बुधवार, फ़रवरी 17, 2010

अमेरिकन कंपनी की प्रेम कहानी ।



आम तौर पर भोजपुरी फिल्म के दीवानों की पहली पसंद एक्शन फिल्मे होती है, लेकिन भोजपुरी फिल्म निर्माण में उतरी अमेरिकन फिल्म कंपनी पन फिल्म्स जल्द ही इस धारणा को बदलने वाली है। पन फिल्म्स की पहली भोजपुरी फिल्म जरा देव दुनिया तोहरा प्यार में प्रेम कथा पर आधारित ऐसी फिल्म है जिसे देख कर यश राज फिल्म्स के बन्नेर तले बनी दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे की याद दर्शको को आ जायेगी और शायद इस फिल्म से भोजपुरी फिल्मो में भी प्रेम कहानियो का चलन शुरू हो जाएगा। ऐसी बात नहीं है की भोजपुरी फिल्म जगत में प्रेम कहानियो को प्रमुखता नहीं डी जाती है लेकिन अच्छी और स्तरीय प्रेम गाथो का यहाँ हमेशा अभाव रहता है। अवार्ड विनिंग फिल्म फॉरचुन टेलर सहित सात बेहतरीन फिल्मो का निर्माण कर चुकी इंडो - अमेरिकन कंपनी पन फिल्म्स की इस फिल्म में भोजपुरी के सुपर स्टार रविकिशन एक ऐसे प्रेमी की भूमिका में हैं जो अपनी प्रेमिका शिखा को पाने के लिए हद से गुजरने के लिए तैयार रहता है। फिल्म को निर्देशित कर रहे हैं धीरज सिंह जिन्होंने राम गोपाल वर्मा सहित हिंदी के कई दिग्गजों के साथ काम किया है। रेड वन कैमरे से शूट हुई भोजपुरी की इस पहली फिल्म के निर्माता पवन कुमार शर्मा हैं जबकि फॉरचुन टेलर की निर्देशिका तेजस्वी कदम भी इस फिल्म को तकनिकी रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए एसोसियेट निर्देशक की भूमिका में हैं। फिल्म के अन्य कलाकारों में ब्रिजेश त्रिपाठी, कोमल ढिल्लन, अवधेश मिश्रा, फूल सिंह, सीमा सिंह, नीलिमा सिंह, विनोद मिश्रा, शमीम खान, सी.पी.भट्ट, आदि हैं । फिल्म के संगीतकार राजेश- रजनीश, गीतकार विनय बिहारी, पटकथा व संवाद लेखक सुरेंदर मिश्र हैं।

बुधवार, फ़रवरी 10, 2010

अठारह मिनट का गाना



बरसो पहले सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म नमक हलाल में दस मिनट का एक गाना फिल्माया गया था , जो चर्चा का विषय तो बना ही था साथ ही उस गाने को सबसे लम्बे फ़िल्मी गाने का खिताब भी हासिल हो गया था, लेकिन अब वो खिताब हासिल हो गया है भोजपुरी फिल्म के एक गाने को। जी हाँ अपूर्वा फिल्म्स कम्बाइन संजय सिन्हा प्रस्तुत निर्मात्री मोनिका सिन्हा और निर्देशक विष्णु शंकर वेलु की फिल्म गठबंधन प्यार के में ये कारनामा हुआ है। मजे की बात तो यह है की पूरा गाना परदे पर सुपर स्टार पवन सिंह और अभिनेत्री रिंकू घोष पर फिल्माया गया है और फिल्म के लगभग सभी कलाकार इन गानों में हैं। निर्मात्री मोनिका सिन्हा व निर्देशक वेलु से जब इस बारे में पुछा गया की आखिर इतना लम्बा गाना फिल्म में डालने की पीछे वजह क्या थी ? उन्होंने बताया की भोजपुरिया समाज की शादी का अपना एक अलग महत्त्व है और हर विधि का अपना एक गाना होता है। हल्दी लगने से लेकर विदाई तक के गाने महिलाए गाती है और यह सिलसिला सदियों से चला आ रहा है । चूँकि गठबंधन प्यार के में भोजपुरिया संस्कारों की भरपूर झलक है इसीलिए हमने इस गाने को अपने फिल्म में शामिल किया है। गाने की शुरुवात रिंकू घोष की हल्दी के साथ होता है इसके बाद बारात , जनमासा , पर्छावन , बिदाई आदि का गाना शामिल है। गठबंधन प्यार के में भोजपुरी के लोकप्रिय लोक गायक छोटू छलिया, कल्लू सहित कई नामी गायक अभिनय कर रहे हैं।

मंगलवार, फ़रवरी 02, 2010

प्यारे मोहन सहाय का निधन




पटना, संवाददाता : प्रख्यात रंगकर्मी एवं सिने कलाकार प्यारे मोहन सहाय नहीं रहे। उनका निधन सोमवार की देर शाम मगध हास्पिटल के आईसीयू यूनिट में हो गया। वे 80 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया g जाएगा। उनके निधन की खबर से बिहार के समस्त सिने कलाकारों, रंगकर्मियों और संस्कृतिकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई है। राजधानी के कई रंगकर्मी और कलाकार मगध हास्पिटल पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। 13 मई,1929 को मुजफ्फरपुर में जन्मे प्यारे मोहन सहाय ने दूरदर्शन से प्रसारित लोकप्रिय सीरियल में बजरंगी लाल की मुख्य भूमिका में सहज अभिनय से छोटे पर्दे के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया था और ढेरों प्रशंसा बटोरी थी। वे अपने पीछे धर्मपत्नी मिथिलेश सहाय, पुत्र बसंत कुमार और गिरीश कुमार, पुत्री राधा सिन्हा, लक्ष्मी सिन्हा, नीलम सिन्हा और रूपम सिन्हा समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए। सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित एवं प्रकाश झा निर्देशित दामूल और गिरीश रंजन निर्देशित कल हमारा है में मुख्य खलनायक की सशक्त भूमिका निभाने की वजह से प्यारे मोहन सहाय को देशभर में अपार शोहरत मिली थी। हालांकि एक सशक्त कलाकार के रूप में उन्होंने भ्रष्टाचार, रणभूमि और मृत्युदंड समेत तीन दर्जन से अधिक हिन्दी एवं क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों में अमिट छाप छोड़ी। भारतीय रंगमंच के उन्नयन के लिए जब नेशनल स्कूल आफ ड्रामा (एनएसडी) की स्थापना हुई तो उसके पहले बैच (वर्ष 1959-61) के छात्र बनने का गौरव भी प्यारे मोहन सहाय की वजह से बिहार को प्राप्त हुआ। तब 1961 में एनएसडी ने इन्हें बेस्ट एक्टर का किलोस्कर एवार्ड से सम्मानित किया था। मगध हास्पिटल में प्यारे मोहन सहाय के छोटे पुत्र गिरीश कुमार ने बताया, 21 जनवरी को पेशाब में रुकावट की शिकायत आने पर पापा को भ‌र्त्ती कराया था, किंतु 22 जनवरी को उन्हें हार्ट अटैक आया और फिर 26 जनवरी को दोबारा हर्ट अटैक आने पर वे अचेतावस्था में चले गए। सोमवार की शाम में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।

शनिवार, जनवरी 30, 2010

समाचार चैनल ने किया रविकिशन का मोबाईल हैक



एक निजी समाचार चैनल ने भोजपुरी फिल्मो के सुपर स्टार रविकिशन का मोबाइल नंबर हैक कर लिया और खुद उनके ही नंबर से उन्हें फोन कर उन्हें अचरज में डाल दिया । यही नहीं चैनल ने उनके मोबाइल के फ़ोन बुक से नंबर लेकर उन्हें फ़ोन भी किया गया। हुआ यूँ की समाचार चैनल न्यूज़ २४ ने साइबर क्राइम पर दो घंटे की एक स्टोरी तैयार की थी , वो बताना चाहते थे की आज की तारीख में किसी का भी मोबाइल का नंबर दुरूपयोग हो सकता है। शुक्रवार की रात चैनल ने उन्हें खुद उनके नम्बर से फोन किया । रविकिशन अचरज में पड़ गए की ऐसा कैसे हो सकता है। यही नहीं उसके बाद रविकिशन के फ़ोन पर सम्भावना सेठ , दलेर मेहंदी का भी फोन आया , लेकिन सारे फ़ोन न्यूज़ चैनल के दफ्तर से हो रहे थे। रवि ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा की मैं हैरत में हूँ की ऐसा कैसे हुआ । इस तरह तो कोई भी किसी को बदनाम कर सकता है। किसी भी नामचीन लोगो की इज्जत नीलाम हो सकती है । यही नहीं आतंकवादी इसे देश को तबाह करने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। इस घटना से परेशान रविकिशन ने तो पहले न्यूज़ चैनल को इस खुलासे के लिए बधाई दी, फिर अपने कई राजनितिक दोस्तों से फोन पर बात कर इस मुद्दे को संसद में उठाने की मांग की ।


सोमवार, जनवरी 25, 2010

गोविंदा के हाथो ननिहाल का भव्य मुहूर्त


ट्वेंटी फॉर कैरेट क्रिएशन के बैनर तले बन रही भोजपुरी फिल्म ननिहाल का भव्य मुहूर्त मुंबई के ट्रिनिटी स्टूडियो में संपन्न हुआ। ननिहाल का मुहूर्त कई कारणों से यादगार रहा क्योंकि मशहूर अभिनेता गोविंदा ने जहां नारियल तोड़ कर फिल्म की शुरुवात की वहीं फिल्म का पहला गाना उनके भाई कीर्ति कुमार की आवाज़ में रिकार्ड किया गया। इस गाने को स्वरवद्ध किया है संतोष सिंह ने और सुरवद्ध किया है राजेश गुप्ता ने। कीर्ति कुमार ने अपना अंतिम गाना बीस साल पहले फिल्म राधा का संगम के लिए गाया था और इस गाने में उनका साथ दिया था स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने। इसी फिल्म में उन्होंने अभिनय भी किया था। लम्बे अरसे के बाद एक बार फिर कृति कुमार अपने अभिनय व गायन की पारी खेलने जा रहे हैं फिल्म ननिहाल से । ट्वेंटी फॉर कैरेट क्रियेशन के बैनर तले बन रही ननिहाल का निर्माण मृदुल सिंह, रिनू सिंह व निर्देशन अरुण भोसले व राकेश सिंह कर रहे हैं। बतौर निर्देशक अरुण भोसले की यह पहली भोजपुरी फिल्म है, इसके पहले वे मराठी फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं और भरत रंगाचार्य , राज़ सिप्पी , ऋषिकेश मुखर्जी, कृति कुमार सहित कई नामी निर्देशकों के साथ काम कर चुके हैं। ननिहाल में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं भोजपुरी के सुपर स्टार विनय आर.आनद , राकेश पांडे, मोनालिसा , ब्रिजेश त्रिपाठी, प्रमोद सिंह और कृति कुमार । फिल्म की कथा सुरेश वाल्मीकि ने, पटकथा और संवाद सुरेश वाल्मीकि और राकेश सिंह ने लिखी है। निर्देशक अरुण भोसले व् राकेश सिंह के अनुसार ननिहाल एक साफ़ सुथरी पारिवारिक फिल्म है, जो बनते बिगरते रिश्तो पर आधारित है। फिल्म की शूटिंग मार्च में वाराणसी में शुरू हो रही है।

कीर्ति कुमार की गायन व अभिनय में वापसी



हत्या , प्यार दीवाना होता है, आंटी नंबर वन सहित कई फिल्मो के निर्देशन के साथ साथ कई फिल्मो के गाने गा चुके और अभिनय कर चुके कीर्ति कुमार लगभग बीस साल बाद गायन व अभिनय के क्षेत्र में वापसी कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले कृति कुमार ने भोजपुरी फिल्म ननिहाल के लिए गाना गया। इस गाने को स्वर वद्ध किया है संतोष सिंह ने और सुरवद्ध किया है राजेश गुप्ता ने। ट्वेंटी फॉर कैरेट क्रियेशन के बैनर तले बन रही ननिहाल का निर्माण मृदुल सिंह, रिनू सिंह व निर्देशन अरुण भोसले व राकेश सिंह कर रहे हैं। उल्लेखनीय है की मशहूर अभिनेता गोविंदा के बड़े भाई कीर्ति कुमार ने अपना अंतिम गाना फिल्म राधा का संगम के लिए गाया था और इस गाने में उनका साथ दिया था स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने। इसी फिल्म में उन्होंने अभिनय भी किया था। बतौर निर्देशक उनकी आखिरी फिल्म सुख थी। लम्बे अरसे के बाद एक बार फिर कीर्ति कुमार अपने अभिनय व गायन की पारी खेलने जा रहे हैं। उनके गाने की रिकार्डिंग के साथ ही फिल्म की शुरुवात भी हुई। इस अवसर पर अभिनेता गोविंदा, वरिष्ट अभिनेत्री कुमकुम , ननिहाल के हीरो विनय आर.आनद, अभिनेत्री मोनालिसा, राकेश पांडे, ब्रिजेश त्रिपाठी और ननिहाल से जुड़े सारे लोग मौजूद थे।

रविवार, जनवरी 24, 2010

अनाथ बच्चो के हाथो फिल्म का म्यूजिक रिलीज़



आम तौर पर किसी भी फिल्म का म्यूजिक किसी न किसी बड़े स्टार या नामी हस्तियों द्वारा रिलीज़ किया जाता है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है की किसी फिल्म का म्यूजिक हिन्दू और मुस्लिम दो अलग अलग कौम के अनाथ बच्चो द्वारा रिलीज़ किया गया। जी हाँ न्यू फेस ऑफ़ इंडिया प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित फिल्म न्यू फेस ऑफ़ इंडिया का मकसद ही गरीब अनाथ बच्चो को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। यही वजह है की फिल्म का म्यूजिक सूरज और इस्माइल नाम के दो अनाथ बच्चो द्वारा रिलीज़ किया गया। फिल्म के निर्माता एम.एस.खतीब और निर्देशक एम.एस.खतीब एवं रमेश शर्मा हैं। एम.एस.खतीब ने बताया की आम तौर पर फिल्म निर्माण का मकसद पैसा और नाम कमाना है, लेकिन हमारा मकसद फिल्म से आये पैसो को गरीब और अनाथ बच्चो के भविष्य का निर्माण करना है। उन्होंने बताया की फिल्म का नाम भी इसी उद्देश्य से रखा गया है क्योंकि हम जरुरत मंद बच्चो की पढाई लिखाई में योगदान देकर उन्हें अपने देश का नया चेहरा बनाना चाहते हैं। देश की सामजिक समस्याओ का भी इस फिल्म में बखूबी चित्रण किया गया है। हम लोग आतंकवाद की चर्चा तो करते हैं लेकिन आतंकवाद का समूल नष्ट करने के कोई भी उपाय नहीं करते हैं। खतीब के अनुसार फिल्म समाज का दर्पण होता है इसीलिए फिल्मकारों को चाहिए की समाज की सही तस्वीर पेश करने के साथ साथ समाज की बुराइयों को दूर करने का भी प्रयास करें। न्यू फेस ऑफ़ इंडिया का म्यूजिक अनाथ बच्चो द्वारा जारी करने के सम्बन्ध में उन्होंने बताया की हमने एक नई शुरुवात की है , जब फिल्म का विषय वस्तु उनपर आधारित है तो उनका यहाँ होना ज़रूरी है।

मंगलवार, जनवरी 19, 2010

मनोज असलम फिर साथ साथ



लगातार ६ सुपर हिट फिल्म देने वाले कलाकार व निर्देशक की जोड़ी लम्बे अंतराल के बाद एक बार फिर से भोजपुरिया परदे पर साथ साथ आ रहे हैं वो भी दो फिल्मो के साथ। जी हाँ यहाँ बात हो रही है मनोज तिवारी मृदुल और असलम शेख की । मनोज - असलम की पहली फिल्म २००५ में आई थी । २९ अप्रैल को रिलीज़ हुई इस फिल्म का नाम था बंधन टूटे ना। इसके बाद २००६ में इस जोड़ी ने धरती कहे पुकार के, प्यार के बंधन और बलमा ४२० नाम की तीन और हिट दी। धरती कहे पुकार के में अभिनेता अजय देवगन ने भी एक महत्वपूर्ण भूमिका की थी। २००७ में फिर एक बार दोनों की हिट जोड़ी ने लगातार २ फिल्मे दी। पहली फिल्म थी पप्पू के प्यार हो गइल और दूसरी थी जनम जनम के साथ। जनम जनम के साथ को रिलीज़ हुए लगभग तीन साल बीत चुके हैं । इस बीच व्यस्तता की वजह से दोनों की जोड़ी की साथ साथ काम करने का अवसर नहीं मिला । साल २०१० में एक बार फिर से दोनों साथ साथ है और उन्हें साथ साथ लाने का श्रेय जाता है निर्माता संदीप शुक्ला की कंपनी लियो वन प्रोडक्शन ( इंडिया ) लिमिटेड और निर्माता अशोक गुप्ता की ऋषि इंटरनेशनल प्रोडक्शन को । बहरहाल असलम शेख और मनोज तिवारी की जोड़ी एक बार फिर से इस साल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने की तैयारी में हैं।


मंगलवार, जनवरी 12, 2010

भोजपुरी फिल्म निर्माण में उतरी अमेरिकन कंपनी



भोजपुरी फिल्म जगत के गौरव में एक और अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि अवार्ड विनिंग फिल्म फॉरचुन टेलर सहित सात बेहतरीन फिल्मो का निर्माण कर चुकी इंडो - अमेरिकन कंपनी पन फिल्म्स ने तीन तीन भोजपुरी फिल्म निर्माण की घोषणा की है और पहली फिल्म की शुरुवात भी हो चुकी है। पहली फिल्म में पन फिल्म्स ने भोजपुरी के सुपर स्टार रविकिशन को कास्ट किया है और अगले हफ्ते से फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो रही है। इस अनाम फिल्म को निर्देशित कर रहे हैं धीरज सिंह जिन्होंने राम गोपाल वर्मा सहित हिंदी के कई दिग्गजों के साथ काम किया है। यही नहीं भोजपुरी फिल्म के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब पूरी फिल्म विदेशी डिजिटल तकनीक और रेड वन कैमरे पर शूट हो रही है। फॉरचुन टेलर को इंडो अमेरिका फिल्म फेस्टिवल में साल २००६ में पुरस्कृत किया गया था, उस फिल्म सहित सात अन्य फिल्मो को निर्देशित कर चुकी तेजस्वनी कदम पन फिल्म्स से जुडी है और अपने अनुभव को भोजपुरी फिल्म में उतारने की मंशा रखती हैं। यही नहीं पन फिल्म्स का इरादा भोजपुरी फिल्म जगत को अंतर राष्ट्रीय बाज़ार भी उपलब्ध कराना है। रविकिशन , निर्मल पांडे, शिखा, ब्रिजेश त्रिपाठी, नीलिमा सिंह, सीमा सिंह, विनोद मिश्र, शमीम खान व फूल सिंह अभिनीत इस फिल्म के संगीतकार राजेश- रजनीश, गीतकार विनय बिहारी, पटकथा व संवाद लेखक सुरेंदर मिश्र हैं। पन फिल्म्स साल २०१० में अपनी तीनो ही भोजपुरी फिल्मो को रिलीज़ कर रही है। मकर संक्रांति के अवसर पर पहली फिल्म का मुहूर्त गुजरात के राज पीपला में संपन्न होने वाला है। बहरहाल पन फिल्म्स के भोजपुरी फिल्म निर्माण में उतरने से निसंदेह भोजपुरी का गौरव काफी बढ़ गया है।

सोमवार, जनवरी 11, 2010

रविकिशन बने साल का नंबर १ सितारा

महुआ न्यूज़ का सर्वे

भोजपुरी के पहले मनोरन्जन चैनल महुआ और उनकी सहयोगी न्यूज़ चैनल महुआ न्यूज़ ने भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रविकिशन को साल २००९ का नंबर १ सितारा घोषित किया है। महुआ न्यूज़ ने ये सर्वे भोजपुरिया दर्शको से टेली वोटिंग और एस एम एस के जरिये करवाया था। महुआ न्यूज़ द्वारा मिली जानकारी के अनुसार चैनल को मिले अधिकाधिक मत रविकिशन को मिले । उल्लेखनीय है की रविकिशन भोजपुरी फिल्म जगत के एक मात्र कलाकार हैं जिन्होंने लगातार चार साल बेस्ट एक्टर का अवार्ड से नवाजा गया है। यही नहीं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित एक मात्र भोजपुरी फिल्म उदित नारायण की कब होई गवना हमार में रविकिशन मुख्य भूमिका में थे। साल २००९ में रविकिशन की आठ भोजपुरी फिल्मे रिलीज़ हुई जिनमे से पांच फिल्मो ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त व्यवसाय किया है। साल २०१० में रविकिशन की संभावित रिलीज़ फिल्मो की संख्या २४ है जिनमे १७ फिल्मे भोजपुरी की है। रविकिशन इन दिनों भोजपुरी फिल्मो के अलावा हिंदी फिल्मो और छोटे परदे पर भी काफी व्यस्त है। हिंदी फिल्म जगत में वो मणिरत्नम , श्याम बेनेगल, राम गोपाल वर्मा , टी.पि.अग्रवाल जैसे बड़े फिल्मकारों के साथ काम कर रहे हैं। यही नहीं , हाल ही में करण जौहर ने एनडीटीवी के अंग्रेजी न्यूज़ चैनल एनडीटीवी २४/७ में रविकिशन को साल २०१० का सरप्राइज पैक बताया है।

गुरुवार, जनवरी 07, 2010

शुरू हुआ पायरेसी का दौर


भोजपुरी फिल्मो का दायरा भले ही बरसो पहले बढ़ गया था, लेकिन हिंदी फिल्मो की तरह यहाँ पायरेसी का चलन नहीं था, लेकिन अब इस फिल्म जगत में भी पायरेसी का दौर शुरू हो गया है। नयी नयी फिल्मो की वीसीडी और डीवीडी भले ही दुकानों में नहीं आई हो लेकिन फुटपाथों पर बेरोकटोक नयी नयी भोजपुरी फिल्मो की वीसीडी और डीवीडी उपलब्ध रहती है। हाल ही में एक सर्वे से ये पता चला है की जिन फिल्मो का गीत संगीत हिट होता है उस फिल्म की काफी डिमांड होती है। पायरेसी करने वालो ने भी इसी का ख़ास ख्याल रखा है, साल २००९ की सभी संगीतमय हिट फिल्म की डीवीडी मात्र पचास रूपये में उपलब्ध है वो भी पांच फिल्मो के साथ। पिछले साल रिलीज़ हुई निरहुआ स्टारर दीवाना , रविकिशन स्टारर बिदाई ( साल २००८ ) , दीवाना और भोजपुरी के पहले डांसिंग स्टार उत्तम कुमार की फिल्म गोरकी पतरकी रे, पायरेटेड सारे डीवीडी में कॉमन है। इस सम्बन्ध में गोरकी पतरकी रे के लेखक एस.एस.ललित का कहना है की फिल्मो की पाइरेसी भोजपुरी फिल्म जगत की विशालता को तो दर्शाता है, लेकिन फिल्म निर्माताओ को इससे काफी नुकसान होगा , वहीं वेस्टर्न इंडिया फिल्म फेडरेशन के महासचिव प्रभात पांडे के अनुसार अगर कोई निर्माता एसोसियेशन में शिकायत करता है तो एसोसियेशन पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवा सकती है। पायरेसी में हॉट केक बने उत्तम कुमार का कहना था की उन्हें ख़ुशी है की उनकी फिल्म लोग अधिक संख्या में देख रहे हैं। बहरहाल भोजपुरी की हिट फिल्मो की पायरेसी से अब भोजपुरी फिल्म जगत को भी नुकसान होना शुरू हो गया है।

सोमवार, जनवरी 04, 2010

रविकिशन पर तीन हत्या का आरोप

भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपरस्टार रविकिशन पर एक दो नहीं पूरे तीन तीन हत्या का आरोप है। वो भी दो विदेशी और एक साधू की हत्या रविकिशन ने की थी। चौंकिए मत क्योंकि रविकिशन ने ये हत्या आज नहीं बल्कि अपने पिछले जनम में की थी। एनडीटीवी इमेजिन के चर्चित शो राज पिछले जनम का में शेखर सुमन, सेलिना जेतली, मोनिका बेदी, सम्भावना सेठ जैसी कई चर्चित लोगो का पिछले जनम का राज़ सामने आया है और अब बारी है शो को होस्ट कर रहे भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार अभिनेता रविकिशन की , जिनके पिछले जनम का राज जल्द ही खुलने वाला है। चैनल ने पिछले दिनों अपने होस्ट रविकिशन को समय रथ पर सवार कराया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपने पिछले जनम में रविकिशन ने खुद को उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में संगम तट पर एक अघोड़ी साधू के रूप में पाया । उल्लेखनीय है की अघोड़ी ऐसे साधू को कहा जाता है जिन्हें इस दुनिया से कोई मतलब नहीं रहता है जो अपना अधिकतर समय शमशान में बिताते हैं। रवि ने पिछले जनम में किये तीन हत्या के कारण पश्ताचाप के रूप में अपना जीवन भगवान् शंकर को समर्पित कर दिया था। रविकिशन नें अपने पिछले जनम के परिवार को भी देखा । दिलचस्प बात तो ये हैं की इस जनम में रविकिशन के माता पिता पूर्व जनम में भी उनके माता पिता थे , यही नहीं इस जनम में उनकी बेटी रीवा पूर्व जनम में उनकी बहन थी। रविकिशन ने अपनी समाधी मनाली में बर्फ से ढके पर्वत पर ली थी।

मंगलवार, दिसंबर 29, 2009



एनडीटीवी इमेजिन के चर्चित शो राज पिछले जनम का में शेखर सुमन, सेलिना जेतली, मोनिका बेदी, सम्भावना सेठ जैसी कई चर्चित लोगो का पिछले जनम का राज़ सामने आया है और अब बारी है शो को होस्ट कर रहे भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार अभिनेता रविकिशन की , जिनके पिछले जनम का राज जल्द ही खुलने वाला है। चैनल ने पिछले दिनों अपने होस्ट रविकिशन को समय रथ पर सवार कराया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपने पिछले जनम में रविकिशन ने खुद को उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में संगम तट पर एक अघोड़ी साधू के रूप में पाया । उल्लेखनीय है की अघोड़ी ऐसे साधू को कहा जाता है जिन्हें इस दुनिया से कोई मतलब नहीं रहता है जो अपना अधिकतर समय शमशान में बिताते हैं। रविकिशन नें अपने पिछले जनम के परिवार को भी देखा । दिलचस्प बात तो ये हैं की इस जनम में रविकिशन के माता पिता पूर्व जनम में भी उनके माता पिता थे , यही नहीं इस जनम में उनकी बेटी रीवा पूर्व जनम में उनकी बहन थी। रविकिशन ने अपनी समाधी मनाली में बर्फ से ढके पर्वत पर ली थी। चार जनवरी को प्रसारित होने वाले इस एपिसोड में रविकिशन के पिछले जनम की और भी ढेर सारी जानकारी मिलेगी।

परिवार को अधिक समय देंगे रविकिशन


भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपरस्टार के लिए साल २००९ काफी अच्छा रहा है। एक ओर जहाँ भोजपुरी में रिलीज़ हुई आठ फिल्मो में से अधिकतर सुपर हिट रही है वहीं हिंदी फिल्म जगत ओर छोटे परदे पर भी उन्हें जबरदस्त कामयावी हासिल हुई है। हिंदी , भोजपुरी ओर छोटे परदे पर अत्यधिक व्यस्त रहने के कारण रविकिशन के पास साल २००९ में अपने परिवार के लिए कुछ खास वक़्त नहीं मिल पाया । इसीलिए रविकिशन ने फैसला किया है की साल २०१० में भले ही कितनी भी व्यस्तता क्यों न हो वो अपने परिवार को भरपूर समय देंगे ओर रविकिशन ने इसकी पहल भी कर दी है क्योंकि २००९ को अलविदा करने के लिए रविकिशन अपने परिवार के साथ पंचगनी में हैं । मज़े की बात तो यह है की तीन दिनों की इस छुट्टी के लिए उन्होंने हिंदी के एक बड़े बैनर की फिल्म का डेट बढ़ा दिया है। उल्लेखनीय है की साल २०१० में भी रविकिशन के पास फिल्मो की लम्बी कतार है। भोजपुरी में जहाँ इस साल वो देवदास, गंगा जमना सरस्वती, राम बनवले जोड़ी , राम अवतार सहित आठ अन्य फिल्मो की शूटिंग करनी है वहीं हिंदी में भी कई फिल्में उनके पास है। इसके अलावा छोटे परदे के भी कई शो का ऑफर उनके पास है । बहरहाल नए साल के इस नए संकल्प से रविकिशन के परिवार वालो को ज़रूर ख़ुशी हुई है।

बुधवार, दिसंबर 16, 2009

नन्ही टांगो से आसमान छुने की तमन्ना रखते हैं रत्नेश



आम तौर पर छोटे कद काठी के लोगो को फ़िल्म जगत में कोमेडी कलाकार के रूप में ही जगह दी जाती है, उसका काम सिर्फ़ परदे पर अपने हाव भाव से दर्शको को हसाना मात्र होता है लेकिन भोजपुरी फ़िल्म जगत में तेजी से उभरे छोटे कद के अभिनेता रत्नेश बरनवाल का मकसद भोजपुरी फ़िल्म जगत में अपने अभिनय की छाप छोड़ना है ना की परदे पर आकर अपनी उलजुलूल हरकतों से लोगो को हसाना । बिहार के छोटे से शहर नरकटियागंज में अपने पिता गोपाल प्रसाद बरनवाल के साथ किराने की दूकान पर बैठ बचपन में अपनी जिंदगी की हसीन भविष्य के सपने देखने वाले रत्नेश को जल्द ही एहसास हो गया था की वो सामान्य बालको की तरह नही है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करते करते वो अपने साथ पढने वाले लड़के लडकियों के लिए मात्र मजाक वाला पात्र बन कर रह गया था। ऐसे में रत्नेश के परिवार वाले खासकर उनकी माँ ने उन्हें समझाया की लोगो का काम दूसरो का मजाक उडाना ही होता है तुम ऐसा करो की यही लोग तुम्हे प्यार करने लगे। खैर रत्नेश ने दुनिया की परवाह किए बिना बी।ए।की परीक्षा अच्छे नम्बरों से पास की और कहीं छोटी मोटी नौकरी ढूँढने या पिता की दूकान सँभालने की वजाय अपना रास्ता ख़ुद बनाने का फ़ैसला कर लिया । कभी अपने शहर की परिधि ना लाघने वाला रत्नेश दो साल पहले मंजिल की तालाश में मुंबई आ गया । रत्नेश की किस्मत अच्छी थी की उसकी मुलाकात भोजपुरी के प्रसिद्द लेखक संतोष मिश्रा से हुई । रत्नेश बताते हैं की संतोष मिश्रा ने पग पग पर उनका साथ दिया , यहाँ तक की फ़िल्म दीवाना की शूटिंग के वक्त निर्माता और निर्देशक उन्हें काम देने के लिए तैयार नही थे लेकिन संतोष मिश्रा ने साफ़ तौर पर कह दिया की रत्नेश के कारण अगर स्टोक बरबाद होगा तो वो स्टॉक का खर्च ख़ुद उठायेगे। आखिरकार जब रत्नेश का पहला शोट हुआ तो निर्देशक राज कुमार पांडे काफ़ी खुश हुए और रत्नेश को गोद में उठा लिया। दीवाना के बाद रत्नेश ने ओढनिया कमाल करे, कबहू छूटे ना इ साथ , प्रेम रोग, जांवाज जिगर वाला आदि फिल्मो में भी काम किया । रत्नेश के अनुसार उस दिन उनकी खुशी का कोई ठिकाना नही था जब उनके घर के पास स्थित सिनेमा घर में दीवाना लगातार नौ सप्ताह तक चली और जब वो घर गए तो लोगो का तांता उनके घर पर लग गया था। रत्नेश को ये अफ़सोस अवय्श्य है की उस वक्त उन्हें हौसला देने वाली उसकी माँ इस दुनिया में नही थी। चार भाई बहनों में सबसे बड़े रत्नेश घर के एकमात्र सदस्य हैं जिनकी लम्बाई कम है। रत्नेश के अनुसार शायाद ये उनके किसी पूर्व जनम की गलती का नतीजा है इसीलिए इस जनम में ऐसी कोई गलती नही करेंगे। बहरहाल जल्द ही शादी के ख्वाहिस्मंद रत्नेश की अभिलासा है की वो अभिनय में ऊंचाई हासिल करे।


नम्बर वन शो बना राज पिछले जनम का



एनडीटीवी इमेजिन पर पिछले हफ्ते शुरू हुए शो राज पिछले जनम का ने जबरदस्त सफलता हासिल की है। भोजपुरी सुपर स्टार रविकिशन द्वारा होस्ट किए जा रहे इस शो को 3.5 ओपनिंग टीआरपी हासिल हुई है जो फिलहाल किसी भी नॉन फिक्शन शो की टीआरपी से काफ़ी अधिक है । उल्लेखनीय है की भारतीय टेलीविजन के इतिहास में बड़े बजट का ये पहला शो है जो मूल रूप से भारतीय कोंसेप्ट पर आधारित है। अमर चित्रकथा की टेलीविजन विंग आईडिया बॉक्स द्वारा निर्मित इस शो ने शुरुवात के साथ ही टेलीविजन जगत में करिश्मा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रविवार को समाप्त हुए सप्ताह में जहाँ बिग बी अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए जा रहे नॉन फिक्शन शो बिग बॉस सीजन थ्री की अधिकतम टीआरपी 2.व न्यूनतम टीआरपी १.२ रही वहीँ राज पिछले जनम का की अधिकतम टीआरपी ३.५ व न्यूनतम टीआरपी २.६ रही है। इसी तरह स्टार प्लस के शो परफेक्ट ब्राइड की टीआरपी १.४, जी टीवी के शो सारेगामा पा मेगा चेलेन्ज की टीआरपी १.६ और एनडीटीवी इमेजिन के ही शो पति पत्नी और वो की टीआरपी मात्र 0.थी। राज पिछले जनम का को मिले अभूतपूर्व सफलता से उत्साहित शो के होस्ट रविकिशन कहते हैं की नए कोंसेप्ट को लोग ज़रूर पसंद करते हैं। शो के बारे में उनका कहना है कि यह अनूठा है और हॉट सीट पर बैठे व्यक्ति की चेतना का ध्यान तकनीक के जरिए उनके पिछले जन्म में ले जाया जाता है। शो के जरिए अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं मिल रहा? इस सवाल पर रविकिशन कहते हैं- मैं जौनपुर की केराकत तहसील के बिसुई गांव के जाने-माने पुजारी पं. श्यामनारायण शुक्ल का बेटा हूं और काफी धार्मिक भी। बचपन से ही मुझे ऐसे संस्कार मिले हैं और मेरा इसमें पूर्ण विश्वास है। वैज्ञानिक तथ्य भी है कि व्यक्ति के जीवन में उसके कर्मो की मुख्य भूमिका होती है।

मंगलवार, दिसंबर 15, 2009

मुंबई में चला लता मंगेशकर का जादू




स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जादू इन दिनों मुंबई में बसे भोजपुरियो पर सर चढ़ कर बोल रहा है, तभी तो पिछले शुक्रवार रिलीज़ हुई भोजपुरी फ़िल्म उमरिया कईली तोहरे नाम देखने के लिए दर्शको की भीड़ उमड़ पड़ी है। उल्लेखनीय है आर.एस.दुबे पिक्चर्स के बैनर तले निर्माता निर्देशक आर.एस.दुबे की फ़िल्म उमरिया कईली तोहरे के ग्यारह गानों में से तीन गाने लता मंगेशकर ने गाये हैं। में सुपर हिट हो चुकी ये फ़िल्म ११ दिसम्वर को मुंबई में रिलीज़ हुई । रिलीज़ के साथ ही दर्शको ने इस फ़िल्म को हाथो हाथ उठा लिया है। अरुण फ़िल्म इंटरटेनमेंट प्रस्तुत इस फ़िल्म की सबसे बड़ी खासियत है स्वर कोकिला लता मंगेशकर और संगीतकार राम लक्षमन की जोड़ी का पहली बार किसी भोजपुरी फ़िल्म में साथ साथ आना। रानी चटर्जी, पवन सिंह , दिव्या देसाई, राजेश विवेक , मेहनाज, पुष्पा वर्मा, उत्तम झा, अशोक नारायाण, महेश राज और नवोदित आशीष गुप्ता अभिनीत उमरिया कईली तोहरे नाम के गीतकार विनय बिहारी हैं, जबकि कथा - पटकथा और संवाद लेखक श्रीगोपाल हैं। उमरिया कईली तोहरे नाम एक मनोरंजक पारिवारिक संगीत प्रधान फ़िल्म है, जिसमे रोमांस , एक्शन , कॉमेडी और इमोशन की भरपूर झलक है जो हर वर्ग के दर्शकों को भरपूर मनोरंजन दे रहा है। दिलचस्प बात तो ये है की बरसो पहले आई हिन्दी फ़िल्म मैंने प्यार किया में लता मंगेशकर , राम लक्ष्मण और नृत्य निर्देशक जय बोराडे साथ साथ नज़र आए थे। इस फ़िल्म में भी वे साथ साथ हैं।

सोमवार, दिसंबर 14, 2009

रवि जानना चाहते हैं सोनिया और बिग बी का पूर्व जन्म का राज



कुछ सप्ताह पहले एनडीटीवी इमेजिन पर शुरू हुए रोमांचक टीवी शो राज पिछले जन्म का की टीआरपी के उछाल मारने के साथ ही कई सिलिब्रिटी में अपने पिछले जन्म की बातें जानने की चाह बढ़ गई है। हाल ही में बिपाशा वसु ने भी ऐसी इच्छा जाहिर की और पता चला है कि कई अन्य सिलिब्रिटी ने भी शो के कर्ता-धर्ताओं से संपर्क साधा है। इस शो का संचालन जाने-माने अभिनेता व भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रविकिशन शुक्ल कर रहे हैं। चूंकि रवि इन दिनों एक भोजपुरी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वाराणसी व भदोही के प्रवास पर हैं लिहाजा इस मुद्दे पर रविवार को उनकी प्रतिक्रिया मिल गई। यह पूछे जाने पर कि सिलिब्रिटी की लंबी लिस्ट में आप सबसे पहले किसका पिछला जन्म जानना चाहेंगे, वह तपाक से बोले- सोनिया गांधी और अमिताभ बच्चन (बिग बी)। इस अतिजिज्ञासा के पीछे उनका अलग तर्क है। कहते हैं- सोनिया गांधी चाहतीं तो पति की मौत के बाद दोनों बच्चों के साथ इटली चली जातीं लेकिन उन्होंने भारत में रहकर न केवल अपने परिवार को संबल दिया बल्कि देश को नई दिशा देने में भूमिका निभा रही हैं। उनके त्याग और समर्पण से ऐसा लगता है कि पिछला जन्मस्थल भारत ही रहा। यहां की माटी में उन्होंने जो शक्ति व संस्कार पाया, वह आज भी उनके कार्य व्यवहार से परिलक्षित होता है। दूसरे अमिताभ बच्चन का इसलिए कि 67 साल की उम्र में भी पा सरीखी फिल्म कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि उनकी यह ऊर्जा केवल एक जन्म की नहीं बल्कि कई जन्मों से हासिल है। निश्चय ही पिछले जन्म में भी उन्होंने कोई बड़ा काम किया होगा, जो आज उनके हर व्यवहार में नजर आता है। वह नए अभिनेताओं के प्रेरणाFोत तो हैं ही, कहीं उनसे ज्यादा ऊर्जावान भी। रवि का मानना है कि दोनों शख्सियत का राज जानने की इच्छा हर हिन्दुस्तानी की होगी। शो के बारे में उनका कहना है कि यह अनूठा है और हॉट सीट पर बैठे व्यक्ति की चेतना का ध्यान तकनीक के जरिए उनके पिछले जन्म में ले जाया जाता है। शो के जरिए अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं मिल रहा? इस सवाल पर रविकिशन कहते हैं- मैं जौनपुर की केराकत तहसील के बिसुई गांव के जाने-माने पुजारी पं. श्यामनारायण शुक्ल का बेटा हूं और काफी धार्मिक भी। बचपन से ही मुझे ऐसे संस्कार मिले हैं और मेरा इसमें पूर्ण विश्वास है। वैज्ञानिक तथ्य भी है कि व्यक्ति के जीवन में उसके कर्मो की मुख्य भूमिका होती है।

शनिवार, दिसंबर 12, 2009

रविकिशन ने की पूर्वांचल राज्य की वकालत



वाराणसी : भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रविकिशन ने कहा है कि पूर्वाचल राज्य के गठन में अब तनिक भी विलंब नहीं होना चाहिए। तेलंगाना राज्य की मांग पर केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए रविकिशन ने कहा कि यह निर्णय देशहित में है और जिस दिन पूर्वाचल राज्य की मांग पूरी हो जाएगी, उसी दिन राष्ट्र के अत्यंत पिछड़े क्षेत्र के विकास का रास्ता भी खुल जाएगा। मुंबई से वायुयान द्वारा बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचे रविकिशन ने कहा कि पूर्वाचल की करोड़ों की आबादी सिर्फ इसलिए पिछड़ी हुई है कि वह एक बड़े प्रदेश का हिस्सा है। उस तक पहुंचते-पहुंचते विकास की किरण मद्धिम पड़ जाती है। कांग्रेस के स्टार प्रचारक और जौनपुर की माटी से जुड़े रहे रविकिशन भदोही में मार देब गोली, केहू ना बोली फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में यहां आए हुए हैं। एनडीटीवी इमेजिन पर इन दिनों चल रहे शो राज पिछले जनम का की लोकप्रियता से काफी उत्साहित रविकिशन का कहना है कि छोटे राज्यों में विकास की रफ्तार बड़े प्रदेशों की तुलना में तेज होती है, यह अपने देश में ही सिद्ध हो चुका है। ऐसे में केंद्र सरकार को पूर्वाचल के मुद्दे पर विलंब नहीं करना चाहिए। मार देब गोली, केहू ना बोली फिल्म में रविकिशन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस अफसर की भूमिका में हैं जो तमंचे के बल पर बिहार में लहलहा रही अपराध की फसल को नष्ट करने का लक्ष्य लेकर चलता है। पूर्वाचल विकास समिति गठित वाराणसी : तेलंगाना के बाद पृथक पूर्वाचल राज्य की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने के आसार है। इस क्रम में शहर के बुद्धिजीवियों ने पूर्वाचल विकास समिति का गठन किया है। समिति के गठन की जानकारी देते हुए वाराणसी विकास मंच के संयोजक दीपक मधोक ने बताया कि पूर्वाचल विकास समिति में बुद्धिजीवियों, व्यापारियों, शिक्षाविदें के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित होगी। नवगठित पूर्वाचल विकास समिति में संयोजक दीपक मधोक के अलावा आर.सी.जैन, सीके साह, डॉ. सिद्धार्थ राय तथा वाराणसी विकास मंच के सदस्य शामिल हैं। इस समिति की बैठक शीघ्र होगी, जिसमें पृथक पूर्वाचल राज्य के गठन के परिप्रेक्ष्य में आगे की रणनीति तय की जाएगी। समिति के सदस्यों का मत है कि पृथक पूर्वाचल राज्य बने बगैर क्षेत्र का विकास नहीं हो सकता।

बुधवार, दिसंबर 09, 2009

चढ़ा सानिया मिर्ज़ा कट नथुनिया का बुखार


इन दिनों भोजपुरी जगत में टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा की नथुनिया का ज़बरदस्त बुखार छाया है और इसका असर अब मुंबई में भी होने लगा है। दरअसल अभिनेता गायक पवन सिंह की आवाज़ में गया भोजपुरी गाना सानिया मिर्ज़ा कट नथुनिया जान मारेला.........इन दिनों काफ़ी हिट हो गया है । आर.एस.दुबे पिक्चर्स के बैनर तले निर्माता निर्देशक आर.एस.दुबे की फ़िल्म उमरिया कईली तोहरे नाम में यह गाना फिल्माया गया है।बिहार में सुपर हित हो चुकी ये फ़िल्म ११ दिसम्वर को मुंबई में रिलीज़ हो रही है। रानी चटर्जी, पवन सिंह , दिव्या देसाई, राजेश विवेक , मेहनाज, पुष्पा वर्मा, उत्तम झा, अशोक नारायाण, महेश राज और नवोदित आशीष गुप्ता अभिनीत उमरिया कईली तोहरे नाम का संगीत पहले से ही धूम मचा रहा है। अरुण फ़िल्म इंटरटेनमेंट प्रस्तुत इस फ़िल्म की सबसे बड़ी खासियत है स्वर कोकिला लता मंगेशकर और संगीतकार राम लक्षमन की जोड़ी का पहली बार किसी भोजपुरी फ़िल्म में साथ साथ आना। फ़िल्म के गीतकार विनय बिहारी हैं, जबकि कथा - पटकथा और संवाद लेखक श्रीगोपाल हैं।फ़िल्म के सभी ११ गाने एक से बढ़कर एक हैं जिन्हें मधुर आवाज से सजाया है ख़ुद लता मंगेशकर, उषा मंगेशकर, उदित नारायण , सुनिधि चौहान , इंदु सोनाली और आज के भोजपुरी के सर्वाधिक लोकप्रिय गायक पवन सिंह ने। उमरिया कईली तोहरे नाम में दो आइटम नम्बर है जिसपर अपनी मादक अदा बिखेरी है भोजपुरी की नम्बर वन आइटम डांसर सीमा सिंह और कविता सिंह ने। फ़िल्म के निर्माता निर्देशक आर.एस.दुबे के अनुसार उमरिया कईली तोहरे नाम मुख्य रूप से एक मनोरंजक पारिवारिक संगीत प्रधान फ़िल्म है, जिसमे रोमांस , एक्शन , कॉमेडी और इमोशन की भरपूर झलक है जो हर वर्ग के दर्शकों को भरपूर मनोरंजन देगा । साथ ही फ़िल्म में अन्धविश्वास के खिलाफ एक संदेश भी है।

इनकॉनटर स्पेशलिस्ट रवि


तमंचे के बल पर बिहार में लहलहा रही अपराध की फसल को नष्ट करने आ रहे हैं इनकॉनटर स्पेसलिस्ट रवि किशन। जी हाँ निर्मात्री पायल दुबे व निर्देशक जगदीश शर्मा की फ़िल्म मार देव गोली केहू न बोली में भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रविकिशन बर्दी पहन कर खुलेआम अपराधियों की ईंट से ईंट बजाते नज़र आयेंगे। फ़िल्म की शूटिंग इन दिनों जोर शोर से चल रही है। फ़िल्म में रवि किशन की नायिका हैं गुंजन पन्त जबकि अन्य भूमिकाओ में दीपक दुबे, ब्रिजेश त्रिपाठी, किरण कुमार, सिद्दार्थ, व कल्पना शाह नज़र आने वाली है। किरण कुमार जहाँ मुख्यमंत्री की भूमिका में हैं वहीँ दीपक दुबे पुलिस इंस्पेक्टर की। फ़िल्म के प्रस्तुतकर्ता जीतेश दुबे हैं जिनकी फ़िल्म धरमवीर और मुन्नीबाई नौटंकी बाई सफल सवित हुई थी। रविकिशन ने जिस जिस फिल्मो में पुलिस की वर्दी पहनी है वो फिल्में जबरदस्त हित रही है । हाल ही में हिट हुई रंगबाज़ दरोगा और कानून हमरा मुट्ठी में इसका ताज़ा उदहारण है। बहरहाल गंगा जल, अपहरण और अब तक छप्पन के भोजपुरिया वर्जन को लेकर भी कयास लगाया जा रहा है की फ़िल्म दर्शको पर अपनी छाप ज़रूर छोड़ेगी।

रविवार, दिसंबर 06, 2009

आज से खुलेगा राज पिछले जनम का


एनडीटीवी इमेजिन के बहुचर्चित शो राज पिछले जनम का सोमवार से शुरू हो रहा है। अपने आप में अनूठे इस शो के प्रस्तोता ( एंकर ) हैं भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन। अमर चित्रकथा की टेलीविजन विंग द आईडिया बॉक्स द्वारा प्रस्तुत इस शो में रविकिशन शो में आए मेहमानों से उनके पिछले जनम की यादो के बारे में सवाल जवाब करेंगे। इसके पूर्व सम्मोहन कर विशेषज्ञों द्वारा मेहमानों के उनके पिछले जनम के बारे में जानकारी ली जाएगी। उल्लेखनीय है की इस शो में शेखर सुमन , मोनिका वेदी, पायल रोहतगी, राहुल महाजन , संभावना सेठ सहित कई जानी मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया है । सूत्रों के अनुसार इस शो में सुष्मिता सेन सहित कई बड़े सितारे भी जल्द ही हिस्सा लेने वाले हैं। रहस्य रोमांच से भरपूर इस शो को लेकर उत्त्साहित रविकिशन कहते हैं की इस शो का हिस्सा बनना उनके लिए गौरव की बात है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार से शुक्रवार प्रसारित इस शो में प्रसिद्द वैज्ञानिक डॉक्टर होमी जहाँगीर भाभा के मौत का राज भी खुलेगा। बहरहाल राज पिछले जनम को लेकर आम लोगो में जिस तरह का उत्साह है उससे यही लगता है की इस शो की सफलता निश्चित है।

शनिवार, दिसंबर 05, 2009

रश्मि के प्यार में पवन



भोजपुरिया सुपर स्टार पवन सिंह इन दिनों उतरन धारावाहिक की तपस्या उर्फ तप्पु के दीवाने हैं तभी तो वो उनको पाने के लिए लड़की की भेष भूषा में नज़र आ रहे हैं । आर.एस.दुबे पिक्चर्स के बैनर तले निर्माता निर्देशक आर.एस.दुबे की फ़िल्म उमरिया कईली तोहरे नाम में पवन सिंह का ये अंदाज़ दर्शको को देखने को मिलेगा। बिहार में सुपर हित हो चुकी ये फ़िल्म ११ दिसम्वर को मुंबई में रिलीज़ हो रही है। रानी चटर्जी, पवन सिंह , दिव्या देसाई, राजेश विवेक , मेहनाज, पुष्पा वर्मा, उत्तम झा, अशोक नारायाण, महेश राज और नवोदित आशीष गुप्ता अभिनीत उमरिया कईली तोहरे नाम का संगीत पहले से ही धूम मचा रहा है। अरुण फ़िल्म इंटरटेनमेंट प्रस्तुत इस फ़िल्म की सबसे बड़ी खासियत है स्वर कोकिला लता मंगेशकर और संगीतकार राम लक्षमन की जोड़ी का पहली बार किसी भोजपुरी फ़िल्म में साथ साथ आना। फ़िल्म के गीतकार विनय बिहारी हैं, जबकि कथा - पटकथा और संवाद लेखक श्रीगोपाल हैं।फ़िल्म के सभी ११ गाने एक से बढ़कर एक हैं जिन्हें मधुर आवाज से सजाया है ख़ुद लता मंगेशकर, उषा मंगेशकर, उदित नारायण , सुनिधि चौहान , इंदु सोनाली और आज के भोजपुरी के सर्वाधिक लोकप्रिय गायक पवन सिंह ने। उमरिया कईली तोहरे नाम में दो आइटम नम्बर है जिसपर अपनी मादक अदा बिखेरी है भोजपुरी की नम्बर वन आइटम डांसर सीमा सिंह और कविता सिंह ने। फ़िल्म के निर्माता निर्देशक आर.एस.दुबे के अनुसार उमरिया कईली तोहरे नाम मुख्य रूप से एक मनोरंजक पारिवारिक संगीत प्रधान फ़िल्म है, जिसमे रोमांस , एक्शन , कॉमेडी और इमोशन की भरपूर झलक है जो हर वर्ग के दर्शकों को भरपूर मनोरंजन देगा । साथ ही फ़िल्म में अन्धविश्वास के खिलाफ एक संदेश भी है।बहरहाल उमरिया कईली तोहरे नाम के गानों के दीवानों को आगामी २८ अगस्त का बेसब्री से इंतज़ार है।

राजनीती के लिए सही वक्त का इंतज़ार - रवि किशन


जौनपुर के गांव में गुजरा आपका बचपन कैसा रहा। पढ़ाई-लिखाई और संस्कार कहां से और कैसे? संस्मरण जोड़ें तो बेहतर रहेगा।
जौनपुर से लगभग २२ किलोमीटर दूर केराकत तहसील के गाँव विसुई में १७ जुलाई को मेरा जनम हुआ था। मेरे पिता पंडित श्याम नारायण शुक्ला गाँव के ही मन्दिर के पुजारी हैं । एक मध्यमवर्गीय परिवार के आम बच्चे की तरह मेरा भी लालन पालन हुआ। बचपन में मेरा भी अधिकतर समय मन्दिर में बीतता था और एक अच्छे संस्कार की नीव वहीँ से पड़ी। आज मैं कहीं भी रहूँ अपने अराध्य देव महादेव की पूजा के बाद ही मेरे दिन की शुरुवात होती है। आज आधुनिकता की चकाचौंध में हम अपने संस्कारों को भूल गए हैं और पाश्चात्य संस्कृति की ओर भाग रहे हैं , लेकिन आपके बचपन का संस्कार अच्छा है तो आप कभी अपने राह से नही भटकेंगे । मुझे याद है बचपन की एक घटना .....उस समय मैं मुश्किल से पाँच साल का रहा हूँगा । मेरे गाँव के पास वाले गाँव में किसी का निधन हो गया था ...और उनकी शवयात्रा मेरे गाँव होकर ही शमशान भूमि जा रही थी । किसी की शवयात्रा देखने का वो मेरा पहला अनुभव था। मैंने अपने पिताजी से पुछा ...ये लोग कहाँ जा रहे हैं ? पिताजी ने बताया की यही जीवन का सच है , कोई कितना भी बड़ा क्यों ना हो उन्हें सब कुछ छोड़ कर जाना पड़ता है। वो बात आज भी मेरे जेहन में है और शायद यही वजह है की कोई भी ग़लत काम मेरे द्वारा जान बूझ कर नही होता है क्योंकि मुझे पता है हर ग़लत काम का हिसाब मुझे भगवान् को देना है।
कितना संघर्ष करना पड़ा जीवन को बनाने में। कितना योगदान रहा माता-पिता का और कितनी मिली उलाहना।
मैं जिस क्षेत्र में हूँ वहां मुकाम हासिल करना आसान नही है , बचपन से ही मेरी इच्छा थी की मैं कुछ ऐसा काम करूं जिससे पुरी दुनिया मुझे जाने । फिल्मो के प्रति लगाव था और दिल में कहीं न कहीं ये ख्वाब छुपा था की मैं भी परदे पर आउँ, मेरे भी पोस्टर लगे । मेरा सपना काफ़ी बड़ा था इसीलिए उसे साकार करने में भी काफ़ी मेहनत करनी पड़ी। कई कई बार एक ही ऑफिस में जाकर चक्कर लगना पड़ता था, छोटे छोटे रोल भी वो ऑफर नही करते थे। अब आप समझ सकते हैं की उत्तरप्रदेश के एक छोटे से गाँव के एक इंसान के लिए ये ख्वाब कितना बड़ा था। मेरे माता पिता को जब मेरे ख्वाब की जानकारी मिली तो पहली प्रतिक्रिया यही थी की पढ़ लिख कर कुछ करो न की नचनिया बनने के बारे में सोचे । हालांकि मेरे माता पिता का मुझे भरपूर आशीर्वाद मिला , जिसके कारण मैं आज अपनी पहचान बनने में सफल हुआ हूँ।
फिल्मों की तरफ अभिरुचि कैसे पैदा हुई। शुरुआती दिनों से मुंबई पहुंचने तक का सफर कितना कंटकाकीर्ण। किस तरह की तकलीफें उठानी पड़ीं।
मुझे लगता है फिल्मो के प्रति मेरी रूचि मेरे होश सँभालने के बाद से ही हो गई थी। बचपन में राम लीला करते करते ये रूचि काफ़ी बढ़ गई। जहाँ तक मुंबई तक पहुचने की बात है तो गाँव से मुंबई का सफर आसान था क्योंकि मेरे परिवार वालो का मुंबई से भी नाता था। मुंबई पहुँचने में तो कोई तकलीफ नही हुई लेकिन मुंबई में काफ़ी संघर्ष करना पड़ा ।
आपके परिवार की स्थिति (बचपन में)। पिता की आकांक्षाएं और उसको कितना कर पाए पूरा।
मैं एक साधारण परिवार का सदस्य था , मेरे पाँच भाई बहन का लालन पालन का दायित्य मेरे पिताजी पर थी । आप समझ ही सकते हैं किन किन कठिनाइयों से गुजरना पड़ा होगा उन्हें। आज सोचता हूँ तो लगता है कितना दुरूह वक्त था वो। लेकिन आज मुझे लगता है की मैं अपने माता पिता की उम्मीदों पर खरा उतरा हूँ, उन्हें भी अच्छा लगता है जब लोग कहते हैं की उनका बेटा रवि किशन है।
सफलता के लिए किसे देते हैं श्रेय।
बेशक अपने माता पिता , अपने बुरे वक्त के साथियो और सबसे बड़ा अपने उत्तर प्रदेश और बिहार के अपने भाई बहनों को जिनके प्यार की बदौलत मुझे सफलता मिली ।
आप आज भी मुंबई में पूरब की माटी का असल प्रतिनिधित्व करते हैं, क्या है इसका उद्देश्य।
बहुत अच्छा लगता है यह शब्द सुनना, लेकिन मैं मानता हूँ की मैं अपनी माटी की खुशबू को जन जन तक पहुचाने के उद्देश्य से ही इस क्षेत्र में आया हूँ। अपना गाँव , अपना प्रदेश , अपनी भोजपुरी ...सबकी खुशबू हमेशा मेरे साथ रहती है...मुझे लगता है हर इंसान किसी न किसी उद्देश्य से इस दुनिया में आता है शायद मेरा उद्देश्य उत्तरप्रदेश बिहार की संस्कृति, बोली को आम लोगो में पहचान देना है। आपको याद होगा बिग बॉस... मैंने दुनिया को उस शो के माध्यम से अपनी भाषा की खुशबू का एहसास कराया ।
हिन्दी फिल्मों में भी कामयाबी पाई है। अब तक छोटे परदे पर चौंकानेवाले अंदाज में दिख रहे हैं। क्या आगे की योजना?
सबसे पहले तो मैं आपको बता दूँ मैं भले ही हिन्दी फिल्मो या छोटे परदे पर कितनी ही कामयावी हासिल कर लूँ लेकिन भोजपुरी फिल्मो से नाता नही तोडूंगा, क्योंकि ये वो भाषा है जिसे मेरी माँ बोलती है, जिसने मुझे पहचान दी है । आज इतनी व्यस्तता के वावजूद भी मेरे पास एक दर्जन से भी अधिक भोजपुरी फिल्मे हैं। मैंने ख़ुद भी फ़िल्म निर्माण करना शुरू किया है आगे भी रचनात्मक कार्य करता रहूँगा । मैं चाहता हूँ मेरे सभी जानने वाले लोग काम में व्यस्त रहे और अगर मैं मध्यम बनता हूँ तो ये मेरे लिए खुशी की बात होगी।
वर्तमान में कैसा चल रहा निजी, सार्वजनिक और फिल्मी जीवन।
तीनो ही जीवन में मैं अपने आपको खुशनसीब मानता हूँ। निजी जीवन में मैं एक अच्छा पति , अच्छा पिता और अच्छा बेटा हूँ , सबका भरपूर प्यार मुझे मिलता है। सार्वजनिक जीवन भी खुशहाल है , हर क्षेत्र के लोगो में अच्छी पैठ बन गई है जब भी वक्त मिलता है मैं सेवा के लिए तैयार रहता हूँ । जहाँ तक फिल्मी जीवन की बात है तो आज का दौर मेरे लिए अब तक का सबसे अच्छा दौर है ...आज हिन्दी फ़िल्म जगत ने भी मुझे सर आँखों पर बिठा रखा है...मणि सर ( मणिरत्नम ) श्याम बाबु ( श्याम बेनेगल ) सहित कई बड़े फ़िल्म कारो के साथ काम कर रहा हूँ। भोजपुरी में भी कई बड़े प्रोजेक्ट हैं , छोटे परदे पर भी मैंने अपनी दमदार मौजूदगी दर्शाई है । कुल मिलाकर काफ़ी अच्छा चल रहा है सब कुछ ।
राजनीति कितनी सुहाती है, कब तक उतरने का है इरादा।
मैं कांग्रेस का कार्यकर्ता हूँ और राजनीति से मुझे लगाव है, मैं ख़ुद चाहता हूँ की इस क्षेत्र में आकर अपने क्षेत्र , अपने लोगो के लिए कुछ करूं। लेकिन सही वक्त का इंतज़ार है और वो वक्त कल भी आ सकता है , पाँच साल बाद भी और दस साल बाद भी।

गुरुवार, दिसंबर 03, 2009

सीमा - सपना का जलवा



भोजपुरी की नम्बर वन आइटम डांसर का खिताब पाने वाली सीमा सिंह और चर्चित डांसर सपना की मादक अदा का दीदार जल्द ही होने वाला है निर्देशक शाद कुमार की फ़िल्म त्रिनेत्र में। हाल ही में मुंबई के मड आईलेंड के एक बंगलो के स्विमिंग पूल के उपर इन दोनों बालाओं ने अपने अदाकारी के जलवे बिखेरे। विनय आनंद, पंकज केसरी, विजय लाल यादव, धर्मेश कुमार, पूनम सागर, सीमा पांडे , पूजा सिंह, अमृत पाल, प्रिया घावरे और राकेश पांडे अभिनीत इस फ़िल्म के प्रस्तुतकर्ता हैं पंजाबी पुत्तर राज चोपड़ा जिन्होंने इंग्लैंड दे नज़ारे नामक पंजाबी फ़िल्म का निर्माण किया है। मूलतः होशियारपुर के राज की यह पहली भोजपुरी फ़िल्म है। कैमरामेन से निर्देशक बने शाद कुमार ने बताया की राज चोप्रा और बाबू भाई के सहयोग के कारण ही उन्होंने एक भव्य फ़िल्म के निर्माण का फ़ैसला किया है। बहरहाल दो दो हसीं बालओँ की मादक अदा वाली इस फ़िल्म को देखने के लिए दर्शको को दो तीन महीनो का इंतज़ार करना पड़ेगा।

अनारा ने की सोम के नाम अपनी जिंदगी


अपनी अदाकारी से भोजपुरी फ़िल्म जगत में एक अलग मुकाम हासिल करने वाली मिस जम्मू अनारा गुप्ता ने अपनी जिंदगी भदोही (उत्तरप्रदेश ) के सोम यादव के नाम कर दी है। पिछले दिनों मुंबई के फिल्मसिटी में दोनों ने ही अपने अपने प्यार का इज़हार कर पुरी जिंदगी एक दूसरे का साथ देने का वादा किया। प्रसिद्द निर्देशक इकबाल बक्श द्वारा फिल्मसिटी कैंटीन के पास गार्डेन में बनाये गए खूबसूरत सेट को आर्ट डिरेक्टर ने दुल्हन की तरह सजाया था । कोरियोग्राफर दिलीप मिस्त्री की सहायक दो दर्ज़न से भी अधिक डांसरों को सोम और अनारा के इजहारे इश्क का गवाह बनने के तैयार कर रहे थे। मोनिटर पर ख़ुद इकबाल बक्श और दिलीप मिस्त्री कैमरे का एंगल देख रहे थे। डांसरों को तैयार करने के बाद दिलीप मिस्त्री ने अनारा और सोमं को बुलाया और एक्शन कहते ही गाना बजने लगा - जिनगी में आके भर देलू तू जान , दीवाना हैं तोहार गोरिया....... । शोट ओके होते ही हमने पहला सवाल अनारा से पुछा क्या वाकई जम्मू की गोरिया ने यूपी के छोरा को अपना दिल दे दिया है। अनारा ने मुस्कुराते हुवे कहा - हमारा किरदार ही कुछ ऐसा है, सोम शहर से पढ़ाई पूरी कर गाँव आते हैं और यहाँ मुझे दिल दे बैठते हैं और मैं भी उनके प्यार की दीवानी हो जाती हूँ। यहाँ जो गाना फिल्माया जा रहा है वो ड्रीम सोंग है । सोम ने बताया की दिल तोहरे प्यार में पागल हो गइल एक रोमांटिक फ़िल्म है , निर्देशक इकबाल बक्श नें लेखक रमेश मिश्रा के सहयोग से एक एक सीन को खूबसूरती से पिरोया है। जी नाइन इंटरटेनमेंट की यह फ़िल्म लोगो को भोजपुरी में यश चोपड़ा के फिल्मो का एहसास दिलाएगी । निर्देशक इकबाल बक्श के अनुसार उनकी पहली फ़िल्म हम हैं मुन्ना भइया में जहाँ लोगो को बेहतरीन एक्शन का नज़ारा देखने को मिलेगा वहीँ इस फ़िल्म में रोमांस और एक्शन का अपूर्व संगम का दीदार आम लोगो को होगा।

सोमवार, नवंबर 30, 2009

आमिर हुए रवि के अभिनय के कायल



अभिनेता आमिर खान भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन के अभिनय के कायल हैं और उन्होंने रविकिशन को अपने साथ काम करने का न्योता भेजा है। पिछले दिनों आमिर खान अपनी बहुचर्चित फ़िल्म थ्री इडियट को बिहार उत्त्तर प्रदेश के लोगो तक पहुचने के लिए भोजपुरी चैनल महुआ का सहारा लिया और इसमे उनकी मदद की रवि किशन ने। आमिर खान महुआ पर एक घंटे तक अपनी फ़िल्म को लेकर रवि किशन से बातचीत करेंगे। हाल ही में इसकी शूटिंग मुंबई के बांद्रा में संपन्न हुई। तय समय के मुताविक आमिर ठीक पाँच बजे स्टूडियो पहुँच गए , लेकिन रविकिशन राज पिछले जनम का की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण आधे घंटे देरी से पहुचे । आमिर और रवि पूरे ढाई घंटे तक फ़िल्म को लेकर बात की और बातचीत की शुरुवात आमिर ने फ़िल्म लक में रविकिशन के अभिनय की तारीफ़ से की। उन्होंने कहा मैंने लक देखी...सबसे अच्छा काम आपका ही था। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो रवि ने ना सिर्फ़ फ़िल्म बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कई सवाल पूछे। आमिर ने भी उन सवालो का जवाब इत्मीनान से दिया । आखिरकार जब सवाल जवाब का सिलसिला समाप्त हुआ तब आमिर ने रवि की तारीफ़ करते हुए कहा की पहली बार उन्होंने ढाई घंटे तक किसी का सवालो का जवाब दिया है वरना उनकी प्रेस कॉन्फरन्स मुश्किल से आधे घंटे चलती है। आमिर ने इसे रवि किशन का जादू करार दिया और रविकिशन को कहा की हमलोग जल्द साथ में काम करेंगे ।

आतंक के खिलाफ इस्लाम का पैगाम - बोहलोल दाना


आतंकवाद को जिहाद का नाम देकर कुछ लोग बेवजह इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं, जबकि इस्लाम इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है और इस धरम में नफरत और आतंक के लिए कोई जगह नही है । यही सार है एस एच के इंटरटेनमेंट की आने वाली फ़िल्म बोहलोल दाना - ऐ सेज ऑफ़ बग़दाद का । निर्देशक अब्दुल कयूम खान और निर्माता शमशीर हुसैन खान की यह फ़िल्म आठ सौ साल पुरानी कहानी से तालुक्क रखती है। सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाले शाही घराने से सम्बन्ध रखने वाले एक फकीर बोहलोल दाना की इस कहानी में यह बताया गया है की आतंक और अत्यचार के ख़िलाफ़ एकजुट होना ज़रूरी है। ख़ुद बोहलोल दाना ने अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ न सिर्फ़ आवाज़ उठाया बल्कि बिना हथियार, हिंसा के आतंक पर विजय भी प्राप्त की । फ़िल्म के लेखक मिराक मिर्ज़ा ने बताया की बोहलोल दाना का पैगाम आज भी उतना ही प्रासंगिक है । स्क्रिप्ट लिखते वक्त बोहलोल दाना की कहानी को मैंने आज के एक प्रोफ़ेसर की कहानी के रूप में पिरो दिया है, जिसका मानना है की मैं पहले हिन्दुस्तानी हूँ बाद में मुसलमान । यह फ़िल्म बताती है की इस्लाम में हिंसा के लिए कोई जगह नही है । जब यह मजहब सुसाइड के ख़िलाफ़ है तो सुसाइड बोम्बर का कोंसेप्त कहाँ से आ गया । बोहलोल दाना की भूमिका में हैं अब्बास अली जो सलमान खान और अनिल कपूर के फिटनेस ट्रेनर हैं। हाल ही में इस फ़िल्म का म्यूजिक रिलीज़ किया गया । इस मौके पर अब्बास मस्तान, अश्मित पटेल, शरद कपूर, रमेश तौरानी, सहित फ़िल्म के कलाकार और तकनीशियन मौजूद थे।

बुधवार, नवंबर 18, 2009

सॉरी सर जी डेट का प्रॉब्लम है




सॉरी सर जी डेट का प्रॉब्लम है .......यह शब्द आज भोजपुरी फ़िल्म जगत में काफ़ी लोकप्रिय हो गया है। न सिर्फ़ बड़े स्टार और बड़े तकनीशियन बल्कि छोटे छोटे रोल करने वाले और स्पोट बॉय भी इसी शब्द का बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं और इसकी वजह है भोजपुरी फिल्मो में आया जबरदस्त बूम। भोजपुरी फ़िल्म जगत के पचास साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ सत्रह फिल्मो की शूटिंग चल रही है। हालात यह है की भोजपुरी का कोई भी सितारा खाली नही है। जिन सत्रह फिल्मो की शूटिंग चल रही है उसमे पहला नाम है चर्चित निर्माता आलोक कुमार की फ़िल्म गंगा जमना सरस्वती की जिसमे भोजपुरी के तीनो दिग्गज रविकिशन, मनोज तिवारी और निरहुआ पहली बार साथ काम कर रहे हैं । इस फ़िल्म की शूटिंग मुंबई के कमालिस्तान स्टूडियो सहित कई लोकेशन पर चल रही है। मुंबई में अन्य जिन फिल्मो की शूटिंग चल रही है उनमे निर्देशक धीरज कुमार की रविकिशन अभिनीत राम बनवले जोड़ी , शाद कुमार की त्रिनेत्र , इकबाल बक्श की सुशील सिंह अभिनीत हम हैं मुन्ना भइया, आदि शामिल है । जहाँ तक मुंबई के आसपास में शूट हो रही फिल्मो की बात है उनमे राजकुमार पांडे की रविकिशन पवन सिंह अभिनीत देवरा बड़ा सतावेला शामिल है जबकि तीन फ़िल्म इकबाल बक्श की सोम यादव अनारा गुप्ता अभिनीत दिल तोहरे प्यार में पागल हो गइल की शूटिंग महाबलेश्वर में , जगदीश शर्मा की रविकिशन अभिनीत मार देव गोली केहू ना बोली की शूटिंग राजपिपला में और निर्माता दीपक शर्मा, निर्देशक निर्मल की सुशील सिंह, विराज भट्ट व विनय आनद अभिनीत फ़िल्म जिगर वाला की शूटिंग विरार में इसी सप्ताह शुरू हो रही है। भोजपुरी फिल्मो के गढ़ बिहार में तो इन दिनों जैसे शूटिंग की बहार सी आ गई है । बिहार में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ सात फिल्मे फ्लोर पर है जिसके कारण मुंबई आकर संघर्ष करने में असफल कलाकारों की चांदी हो गई है। पटना से लगे शहर हाजीपुर में दो यूनिट ठहरी हुई है। पहली यूनिट निर्देशक आयुष प्रसाद की फ़िल्म लाट साहब का है जिसमे कोरिओग्रफर से अभिनेता बने राजीव दिनकर मुख्य भूमिका में हैं। दूसरी यूनिट फ़िल्म जोड़ी बा अनमोल की है । निर्माता अरविन्द श्रीवास्तव , निर्देशक अमर ज्योति की इस फ़िल्म में कुणाल सिंह, मनीष चतुर्वेदी, स्वाति वर्मा और अवधेश मिश्रा मुख्य भूमिका में हैं। पटना के ही निकट आरा शहर में प्रसिद्द निर्देशक असलम शेख की फ़िल्म तू ही मोर बालमा की शूटिंग चल रही है. इस फ़िल्म में जूनियर निरहुआ प्रवेश लाल यादव और रिंकू घोष की जोड़ी है। इसी तरह बक्सर में निर्देशक चुनमुन पंडित की फ़िल्म किसना कईलस कमाल की शूटिंग चल रही है जिसमे विनय आनंद और गुंजन पन्त मुख्य भूमिका में हैं। इसी तरह मोतिहारी में निर्माता अनंजय रघुराज व निर्देशक मनोज झा की फ़िल्म प्यार बिना चैन कहाँ रे की शूटिंग जोर शोर से चल रही है। इस फ़िल्म में पवन सिंह और स्मृति सिन्हा की जोड़ी है। छपरा में निर्देशक सुजीत पुरी सुदीप पांडे और स्वीटी छाबरा के साथ मिस्टर तांगा वाला की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसी तरह पंकज केसरी अभिनीत जुदाई की शूटिंग भी बिहार में चल रही है। सिर्फ़ यही नही दक्षिण भारत में भी भोजपुरी फिल्मो का बुखार छाया हुआ है । मूवी मुग़ल के नाम से मशहूर डी.रामा नायडू की फ़िल्म शिवा की शूटिंग इन दिनों विशाखापतनम में चल रही है । इस फ़िल्म में निरहुआ और पाखी हेगड़े मुख्य किरदार में हैं। भोजपुरी फिल्मो में आए इस बहार को प्रसिद्द फ़िल्म प्रचारक उदय भगत भोजपुरी फ़िल्म जगत का स्वर्णिम दौर मानते है। बहरहाल साल में मात्र तीस से चालीस फ़िल्म देने वाली इस फ़िल्म जगत के लिए आने वाला साल काफ़ी सुखद माना जा रहा है ।