ। कमाल के टेक्नीशियन है वो। इतना ही नहीं कैमरे और एडिटिंग का भी उन्हें अच्छा ज्ञान है। यही वजह है की फिल्म के ट्रेलर पर ही लोग झूम जाते थे। जब फिल्म रिलीज़ हुई तो लोग इसे देखने के लिए टूट पड़े।
फिल्म का गीत संगीत कैसा है ?
हमने भोजपुरी की हित गानों की कोई कॉपी नहीं की है जैसा की अन्य भोजपुरी फिल्मो के गानों में होता है। हमारी कोशिश यही थी की संगीत हमारा इतना अच्छा हो की लोग इसकी कॉपी करे। मुझे ख़ुशी है की हम इसमें सफल रहे हैं। लोग फिल्म के गानों पर झूम रहे हैं । संगीतकार राजेश रजनीश ने काफी मेहनत की है। गीतकार विनय विहारी , प्यारे लाल कवी जी और जबरदस्त संवाद लिखने वाले संतोष मिश्र ने भी गीतों के साथ भरपूर न्याय किया है। सच कहा जाये तो सबने जी तोड़ मेहनत की है इस फिल्म के लिए। आज यही वजह है की फिल्म सफलता के पथ पर अग्रसर है।
अब आप फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उतर गए हैं तो आगे की क्या योजना है ?
मैं निरंतर फिल्म बनाता रहूँगा , एक फिल्म का तो प्री प्रोडक्शन का काम भी शुरू हो गया है । मेरी हमेशा कोशिश रहेगी की ऐसी फिल्म बनाऊं जिससे हमारे युवा वर्ग सिख ले सकें औरपरिवार के सभी सदस्य एक साथ फिल्म देख सके । कुछ चीजों को लेकर मेरा उद्देश्य बिल्कुल साफ़ है की मैं बाज़ार वाद के नाम पर पर कुछ भी ऐसी वैसी फिल्म फिल्म नहीं बनाऊंगा जिसका गलत असर भोजपुरिया समाज पर ना पड़े। इसके अलावा छोटे परदे यानि की टेलीविजन पर भी रवि किशन जी के साथ मिलकर धारावाहिक बनाने की योजना है।

शनिवार, जुलाई 10, 2010

"जरा देब दुनिया..." १६-जुलाई से बिहार में



भोजपुरी की बहुप्रतीक्षित पारिवारिक मनोरंजन फिल्म जरा देब दुनिया तोहरा प्यार में 16 जुलाई से बिहार के सिनेमाघरों में आ रही है. इस फिल्म के हिट आइटम गाने "गवने की पहली रतिया" और "मुर्गी जवानी में" तो अभी से सभी दर्शक गुनगुना रहे है. बड़े परदे पर रवि किशन और शिखा के बीच गरमा गरम रोमांस देखने के लिए सभी उत्सुक हैं. एक अलग किस्म के खलनायक की भूमिका में अवधेश मिश्रा का क्रोध और पागलपन से भरा रूप एक भयंकर लड़ाई और रक्तपात से मानो सिनेमा घर के मंच को आग लगा देता है. कोमल ढिल्लों का रंगीन अभिनय और उसके आकर्षक नृत्य तो दर्शकों चौंका देने वाले हैं. अन्य कलाकारों में ब्रिजेश त्रिपाठी, नीलिमा सिंह, सीमा सिंह, तसलीमा, फूल सिंह, विनोद मिश्र और शमीम खान भोजपुरी के जाने माने कलाकार हैं. अमरिकी डिजिटल तकनीक के साथ बनायी गयी यह फिल्म में एक रंगीन, कुरकुरे और अनोखे अनुभव से दर्शकों को प्रभावित करनेका वादा करती है, जो अब से पहले भोजपुरी फिल्मों में कभी नहीं देखा गया है. फिल्म दस गाने, पांच रोमांचक मारधाड़, परिवारिक खीचा-तान, प्रेम भरे दृश्य और गुदगुदी भरी सी.पी. भट्ट और ओमी की कॉमेडी के साथ एक पूर्ण मनोरंजन की सभी सामग्री से सजी है. राजेश-रजनीश द्वारा संगीत में भरी भोजपुरी मिटटी की मस्ती बॉलीवुड की तुलना में कई गुणों से श्रेष्ठ है. गानों को स्वर दिए है कल्पना, उदित नारायण, कविता निकम, मनोज मिश्र, राजेश झा और रजनीश मिश्र ने, और संगीत का वितरण टी-सीरिज कर रही है. लोगों का दिल बहलाने वाली रोमांचक मार-धाड़ का जिम्मा राम प्यारे यादव ने संभाला है - जिसमे में शामिल है लाठी-मुकाबला, कॉमेडी-फाईट, खंडर में खौफनाक लडाई और क्लईमेक्स की रोंगटे खड़े करनेवाली लड़ाई. राम देवन द्वारा शानदार नृत्य इस फिल्म के लिए एक जीत की लकीर हैं. संजय भंसाली और राम गोपाल वर्मा जैसे हिंदी फिल्मों के जाने माने लोगों के साथ काम करने वाले धीरज कुमार सिंह ने इस फिल्म के निर्देशन का भार संभाला है और उनका सहयोग दिया है अमरिकी फिल्मों की निर्देशिका तेजस्वी कदम ने. पन फिल्म प्रस्तुत जरा देब दुनिया तोहरा प्यार में एक ऐसा फ़िल्मी अनुभव है जो दर्शकों की उम्मीदों को बदलकर भोजपुरी फिल्म में मनोरंजन का एक नया दौर शुरू करने का वादा करता है.

शुक्रवार, जुलाई 09, 2010

सत्यमेव जयते की शानदार शुरुवात



बिहार पुलिस को सम्मान देने की बात कहने वाली निर्माता अनिल सिंह व भोजपुरी फिल्म जगत के मशहूर निर्देशक बबलू सोनी की बहुचर्चित फिल्म सत्यमेव जयते शुक्रवार को बिहार में रिलीज़ हुई , जहां दर्शको ने उसे हाथो हाथ उठा लिया है। इस फिल्म में भोजपुरी फिल्मों के सदाबहार सुपरस्टार रवि किशन मुख्य भूमिका में है। रवि किशन की भूमिका एक जांबांज पुलिस ऑफिसर की है जो भ्रष्ट नेता (रणधीर सिंह) व बाहुबली (अनुपम श्याम) के खिलाफ अकेले जंग छेड़ देता है। रवि किशन की जांबांजी से प्रेरित हो पुरा पुलिस फोर्स उनका साथ देता है। ‘‘सत्यमेव जयते’’ में रवि किशन के अपोजिट हैं नवोदित अदाकारा अक्षरा। निदेशक बबलू सोनी इसके पूर्व बांके बिहारी एम एल ए व बिहारी माफिया जैसी चर्चित फिल्म बना चुके हैं। फिल्म के सभी गाने इन दिनों भोजपुरी जगत में धूम मचा रही है। रवि किशन की भूमिका इस फिल्म में अद्वित्य है। खुद रवि किशन का कहना है की उनकी भूमिका व काम उनके बीस साल के कैरियर में उनके दस पसंदीदा किरदार में से एक है। फिल्म में दो आयटम सांग है जिसे भोजपुरी की चर्चित अदाकारा रानी चटर्जी व स्वाति वर्मा पर फिल्माया गया है।

शुक्रवार, जुलाई 02, 2010

शूटिंग रिपोर्ट- एस. जे. स्टूडियो में पधारे ‘‘रामपुर के लक्ष्मण’’


रामपुर का वासी हूँ मैं, लक्ष्मण मेरा नाम, सीधी-सादी बोली मेरी, सीधा-साधा काम। ‘ये गीत आज भी जब बजता है, तो संगीत प्रेमी झूमने लगते है और सामने झूमते हुए मटकने लगते हैं अपने डब्बू भाई अर्थात रणधीर कपूर। रणधीर की नायिका रेखा थी और कबाब में हडडी थे शत्रुघ्न सिन्हा। भोजपुरी में एन. सी. इंटरप्राइजेज के बैनर तले बन रही निर्माता चन्दन सिंह की यह फिल्म उसी शत्रु भईया की दिलकश अदाकारी को समर्पित है। इस फिल्म के निर्देशक हैरी फर्नाडीस हैं और ‘‘रामपुर के लक्ष्मण’’ डब्बू अपने रविकिशन हैं। लेकिन सब कुछ साम्य दिखने के बावजूद इस फिल्म की कथा-पटकथा का उस फिल्म से कोई लेना-देना नहीं है। इसी फिल्म के पहले दिन की शूटिंग शुरू हुई साकीनाका (मुंबई) के एस. जे. स्टूडियों में...जहाँ पधारे विशिष्ट वेषभूषा में भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन और तीन हसीनाएं एक-एक कर उनके पहलू में आ गयी। ‘तेरे नाम’ के गेट अप में रवि बिल्कुल पुजारी दिख रहे थे। और इनकी हसीनाओं में पहले आयी संगीता तिवारी जो पहले ‘‘ए बलम परदेसी’’ में इनकी नायिका रह चुकी थी। दूसरी थीं दिव्या द्विवेदी जो ‘‘गंगा जईसन पावन पिरितिया हमार’’ में रवि के साथ थी। तीसरी अक्षरा के अभिनय जीवन का शुभारंभ ही रविकिशन के साथ हुआ। लक्ष्मण की भूमिका कर रहे, रविकिशन इन सुन्दरियों के साथ किशन कन्हैया के रूप में आनंद ले रहे थे। अरे हाँ, एक चैथी नायिका भी है, उस सुन्दरी की तो चर्चा ही नहीं हुई। वह है- गुंजन पंत। रवि किशन जुल्म-ओ सितम के शिकार व्यक्ति हैं और उन्हें इंतजार है, सही मौके का ताकि बदले की आग की धधकती ज्वाला शांत हो सके। इसमें दूसरे नायक सिकन्दर खरबंदा हैं जो पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में है। फिल्म के निर्देशक हैरी फर्नाडीस जो इससे पहले भूमिपूत्र, विधाता, आज के करण-अर्जुन जैसी फिल्में दे चुके हैं बताते हैं कि इस बिग-बजट फिल्म में वह सब कुछ होगा जो एक मसाला फिल्म में होता है। पहले दिन की शुटिंग में हॉस्पिटल का दृश्य है। रवि की माँ गंभीर रूप से बीमार है। वह इसी सिलसिले में अस्पताल पहुँचे है। जहाँ उनकी माँ (माया यादव) का इलाज डा. बने अनुप अरोड़ा और लेड़ी डॉक्टर बनी दिव्या द्विवेदी कर रही है। एक दो टेक के बाद शोट ओ. के होता है। फिल्म के निर्माता चंदन सिंह जो इससे पहले रविकिशन के साथ ही राम-बलराम जैसी फिल्म बना चुके हैं, के अनुसार यह एक मर्डर मिस्ट्री थ्रिलर है। जो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेगी। फिल्म में दस गाने हैं जिन्हें लिखा है, प्यारे लाल यादव कवि, सचिदानंद कवच, राकेश सिंह, संतोषपुरी और श्याम देहाती ने वहीं मधुर संगीत दिया है गुणवंत सेन ने। फिल्म में सुपरस्टार रवि किशन के साथ सिकन्दर खरबंदा, अक्षरा, गुंजन पंत, संगीता तिवारी, दिव्या द्विवेदी, अनुप अरोड़ा, माया यादव, ब्रिजेश त्रिपाठी, मुश्ताक खान, समीर खान, अवधेश मिश्रा व अनारा गुप्ता हैं । फिल्म के कथा-पटकथा लेखक हैरी फर्नाडीस, संवाद के. मनोज सिंह, एक्शन आर. पी. यादव, कला विजय दास, छायाकार प्रमोद पाण्डे, नृत्य-निर्देशक रिकी गुप्ता, पप्पू खन्ना, दिलीप मिस्त्री, रामदेवन, कार्यकारी निर्माता जान चेरियन हैं।

दो ठाकुरों की पुश्तैनी दुश्मनी के बीच‘‘प्यार हो जाला’’


हीरा फिल्म एंटरटेन्मेंट के बैनर तले बन रही निर्माता सर्वेश सैनी की भोजपुरी फिल्म ‘‘प्यार हो जाला’’ दो ठाकुर परिवारों के बीच पीढ़ियों से आ रही शत्रुता के बीच पनपी प्रेम-कहानी है, जिसे के.डी. सिंह के साथ निर्देशित कर रहे हैं, जानेमाने कैमरामैन हीरा सरोज। इस फिल्म में हीरा की खूबसूरत फोटोग्राफी के साथ-साथ उनका कुशल निर्देशन भी देखने को मिलेगा। इस एक्शन लव-स्टोरी ‘‘प्यार हो जाला’’ में दो राजपूत परिवार हैं। एक मंे जसवन्त सिंह (अवधेश मिश्र) और बलवन्त सिंह (एजाज खान) हैं। इनके साथ बलवंत की पत्नी (रितु पांडे) और इनकी लाडली बहन लाली (कोमल ढिल्लन) रहती हैं। उधर दूसरा परिवार है विजय सिंह (जफर खान) और सूरज सिंह (सर्वेश सैनी) का। सूरज को लाली से प्यार हो जाता है। अब चूंकि दोनों परिवार एक दूसरे के पुराने शत्रु हैं, सो भूचाल जैसी स्थिति तो बनेगी ही। प्यार दीवाना होता है! पर, आगे क्या होता है, इसके लिए आप सिनेमाघर में देखेंगे-‘प्यार हो जाला’, जिसके सह-निर्माता अखिलेश सैनी हैं। कहानीकार व संगीतकार अशोक कुमार ‘दीप’ हैं। और गीतकार हैं अशोक कुमार ‘दीप’ एवं प्यारेलाल यादव। नृत्य राम देवन का है व एक्शन आर.पी. यादव का।सर्वेश सैनी, कोमल ढिल्लों, अवधेश मिश्र, एज़ाज़ खान, जफ़र खान, हीरा यादव, सी.पी. भट्ट और किशोर भानुशाली मुख्य कलाकार हैं और आईटम गर्ल हैं सीमा

बिहार पुलिस का मनोबल बढ़ाने आ रहा है ‘‘सत्यमेव जयते’’


आम तौर पर भोजपुरी फिल्मों में लटके-झटके, द्विअर्थी संवादों का बोलबाला रहता है। संदेशपरक फिल्मों का अभाव रहता है, लेकिन निर्माता अनिल सिंह व भोजपुरी फिल्म जगत के मशहूर निर्देशक बबलू सोनी लेकर आ रहे हैं एक ऐसी फिल्म जो ना सिर्फ समाज की गंभीर समस्याओं पर प्रहार करती है, बल्कि पुलिस फोर्स का मनोबल भी बढ़ाती है। ‘‘सत्यमेव जयते’’ नाम की इस फिल्म में भोजपुरी फिल्मों के सदाबहार सुपरस्टार रवि किशन मुख्य भूमिका में है। रवि किशन की भूमिका एक जांबांज पुलिस ऑफिसर की है जो भ्रष्ट नेता (रणधीर सिंह) व बाहुबली (अनुपम श्याम) के खिलाफ अकेले जंग छेड़ देता है। रवि किशन की जांबांजी से प्रेरित हो पुरा पुलिस फोर्स उनका साथ देता है। ‘‘सत्यमेव जयते’’ में रवि किशन के अपोजिट हैं नवोदित अदाकारा अक्षरा। निदेशक बबलू सोनी के अनुसार सत्यमेव जयते मनोरंजन से भरी एक संपूर्ण भोजपुरी फिल्म है। फिल्म के सभी गाने गर्णप्रिय है। जिसे संगीतबद्ध किया है राजेश-रजनीश ने। फिल्म में दो आयटम सांग है जिसे भोजपुरी की चर्चित अदाकारा रानी चटर्जी व स्वाति वर्मा पर फिल्माया गया है। ‘‘सत्यमेव जयते’’ आगामी 9 जुलाई को रिलीज हो रही है। फिल्म के अन्य मुख्य कलाकारों में ब्रजेश त्रिपाठी, मनोज द्विवेदी, हरिशरण, सुनील बिहारी आदि शामिल है।

गुरुवार, जुलाई 01, 2010

ओनर किलिंग अब रूपहले परदे पर


पश्चिम उत्तरप्रदेश व हरियाणा में अभिशाप बनकर उभरी समस्या ओनर किलिंग अब जल्द ही रूपहले परदे पर नज़र आने वाला है। पेशे से चिकित्सक डॉक्टर अनुराग विश्नोई ने इस अभिशाप का सच आम लोगो को बताने का निर्णय लिया है। अपनी फिल्म निर्माण कंपनी अनुश्री मिडिया के बैनर तले उन्होंने परंपरा - ओनर किलिंग नाम की फिल्म बनाने की घोषणा की है। मूलतः पश्चिमी उत्तरप्रदेश के धामपुर निवासी डॉक्टर विश्नोई ने इस फिल्म के लिए भोजपुरी के चर्चित निर्देशक बोबी सिंह को निर्देशन की कमान सौपी है। बोबी सिंह के अनुसार परंपरा की कथा खुद डॉक्टर विश्नोई ने लिखी है। फिल्म के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा की डॉक्टर विश्नोई लम्बे अरसे से इस विषय पर रिसर्च कर रहे थे। इज्जत के नाम पर अपनों की हत्या को किसी हद तक जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है। लोग इज्जत के नाम पर अपना खून तो बहा देते हैं लेकिन जब इज्ज़त का नशा उतरता है तो सिवाए पछताने के कुछ भी नहीं रहता है। उल्लेखनीय है की बोबी सिंह भोजपुरी में मंगलसूत्र, दामाद जी सहित लगभग आधा दर्ज़न सुपर हिट भोजपुरी फिल्मो का निर्माण कर चुके हैं। यही नहीं उन्होंने अपनी फिल्म गोबर सिंह में कांग्रेसी नेता कृपा शंकर सिंह को भी बतौर अभिनेता उतारा है। बोबी सिंह ने निर्देशन के साथ साथ अभिनय के क्षेत्र में भी कदम रख दिया है और उनकी फिल्म करेंट मारे गोरिया की शूटिंग शुरू हो चुकी है। बोबी सिंह के अनुसार किरदारों का चयन इसी माह कर जल्द ही शूटिंग शुरू कर दी जायेगी।