2012 में रिलीज भोजपुरी फिल्मो के शीर्ष कों पर ध्यान दीजिए। ˜लावारिस , ˜एक दूजे के लिए, ˜हीरो , ˜जानवर, ˜जान तेरे नाम और ˜खून पसीना जैसे शीषर्क सत्तर के दशक की हिन्दी फिल्मों की याद दिलाते हैं। इन शीषर्कों को सुन कर दर्शकों को किसी भोजपुरी फिल्म होने का अहसास नहीं होता। बावन साल का हो चुका भोजपुरी फिल्म उद्योग आज भी शीषर्कों की तरह हिन्दी फिल्मों का पिछलग्गू बना हुआ है। अगर किसी भोजपुरी फिल्म के शीषर्क से भोजपुरी फिल्म होने का अहसास होता है तो वह यह भी बताता है कि फिल्म कमोबेश सेक्स से भरपूर है। विक्रांत सिंह और मोनालिसा की फिल्म˜मेहरारू बिना रतिया कैसे क इसका प्रमाण है कि फिल्म में क्या हो गा ? बॉलीवुड की तरह भोजपुरी फिल्में भी स्टारडम पर टिकी हुई नजर आती हैं। अभिनेत्रियों की मांसल देह दर्शकों को खींचने के लिए उदारता से उपयोग की जाती हैं। भोजपुरी फिल्मों के अपने सुपर स्टार हैं। रवि किशन निर्माता मोहनजी प्रसाद की 2003 में रिलीज फिल्म ˜सैयां हमार बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। बिहार के लोक गायक मनोज तिवारी की फिल्म ˜ससुरा बड़ा पैसे वाला ने मानो भोजपुरी फिल्म उद्योग को ऑक्सीजन दे दी। हिट फ्लॉप और हिट फिल्म से गुजरता भोजपुरी फिल्म उद्योग पिछले साल मालामाल लगता है क्योंकि उस साल 52 भोजपुरी फिल्में रिलीज हुईं। 2012 की पहली रिलीज भोजपुरी फिल्म रवि किशन और रिंकू घोष की ˜केहू हमसे जीत ना पाई थी तो अंतिम फिल्म विराज भट्ट की ˜तांडव थी। 2012 में रिलीज ज्यादातर फिल्में भोजपुरी के बड़े स्टारों वाली फिल्में थीं। यह बात दीगर है कि अधिकतर फिल्में इसके निर्मा ताओं के लिए घाटे का सौदा साबित हुईं। भोजपुरी बॉक्स ऑफिस पंडितों का मानना है कि इस साल भोजपुरी के रवि किशन, निरहुआ, पवन सिंह और मनो ज तिवारी जैसे बड़े सितारों की फिल्में अपनी लागत तक नहीं वसूल पायीं। पाखी हेगड़े, मोनालिसा, रिंकू घोष आदि स्थापित अभिनेत्रियों की मांसल देह का जादू भी बरकरार नहीं रह सका। पुरानी अभिनेत्रियों में केवल रानी चटर्जी ही अपना स्थान बरकरार रख सकीं। साल 2012 ने भोजपुरी फिल्म उद्योग को दो बड़े सितारे दिये। खेसारीलाल औ र अंजना सिंह भोजपुरी फिल्मों के सबसे सफल सितारे थे । खेसारीलाल की ˜जान तेरे नाम , ˜लहू के दो रंग€˜दिल ले गइल अाे ढ ़िन्ा य्ाा वाली, ˜देवरा पे मनवा डोले बड़ी हिट फिल्में थीं। अं जना सिंह की ˜एक बिहारी सौ पे भारी ˜दिल ले गई ओढ़निया वाली, ˜मर्द तां गे वाला, ल्ाा व्ाा िर स्ा , आदि फिल्में रिलीज हु ई । कुछ बड़े सितारों वाली उल्लेखनीय फिल्मों में निरहुआ की एक बिहारी सौ पे भारी ˜गं गा देवी, एक दूजे के लिए ˜बिदेसिया निरहुआ की ˜रिक्शवाला आई लभ यू, रवि किशन की ˜कइसन पियवा का चरित्तर बा,˜प्राण जाए पर वचन ना जाये, ˜रणवीर, ˜ज्वाला मंडी, , पवन सिंह की ˜खून पसीना, ˜सौगंध गंगा मैया क, ˜डकैत,˜लावारिस, ˜डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली, आं धी तूफान, ˜बजरंग, रंगबाज राजा, मनोज तिवारी की अंधा कानून, विराज भट्ट की दुर्गा, ˜दिल ता पागल हो ला, ˜जान तेरे नाम, ˜जानवर, ˜हिम्मतवाला, आदि के नाम शामिल हैं। इस साल विनय आनन्द की ˜पागल प्रेमी,˜दबंग दामाद भी रिलीज हुई। रवि किशन हिन्दी फिल्मों में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं, जबकि मनोज तिवारी को टीवी का चस्का लग गया है। मनोज तिवारी सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग में भोजपुरी सितारों की क्रिकेट टीम का नेतृ त्व करेंगे। भोजपुरी फिल्मों के पांच सौ से ज्यादा प्रिंट लैब में पड़े हुए हैं क्योंकि वितरक कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। इसका नतीजा यह हुआ कि भोजपुरी में सी- ग्रेड की कमोबेश अश्लील फिल्मों की शुरुआत हो गयी है। कांति शाह की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ एक ऐसी ही फिल्म है। इस फिल्म में मोनालिसा हीरोइन है। इस फिल्म के पोस्टर में जिस प्रकार से मोनालिसा अपने नंगे बदन को ढकने का प्रयास कर रही हैं, उससे साफ पता चलता है कि वह बता रही हैं कि फिल्म में देखने के लिए काफी कुछ है। मोनालिसा भोजपुरी की बड़ी एक्ट्रेस में शामिल है। सुना है कांति शाह ऐसी सी-ग्रेड फिल्में बनाने जा रहे हैं। भोजपुरी फिल्मों की यह अश्लीलता इसकी बॉक्स ऑफिस मजबूरी भी है। नब्बे के दशक तक साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्में बनाने वाला भोजपुरी फिल्म उद्योग दर्शकों के छिटक जाने से अश्लीलता की ओर मुड़ गया। इसे बॉलीवुड का प्रभाव भी कहा जा सकता है। इस साल भोजपुरी से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों में भोजपुरी फिल्म देसवा गोवा में भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाना, रवि किशन को मॉरीशस सरकार द्वारा भोजपुरी फिल्मों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाना खास है। ˜देसवा हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री नीतू चन्द्रा के भाई नितिन चन्द्रा की बतौर पहली भोजपुरी फिल्म थी। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन गंगा देवी में नजर आये। निरहुआ का बिग बॉस से आउट हो जाना भोजपुरी समाज के लिए निराशाजनक रहा।
शुक्रवार, जनवरी 04, 2013
बॉलीवुड की नकल करतीं भोजपुरी फिल्में ( Rashtriya sahara )
2012 में रिलीज भोजपुरी फिल्मो के शीर्ष कों पर ध्यान दीजिए। ˜लावारिस , ˜एक दूजे के लिए, ˜हीरो , ˜जानवर, ˜जान तेरे नाम और ˜खून पसीना जैसे शीषर्क सत्तर के दशक की हिन्दी फिल्मों की याद दिलाते हैं। इन शीषर्कों को सुन कर दर्शकों को किसी भोजपुरी फिल्म होने का अहसास नहीं होता। बावन साल का हो चुका भोजपुरी फिल्म उद्योग आज भी शीषर्कों की तरह हिन्दी फिल्मों का पिछलग्गू बना हुआ है। अगर किसी भोजपुरी फिल्म के शीषर्क से भोजपुरी फिल्म होने का अहसास होता है तो वह यह भी बताता है कि फिल्म कमोबेश सेक्स से भरपूर है। विक्रांत सिंह और मोनालिसा की फिल्म˜मेहरारू बिना रतिया कैसे क इसका प्रमाण है कि फिल्म में क्या हो गा ? बॉलीवुड की तरह भोजपुरी फिल्में भी स्टारडम पर टिकी हुई नजर आती हैं। अभिनेत्रियों की मांसल देह दर्शकों को खींचने के लिए उदारता से उपयोग की जाती हैं। भोजपुरी फिल्मों के अपने सुपर स्टार हैं। रवि किशन निर्माता मोहनजी प्रसाद की 2003 में रिलीज फिल्म ˜सैयां हमार बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। बिहार के लोक गायक मनोज तिवारी की फिल्म ˜ससुरा बड़ा पैसे वाला ने मानो भोजपुरी फिल्म उद्योग को ऑक्सीजन दे दी। हिट फ्लॉप और हिट फिल्म से गुजरता भोजपुरी फिल्म उद्योग पिछले साल मालामाल लगता है क्योंकि उस साल 52 भोजपुरी फिल्में रिलीज हुईं। 2012 की पहली रिलीज भोजपुरी फिल्म रवि किशन और रिंकू घोष की ˜केहू हमसे जीत ना पाई थी तो अंतिम फिल्म विराज भट्ट की ˜तांडव थी। 2012 में रिलीज ज्यादातर फिल्में भोजपुरी के बड़े स्टारों वाली फिल्में थीं। यह बात दीगर है कि अधिकतर फिल्में इसके निर्मा ताओं के लिए घाटे का सौदा साबित हुईं। भोजपुरी बॉक्स ऑफिस पंडितों का मानना है कि इस साल भोजपुरी के रवि किशन, निरहुआ, पवन सिंह और मनो ज तिवारी जैसे बड़े सितारों की फिल्में अपनी लागत तक नहीं वसूल पायीं। पाखी हेगड़े, मोनालिसा, रिंकू घोष आदि स्थापित अभिनेत्रियों की मांसल देह का जादू भी बरकरार नहीं रह सका। पुरानी अभिनेत्रियों में केवल रानी चटर्जी ही अपना स्थान बरकरार रख सकीं। साल 2012 ने भोजपुरी फिल्म उद्योग को दो बड़े सितारे दिये। खेसारीलाल औ र अंजना सिंह भोजपुरी फिल्मों के सबसे सफल सितारे थे । खेसारीलाल की ˜जान तेरे नाम , ˜लहू के दो रंग€˜दिल ले गइल अाे ढ ़िन्ा य्ाा वाली, ˜देवरा पे मनवा डोले बड़ी हिट फिल्में थीं। अं जना सिंह की ˜एक बिहारी सौ पे भारी ˜दिल ले गई ओढ़निया वाली, ˜मर्द तां गे वाला, ल्ाा व्ाा िर स्ा , आदि फिल्में रिलीज हु ई । कुछ बड़े सितारों वाली उल्लेखनीय फिल्मों में निरहुआ की एक बिहारी सौ पे भारी ˜गं गा देवी, एक दूजे के लिए ˜बिदेसिया निरहुआ की ˜रिक्शवाला आई लभ यू, रवि किशन की ˜कइसन पियवा का चरित्तर बा,˜प्राण जाए पर वचन ना जाये, ˜रणवीर, ˜ज्वाला मंडी, , पवन सिंह की ˜खून पसीना, ˜सौगंध गंगा मैया क, ˜डकैत,˜लावारिस, ˜डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली, आं धी तूफान, ˜बजरंग, रंगबाज राजा, मनोज तिवारी की अंधा कानून, विराज भट्ट की दुर्गा, ˜दिल ता पागल हो ला, ˜जान तेरे नाम, ˜जानवर, ˜हिम्मतवाला, आदि के नाम शामिल हैं। इस साल विनय आनन्द की ˜पागल प्रेमी,˜दबंग दामाद भी रिलीज हुई। रवि किशन हिन्दी फिल्मों में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं, जबकि मनोज तिवारी को टीवी का चस्का लग गया है। मनोज तिवारी सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग में भोजपुरी सितारों की क्रिकेट टीम का नेतृ त्व करेंगे। भोजपुरी फिल्मों के पांच सौ से ज्यादा प्रिंट लैब में पड़े हुए हैं क्योंकि वितरक कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। इसका नतीजा यह हुआ कि भोजपुरी में सी- ग्रेड की कमोबेश अश्लील फिल्मों की शुरुआत हो गयी है। कांति शाह की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ एक ऐसी ही फिल्म है। इस फिल्म में मोनालिसा हीरोइन है। इस फिल्म के पोस्टर में जिस प्रकार से मोनालिसा अपने नंगे बदन को ढकने का प्रयास कर रही हैं, उससे साफ पता चलता है कि वह बता रही हैं कि फिल्म में देखने के लिए काफी कुछ है। मोनालिसा भोजपुरी की बड़ी एक्ट्रेस में शामिल है। सुना है कांति शाह ऐसी सी-ग्रेड फिल्में बनाने जा रहे हैं। भोजपुरी फिल्मों की यह अश्लीलता इसकी बॉक्स ऑफिस मजबूरी भी है। नब्बे के दशक तक साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्में बनाने वाला भोजपुरी फिल्म उद्योग दर्शकों के छिटक जाने से अश्लीलता की ओर मुड़ गया। इसे बॉलीवुड का प्रभाव भी कहा जा सकता है। इस साल भोजपुरी से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों में भोजपुरी फिल्म देसवा गोवा में भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाना, रवि किशन को मॉरीशस सरकार द्वारा भोजपुरी फिल्मों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाना खास है। ˜देसवा हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री नीतू चन्द्रा के भाई नितिन चन्द्रा की बतौर पहली भोजपुरी फिल्म थी। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन गंगा देवी में नजर आये। निरहुआ का बिग बॉस से आउट हो जाना भोजपुरी समाज के लिए निराशाजनक रहा।
बुधवार, जनवरी 02, 2013
सुप्रेरणा सिंह का कैंडल मार्च
1 जनवरी 2013 को नए साल का जश्न ना मनाकर फिल्म अभिनेत्री "सुप्रेरणा सिंह" ने उत्तर प्रदेश के कानपुर में दामिनी को श्रद्धांजली अर्पित किया तथा श्री बालाजी नव युवक कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर दामिनी रेप के अपराधियों को जल्द से जल्द सज़ा की मांग करते हुए कैंडल मार्च किया। यह कैंडल मार्च कानपुर के राजीव वाटिका, मोती झील से अमर जवान चौक तक हजारों की भीड़ के साथ किया गया। भोजपुरी, हिंदी तथा दक्षिण भारत की फिल्म अभिनेत्री "सुप्रेरणा सिंह" ने कैंडल मार्च में शामिल होने के लिए मुंबई से कानपुर गयीं। उन्होंने ने कहा कि "देश की सरकार अगर बेटियों की सुरक्षा नहीं कर सकती है तो सरकार को अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। क्योंकि मैं भी एक लड़की हूँ और दामिनी से मेरी संवेदनाएं जुडी हुयी है। मैं चाहती हूँ कि दोषियों को ऐसी सज़ा मिले कि वह भी तिल तिल कर मरें। सरकार से मेरी अपील है कि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे केसों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाय, जिससे दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा मिल सके। इस रेप काण्ड के अपराधी को नाबालिग कहकर फाँसी की सजा सुनाने पर विचार किया जा रहा है, ऐसा क्यो ...? जो नाबालिग यह बड़ा काण्ड कर सकता है, उसके दुष्कर्म से किसी बेक़सूर की जान जा सकती है, तो उसे सज़ा क्यों नहीं दिया जा सकता ...? क्या दिवंगत दामिनी की आत्मा को शांति मिल सकेगी ...?''
कमेटी महामंत्री मोहित शुक्ला ने कहा की "ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए युवाओं को आगे आना पड़ेगा। सरकार को सभी 6 आरोपियों को फांसी देनी पड़ेगी, भले ही उनमें से एक नाबालिग है। अगर वह रेप जैसा दुष्कर्म कर सकता है तो उसको सबसे कम सज़ा क्यों ? दामिनी तो चली गयी मगर लोगो को जगा गयी। हमारे देश को आज़ाद हुए 65 साल हो गये परन्तु लड़कियां अभी भी महफूज़ नहीं हैं।"
मंगलवार, जनवरी 01, 2013
Bhojpuri Films in 2012
भोजपुरी सिनेमा लेखा - जोखा वर्ष 2012 भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए वर्ष 2012 पिछले साल की तरह ही थोड़ी ख़ुशी थोड़े गम भरा रहा इस वर्ष प्रदर्शित हुई 55 फिल्मो में मात्र दो फिल्मे ही सुपर हिट साबित हुई जबकि दस फिल्मो ने औसत व्यवसाय किया . बाकी की फिल्मे दर्शको को खींचने में नाकाम साबित हुई . इस वर्ष पहली प्रदशित फिल्म रही रवि किशन की केहू हमसे जीत ना पायी व लोकगायक गुडडू रंगीला की "ससुरो कब्बो दामाद रहल "! 21 जनवरी को प्रदशित हुई इन फिल्मो में से केहू हमसे जीत ना पाई बॉक्स ऑफिस का दिल जीतने में कुछ ख़ास सफल नहीं रही जबकि ससुरो कब्बो दामाद रहल को दर्शको ने बुरी तरह नकारा व फिल्म फ्लॉप रही। फिर 3 फरवरी को निरहुआ - पवन सिंह स्टार "खून पसीना" प्रदशित हुई। इस फिल्म ने बिहार, मुंबई में ठीक ठाक व यू पी में औसत व्यवसाय किया लेकिन लागत वसूलने में फिल्म असफल रही . इसी के साथ प्रदशित हुई "अचल रहे सुहाग" बुरी तरह फ्लॉप रही। 17 फरवरी को प्रदशित हुई प्रवेशलाल यादव स्टार "राजा के रानी से प्यार हो गईल" और नये कलाकारों से सजी "देवता" में से राज के रानी ... को कुछ हद तक दर्शक मिले पर देवता दर्शको के लिए तरसती रही। होली पर प्रदशित हुई रानी चटर्जी स्टार "दुर्गा " ने बिहार, मुंबई में अच्छा व्यवसाय किया। इसी दिन रिलीज़ हुई रवि किशन - रानी चटर्जी स्टार "कईसन पियवा के चरितार बा" और रवि किशन अक्षरा सिंह की प्राण जाये पर वचन ना जाये भी औसत व्यवसाय करने में सफल रही पर फिल्म अपनी लागत से काफी दूर रही । फिर 23 मार्च को मुंबई व 30 मार्च को बिहार में प्रदशित हुई मनोज तिवारी -पाखी हेगड़े स्टार "भईया हमार दयावान" प्रदशित हुई बुरी तरह फ्लॉप रही। 30 मार्च को मुंबई व बिहार में प्रदशित हुई निरहुआ - पाखी अभिनीत "बिदेसिया" बुरी तरह फ्लॉप रही। 6 अप्रैल को प्रदशित हुई "जान तेरे नाम" ने पुरे बिहार में शानदार व्यवसाय किया। खेसरीलाल के इस फिल्म ने बिहार के कई सिनेमाघरों में पचास दिन पुरे किये व सिर्फ बिहार से ही 1 करोड़ से अधिक का व्यवसाय किया। "जान तेरे नाम " ने यू पी में ऐतिहासिक व्यवसाय किया लेकिन मुंबई में यह फिल्म व्यवसाय करने में असफल रही । अप्रैल में ही प्रदशित हुई मनोज पाण्डेय स्टार "राजाजी", विक्रांत सिंह स्टार "मेहरारू बिना रतिया कईसे कटी" विराज भट्ट - रानी चटर्जी स्टार "काहे कईल हमसे घात" विनय आनंद स्टार "ऐलान-ए-जंग" बुरी तरह फ्लॉप रही। 10 मई को प्रदशित हुई अलोक कुमार की खेसारीलाल - स्मृति सिन्हा व अंजना सिंह की " देवरा पे मनवा डोले" ने बढ़िया ओपनिग ले कर अच्छा व्यवसाय किया व हिट के पायदान तक पहुचने में सफल रही . 18 मई को प्रदशित हुई विनय आनंद स्टार "पागल प्रेमी" शानदार पबिलासिटी के बावजूद औसत व्यवसाय भी नहीं कर पायी व असफल रही। 18 मई को ही आई पवन सिंह स्टार "बजरंग" भी नकाम रही। 25 मई को प्रदशित हुई रवि किशन की " रणबीर" बॉक्स ऑफिस पर ओंधे मूह गिरी । कोर्ट के रोक के चलते देर हुई भोजपुरी फिल्म "सौगंध गंगा मईया के" औसत व्यवसाय ही कर पायी और अपनी लागत से काफी दूर रही . 1 जून को आई "बुलंदी" बुरी तरह फ्लॉप रही। 8 जून को प्रदशित हुई खेसारीलाल - अंजना सिन्हा स्टार "दिल ले गईल ओढनिया वाली वाली" ने भी बिहार में औसत व्यवसाय किया, लेकिन मुंबई में यह फिल्म जबरदस्त हिट व यू पी में भी ठीक रही . इस साल की खेसारी लाल की तीसरी फिल्म थी जो सफलता की सीढ़ी पर चढ़ी . 8 जून को ही आई पंकज केसरी स्टार "प्यार मोहब्बत जिंदाबाद" से दर्शको ने कोई प्यार नहीं किया। 15 जून को विराज भट्ट " जानवर" प्रदशित हुई। यह फिल्म भी कोई कोई ख़ास करिश्मा कर पायी । वही 15 जून को ही आई "कलुआ भईल सायन" को भी दर्शको ने नकार दिया । 29 जून को आई "रंगबाज राजा" भी कोई करिश्मा नहीं कर सकी। 29 को ही आई "भाई जी " भी कुछ खास नहीं रही। 6 जुलाई को आई विराज भट्ट स्टार " दिल ता पागल होला" फ्लॉप हुई वही 13 जुलाई को बिहार, यू पी में प्रदशित हुई "हीरो" बॉक्स ऑफिस पर औसत व्यवसाय कर पायी। जुलाई में आई "नंदू निकम्मा" व विराज भट्ट स्टार "खुद्दार" बुरी तरह फ्लॉप रही वाही पवन सिंह स्टार "डकैत" ने बिहार व मुंबई में अच्छा व्यवसाय किया लेकिन फिर भी फिल्म लागत वसूल नहीं पायी। 17 अगस्त को ईद के अवसर पर प्रदशित हुई निरहुआ अंजना सिंह - अक्षरा सिंह स्टारर "एक बिहारी सो पे भारी" भी बॉक्स ऑफिस पर कोई बहुत बड़ा धमाका नहीं कर पायी । वहीँ 24 अगस्त को प्रदशित रवि किशन - रानी चटर्जी "ज्वालामंडी " भी लागत वसूलने में असफल रही . 31 अगस्त को प्रदशित हुई "कालिया" अपना जादू नहीं चला पायी । 7 सितम्बर को प्रदशित हुई पवन सिंह स्टार "लावारिस" ने औसत व्यवसाय किया वहीँ इसी दिन प्रदशित हुई "लव यू सजाना" फ्लॉप रही। 14 सितम्बर को आई अमितभ बच्चन, जया बच्चन, निरहुआ, पाखी स्टार "गंदादेवी" पुरे भारत में एक साथ प्रदशित हुई, लेकिन फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गयी . 28 सितम्बर को प्रदशित हुई। पवन सिंह स्टार " डोली चढ़के दुलिहन ससुराल चली" और विराज भट्ट स्टार " मर्द तांगावाला" बुरी तरह नाकाम रही। 5 अक्तूबर को प्रदशित हुई रानी चटर्जी स्टार धड़केला करेजवा तोहरे नामे" ने औसत व्यवसाय किया जबकि सुदीप पाण्डेय स्टारर "गजब सिटी मरे सईया पिछवारे" बहुत ही बड़ी फ्लॉप रही। 12 अक्दुबर को प्रदशित हुई रानी चटर्जी स्टार "चिंगारी" बुझ गयी और विनय आनंद स्टार "आज के दबंग दामाद" भी नाकाम रही। दुर्गा पूजा पर प्रदशित हुई न्रिहुआ - पाखी स्टार "रिक्शावाला आई लव यू, निरहुआ - पवन स्टार "एक दूजे के लिए" व विराज भट्ट स्टार "हिम्मतवाला" में हिम्मतवाला बुरी तरह फ्लॉप रही। रिक्शावाला आई लव यू, बिहार में पीट गयी लेकिन यू पी में शानदार व्यवसाय किया . वही "एक एक दूजे के लिए" भी अपनी लागत वसूलने में असफल रही . इसी माह आई "अँधा कानून" सिर्फ मुंबई में रिलीज हुई और फ्लॉप रही। 2 नवम्बर को आई "सेज तैयार सजनिया फरार" से दर्शक फरार रहे। छठ पर आई "नागिन" "लहू के दो रंग" और अंधी तूफान" में राजकुमार पाण्डेय की "नागिन" और लहू के दो रंग ही औसत व्यवसाय किया जबकि "अंधी तूफान" कुछ खास व्यवसाय नहीं कर सकी। बाद में आई "दामाद चाही फ़ोकट में" "बिगुल" "खुनी दंगल" "अंतिम तांडव" "का उखाड़ लेब" और "प्रेम लगन" कुछ खास नहीं कर सकी।
कानपूर में सुप्रेरना का केंडल मार्च आज
भोजपुरी, हिंदी तथा दक्षिण भारत की फिल्मों की सफल अभिनेत्री ''सुप्रेरणा सिंह'' ने आज कानपुर में दिल्ली रेप काण्ड के विरोध में आज कैंडल मार्च कर रही हैं। यह कैंडल मार्च कानपुर के राजीव वाटिका से अमर जवान चौक तक किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में ''सुप्रेरणा सिंह'' कहा कि ''इस रेप काण्ड के अपराधी को नाबालिग कहकर सजा सुनाने पर विचार किया जा रहा है, ऐसा क्यो ...? क्या जो नाबालिग यह बड़ा काण्ड कर सकता है, उसके दुष्कर्म से किसी बेक़सूर की जान जा सकती है, तो उसे सज़ा क्यों नहीं दिया जा सकता ...? क्या दिवंगत दामिनी की आत्मा को शांति मिल सकेगी ...? यह कैंडल मार्च समाज सेवक मोहित शुक्ला के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। मोहित शुक्ला ने बताया कि " हम लोग दामिनी की श्रद्धांजलि देते हुए सर पर काली बाँधकर विरोध जताया जा रहा है। वह लड़का जिसे नाबालिग कहकर सज़ा नहीं देने की बात हो रही है, अगर वह रेप कर सकता है, तो फांसी की सज़ा क्यों नहीं दिया जा सकता है?
शनिवार, नवंबर 17, 2012
Bala Saheb Thakre is no more
शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे का आज दोपहर तीन बजे निधन हो गया। वो 86 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर फ़ैल गयी है .
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध राजनेता एवं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब केशव ठाकरे का जन्म 23 जनवरी, 1926 को मध्य प्रदेश के बालाघाट में हुआ था। उन्होंने शिवसेना नामक एक हिंदू राष्ट्रवादी दल का गठन किया। 86 वर्षीय बाला साहेब ठाकरे ने मशहूर समाचारपत्र फ्री प्रेस जर्नल में कार्टूनिस्ट के तौर पर अपने कैरियर की शुरूआत की थी।
देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे बालासाहेब ठाकरे अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपना कैरियर एक कार्टूनिस्ट के रूप में शुरु किया था। 1950 के दशक में फ्री प्रेस जर्नल में कार्टूनिस्ट के रूप में शुरूआत करने वाले शिवसेना प्रमुख के बनाए कार्टून्स भारत के टाइम्स के रविवार संस्करण में प्रकाशित किए गए। बाद में बाल ठाकरे ने 1960 में अपने भाई के साथ एक कार्टून साप्ताहिक मार्मिक का शुभारंभ किया। ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी संपादकीय लिखते रहे हैं।
बालासाहेब ठाकरे ने 19 जून 1966 में शिव सेना की स्थापना की। बाल ठाकरे के अनुसार शिव सेना की स्थापना महाराष्ट्र के मूल निवासी के अधिकारों के लिए की गई है। वर्ष 1995 में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने महाराष्ट्र में विधान सभा चुनाव में जीत हासिल की। 1995-1999 तक के कार्यकाल के दौरान रिमोट कंट्रोल उपनाम से पर्दे के पीछे से उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई।
अपने तीखे बयानों को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले बालासाहेब ठाकरे हमेशा से ही कट्टर हिंदूवादी मानसिकता के पक्षधर रहे हैं। वह अडोल्फ हिटलर से भी बेहद प्रभावित हैं। हिटलर की प्रशसा करते हुए ठाकरे ने कहा, मैं हिटलर का बहुत बड़ा प्रशसक रहा हूं और मुझे इस बात को स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं आ रही है। मैं यह नहीं कह रहा की मैं उनकी हर बात से सहमत हूं लेकिन वह एक अद्भुत आयोजक और वक्ता थे और मुझे लगता है कि उसमें और मुझमें कई समानताएं हैं। साथ ही मुझे लगता है की भारत को एक तानाशाह की बेहद जरूरत है। हिटलर की तरह ठाकरे ने भी कभी अपने कट्टर हिंदूवादी रवैये से कोई समझौता नहीं किया।
जय महाराष्ट्रा जैसे संबोधन देने वाले शिवसेना प्रमुख ने हाल ही में अपना 85वा जन्मदिन मनाया था। बाल ठाकरे ने अपनी पूरी उम्र हिन्दू धर्म की राजनीति की। बिहार और बिहारियों के प्रति कठोर बयान देने को लेकर ठाकरे परिवार हमेशा से राजनीतिक दलों निशाने पर रहे हैं। अपनी मराठा राजनीति को चमकाने के लिए कई बार महाराष्ट्र में बसे बिहारियों को शिवसेना ने निशाना बनाया है। हाल के दिनों में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और ठाकरे परिवार के बीच इसको लेकर जुबानी जंग देखा गया था। दिग्विजय सिंह ने ठाकरे परिवार द्वारा बिहार से मुंबई आकर बसे लोगों के खिलाफ उगली जा रही आग पर ये कहा कर हवा दे दी की ठाकरे परिवार खुद 400 साल पहले बिहार के मगध प्रान्त से यहां आकर बसा, दिग्विजय सिंह का ये बयान आग में घी का काम कर गया। इस बयान पर बिफरे उद्धव ठाकरे ने कहा की उनके दादा ने जिस किताब में ये लिखा था, उसमे बिहार के ठाकरे समुदाय के बारे में जिक्र किया था ना कि हमारे परिवार के बारे में, उद्धव ठाकरे ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए यहा तक कहा कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नही है वो पागल है।
बीते दिनों ठाकरे परिवार के मुखिया बालासाहेब ठाकरे के स्वास्थ्य को लेकर उठी चर्चा के बाद उनको चाहने वालों में चिंता साफ तौर पर दिखाई दी। शिवसेना के संस्थापक की खराब तबियत के साथ ही बदलते राजनीतिक समीकरणों की भी चर्चा शुरू हो गई थी। उनकी गोद में खेले उनके भतीजे एवं मनसे प्रमुख राज ठाकरे यह खबर सुनकर विचलित हुए एवं उनसे मिलने पहुंच गए। शिवसेना छोड़ने के बाद कई वषरें तक पार्टी और परिवार से अलगाव झेल रहे राज ठाकरे की कुटुंब में स्थिति बदली है।
कई जगहों पर शिवसेना और मनसे के बीच जिस तरह राजनीतिक समझौता हुआ है, उसे देखते हुए दोनों पार्टियों के कॉमन एजेंडे के लिए साथ आने की संभावना साफ दिखाई दे रही है। कहने वाले तो इतना तक कह रहे हैं कि सवाल सिर्फ टाइमिंग का है। ये सब 2014 के चुनाव के समय होगा या उससे पहले ही हो जाएगा, यह चर्चा चल निकली है।
बालासाहेब के पुत्र उद्धव की बीमारी की खबरों से पार्टी का एक तबका चिंतित हैं। बीते दिनों दिल की ऐंजियोग्राफी कराकर उद्धव घर लौटे ही थे कि बालासाहेब को उसी अस्पताल में दाखिल करना पड़ा था। शिवसेना ने मुंबई महानगरपालिका का चुनाव जीता, उसके बाद से बालासाहेब के पौत्र और उद्धव के बेटे आदित्य के राजनीतिक प्रॉजेक्शन में कोई कमी नहीं बरती जा रही है। ये सब बालासाहेब और उद्धव के अस्पताल यात्रा के पहले की बात है। पिछले दिनों युवा सेना प्रमुख के तौर पर उनका एकल संबोधन इसी दिशा में उठाया गया ठोस कदम कहा जा सकता है। पूरी शिवसेना को आदित्य के पीछे खड़ा करने का प्रयास किसी से छिपा नहीं है।
सभी तरह के राजनीतिक दुराव के बावजूद बालासाहेब और राज की चाचा-भतीजा की जोड़ी में स्नेह भाव कायम है। इसी तरह ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी के आदित्य और रिश्ते में उनके चाचा राज के बीच किसी तरह की स्पर्धा होने का कारण नहीं बनता। चाचा-भतीजे की यह जोड़ी, वह राजनीतिक खाई पाट पाएगी, जो चचेरे भाइयों उद्धव और राज के बीच खड़ी हो गई थी। बार-बार हो रहा ये कौटुंबिक मेलमिलाप महाराष्ट्र की राजनीति पर असर डाले बिना नहीं रहेगा, यह कयास लगाने वालों की कमी नहीं है।
Courtsy - Dainik Jagran
सोमवार, नवंबर 12, 2012
Dilawez Khan is coming with Saali Badi Sataweli
दिलआवेज़ खान लेकर आ रहे हैं साली बड़ी सतावेली
भोजपुरी फिल्मो के नए लेकिन कई बड़े हिंदी निर्देशकों के साथ निर्देशन में हाथ बंटा चुके निर्देशक दिलआवेज़ खान की पहली भोजपुरी फिल्म साली बड़ी सतावेली जल्द ही प्रदर्शन के लिए तैयार हो रही है। फिल्म में रवि किशन, रानी चटर्जी व रिंकू घोष मुख्य भूमिका में हैं जबकि उनका साथ दे रहे हैं फिरदौस खान, नौशाद खान, साहिल सन्नी , निरुपमा वर्मा , पुष्पा वर्मा, प्रिया पांडे आदि। आशिक आरिफ मूवीज के बैनर तले निर्माता आरिफ हुसैन व आशिक मोहम्मद की इस फिल्म के निर्देशक दिलआवेज़ खान मूल रूप से बिहार के शेरघाटी गया के निवासी हैं। बचपन में ही फिल्मो का सपना लेकर मुंबई आने वाले दिलआवेज़ ने राजकुमार कोहली की फिल्म कहर से बतौर सहायक निर्देशक इस इंडसट्रीज़ में कदम रखा। राज कुमार कोहली ने दिलआवेज़ की काबिलियत को पहचानते हुए उन्हें अपनी फिल्म जानी दुश्मन में ना सिर्फ बतौर मुख्य सहायक निर्देशक बल्कि फिल्म की राइटिंग टीम में भी जगह दी। राजेश खन्ना , अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सहित हिंदी के कई बड़े कलाकारों के साथ काम कर चुके दिलआवेज़ के साथ कभी बतौर सहायक निर्देशक काम कर चुके इम्तियाज अली, मोहित सूरी आज हिंदी फिल्म इंडसट्रीज़ के बड़े नाम हैं . दिलआवेज़ इसे अपनी अपनी मुकद्दर की बात मानते हैं और कहते हैं किसी कारण से उनकी शाहरुख़ खान व अक्षय कुमार को लेकर प्लानिंग की गयी फिल्म अटक गयी नहीं तो बतौर निर्देशक उनकी शुरुवात पहले ही हो गयी होती, पर दिलआवेज़ खान को इसका कोई अफ़सोस नहीं है वो कहते हैं मेहनत कभी बेकार नहीं जाता। बड़े बड़े निर्देशकों के साथ रहकर उन्हें जो सिखने का मौका मिला उसी का ही परिणाम है की पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान जिसने भी उनकी फिल्म साली बड़ी सतावेली को देखा सबने तारीफ़ की . उल्लेखनीय है की साली बड़ी सतावेली में रानी चटर्जी रवि किशन की साली की भूमिका में हैं जबकि रिंकू घोष पत्नी की। दिलआवेज़ खान के अनुसार उनकी फिल्म साली जीजा के नोक झोंक पर नहीं एक गंभीर मसले पर केन्द्रित है। दिलआवेज़ खान के साथ यह इत्तेफाक ही कही जाएगी की फिल्म में साली की भूमिका निभा रही अभिनेत्री रानी चटर्जी रियल लाइफ में खुद उनकी साली है। साली बड़ी सतावेली होली के अवसर पर रिलीज़ होगी।
गुरुवार, अक्टूबर 18, 2012
BHOJPURI FILMS: CHINESE producer JASMINE & KS TENG in BHOJPURI Fi...
BHOJPURI FILMS: CHINESE producer JASMINE & KS TENG in BHOJPURI Fi...: Chunnu Babu Singapuri is a MOVIE that have unique achievements and noble intentions for the Bhojpuri film Industries . The MOVIE is unique...
BHOJPURI FILMS: Trail Show of Chunnu babu Singapuri
BHOJPURI FILMS: Trail Show of Chunnu babu Singapuri: चुन्नू बाबू सिंगापुरी के ट्रायल शो में दिग्गजों का जमवाड़ा प्रदर्शन से पूर्व ही चर्चा के केन्द्र में आई भोजपुरी फिल्म ‘‘चुन्नू बाबू सिंगाप...
BHOJPURI FILMS: SAALI BADI SATAVELI – DUBBING STARTED
BHOJPURI FILMS: SAALI BADI SATAVELI – DUBBING STARTED: The Dubbing of Ashiq Aarif Movies first Bhojpuri film Saali Badi sataveli is started at Audiolab . The film is being produced by Ashiq Moh...
BHOJPURI FILMS: SAALI BADI SATAVELI – DUBBING STARTED
BHOJPURI FILMS: SAALI BADI SATAVELI – DUBBING STARTED: The Dubbing of Ashiq Aarif Movies first Bhojpuri film Saali Badi sataveli is started at Audiolab . The film is being produced by Ashiq Moh...
BHOJPURI FILMS: LAHOO KE DO RANG DUE ON CHHATH PUJA
BHOJPURI FILMS: LAHOO KE DO RANG DUE ON CHHATH PUJA: Anil & Anil films Entertainment and yash 999 movie’s Lahoo Ke Do Rang is releasing on Chhath Puja all Over . The film is being produced by...
BHOJPURI FILMS: Andhi Toofan is releasing on 19 th November
BHOJPURI FILMS: Andhi Toofan is releasing on 19 th November: Anoop Dhawan – Aman Kumar presents Maa Kali Movies Andhi Toofan is Releasing on 19 th Nov. All over. The film is being Produced by Manohar...
रविवार, अक्टूबर 14, 2012
Anjana Singh Vikrant and Ravi Tripathi in Banaras
BHOJPURI FILMS: बाबा विश्वनाथ के दरबार में विक्रांत अंजना व रवि: भोजपुरी फिल्मो के सितारे विक्रांत, अंजना सिंह व गायक अभिनेता रवि त्रिपाठी ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में जाकर पूजा अर्चना की . उल्लेखनीय ह...
BHOJPURI FILMS: 19 नवम्बर से आएगा आंधी तूफ़ान
BHOJPURI FILMS: 19 नवम्बर से आएगा आंधी तूफ़ान: भोजपुरिया परदे पर आगामी 19 नवम्बर से जबरदस्त आंधी तूफ़ान आने वाला है और उसे ला रहे हैं पवन सिंह और विराज भट्ट . जी हाँ अनूप धवन व अमन कुमा...
शनिवार, अक्टूबर 13, 2012
बिग बॉस से क्यों वोट आउट हुए निरहुआ ?
दिनेश लाल यादव निरहुआ भोजपुरी फिल्मो में ( आज के दौर में ) एक बहुत बड़ा नाम है . उनकी कई फिल्मो ने सिल्वर जुबली 100 डेज़ और सफलता का डंका बजाया है। किसी सितारे के साथ ऐसा तब होता है जब उनके पास बहुत बड़ा फेन फोलोविंग होता है। निः संदेह निरहुआ के पास भी एक बड़ा फेन फोलोविंग है , अगर नहीं होता तो उनकी फिल्मे नहीं चलती। सवाल उठता है की देश में करोडो लोगो द्वारा बोली जाने वाली बोली की फिल्मो का प्रतिनिधित्व करने वाले एक बड़े स्टार छोटे परदे के एक शो बिग बॉस से पहले सप्ताह में आउट कैसे हो गए ? निरहुआ या किसी भी स्टार का किसी शो से वोट आउट होना एक स्वाभाविक घटना है , लेकिन यह मामला स्वाभाविक तब होता जब निरहुआ कुछ दिन बिता कर बिग बॉस के घर से बाहर आते। बिग बॉस में इससे पहले भी भोजपुरी के कई बड़े सितारे जा चुके हैं जिनमे रवि किशन, मनोज तिवारी, श्वेता तिवारी, सम्भावना सेठ शामिल है . इन सितारों में रवि किशन और श्वेता तिवारी आखिरी तक बिग बॉस के घर में थे जबकि मनोज तिवारी 64 दिन और सम्भावना सेठ 48 दिनों तक बिग बॉस के घर में थे । निरहुआ इस मामले में थोडा अनलकी साबित हुए क्योंकि उन्हें पहले सप्ताह में ही वोट आउट होना पड़ा। आखिर क्या वजह रही होगी ?
अगर हम बिग बॉस के सीजन 6 में निरहुआ की उपस्थिति का आकलन करें तो मामला पूरी तरह से साफ़ हो जाता है। प्रथम दृष्टया अगर निरहुआ की बिग बॉस में मौजूदगी पर नज़र डाले तो बिग बॉस के घर में उनकी एंट्री का अंदाज़ गलत था। ये सच है की कौन सा प्रतियोगी किस गाने पर परफोर्म कर या क्या ख़ास बोल कर बिग बॉस के घर जायेगा यह चैनल तय करता है पर प्रतियोगी की राय महत्वपूर्ण होती है . निरहुआ की एंट्री रिक्शा से हुई अगर किसी भोजपुरी चैनल का शो होता तो यह बिल्कुल सही रहता , लेकिन बिग बॉस जैसे शो के लिए यह उचित नहीं था खासकर तब जब सलमान खान जैसा एंकर उस शो को होस्ट कर रहा हो . सलमान खान का अंदाज़ किसी भी बड़े भोजपुरी स्टार के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था , चलिए एक बार मान लेते हैं की हम जिस भाषा की फिल्मो का प्रतिनिधित्व करते हैं उसके अधिकतर दर्शक रिक्शा वाला ठेला वाला, केला वाला यानी की मजदूर वर्ग है लेकिन इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता की इस वर्ग के लोगो की दिलचस्पी टीवी शो में कम होती है और भोजपुरी माटी से जुड़े लोग जो भोजपुरी फिल्म नहीं देखते हैं उनलोगों की सहानुभूति अपने क्षेत्र या भाषा के लोगो के प्रति रहती है वो कतई नहीं चाहेंगे की उनके प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले को उस तरह से पेश किया जाये जैसा की निरहुआ को किया गया . कुछ लोगो का कहना है की बिग बॉस में रिक्शा से एंट्री का आइडिया निरहुआ का था क्योंकिं फिल्म जगत में उनकी पहचान दिलाने में रिक्शा का बहुत बड़ा योगदान था , साथ ही उनकी आने वाली एक फिल्म में भी वो रिक्शा वाला के किरदार में हैं।
अब नज़र डालते हैं कुछ और महत्वपूर्ण बातों पर पहले दिन से ही निरहुआ बिग बॉस के घर में असहज महसूस कर रहे थे , भोजपुरी के बड़े स्टार होने के वावजूद उसके चेहरे में झिझक साफ़ दिख रही थी और इसकी वजह थी उनका अन्त्रमूखी स्वभाव . इस स्वभाव के लोग जल्दी किसी से खुलते नहीं जबकि बिग बॉस मुख्यतः बेशर्मी का शो है। निरहुआ को वोट कम मिले उसकी एकमात्र वजह रही उनका सामाजिक सरोकारों से दूर रहना। अपने इस स्वभाव के कारण वो समाज के उच्च व मध्यमवर्ग से जुड़ने में असफल रहे है . ये वोही वर्ग है जो टीवी में काफी दिलचस्पी रखता है। एक सिमित दायरा इंसान के लिए आत्मघाती कदम होता है , इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ .
निरहुआ का स्टारडम भोजपुरी में भले ही बहुत ज्यादा हो पर बिग बॉस के घर में बैठे लोगो के लिए वो अंजान थे जिसके कारण उन्हें पहले एपिसोड में एलिमिनेशन का दंश झेलना पड़ा . बहरहाल निरहुआ एक बार फिर से बिग बॉस के घर में वाइल्ड कार्ड द्वारा प्रवेश होंगे पर भोजपुरी के बड़े स्टार का पहले सप्ताह में ही वोट आउट होना भोजपुरी फिल्म जगत के लिए दुःख की बात है .
मंगलवार, अक्टूबर 09, 2012
SALI BADI SATAVELI – Editing Completed
The entire editing of Ashiq Aarif Movies first Bhojpuri film Sali Badi sataveli is completed recently at Audiolab , under the supervision of editor Jeetendra Singh Jeetu. The film is being produced by Ashiq Mohammed & Aarif Hussain and directed by Dilawez Khan. It has Story by R. Ranjan, screenplay – dialogues by Sahil Sunny. music by Rajesh Gupta, lyrics by Fanindra Rao , cinematography by Pramod Pandey, action by Riyaz Sultan, project designer – Sahil Sunny. production Managers Kanahiya, Iliyas & Ravi prabhakar. It stars, Ravi Kishan, Rani Chatarjee, Rinku Ghosh, Firdaus Khan, Nausad Khan, Sahil Sunny, Nirupma Shree, Pushpa Verma, Priya Pandey etc.
सोमवार, अक्टूबर 08, 2012
Anubhav Motion Pictures's First Film Launched
अनुभव मोशन पिक्चर्स की फिल्म लौंच
दूरदर्शन के लिए कई टेलीफिल्म्स बना चुकी अनुभव मोशन पिक्चर्स की पहली भोजपुरी फिल्म का मुहूर्त धूमधाम से मुंबई के लोखंडवाला स्थित एम फॉर यू स्टूडियो में गायक विनोद राठोड की आवाज़ में गाने के साथ किया गया. इस अनाम फिल्म का निर्माण कर रहे हैं लखनऊ के भवन निर्माता नीरज यादव जो इसके पहले दूरदर्शन के लिए कोहरा, कुंवारे हैं हम, बिखरता परिवार, विशवासघात, कुदरत की आवाज़ सहित कई टेलीफिल्म्स और धारावाहिक का निर्माण कर चुके हैं. फिल्म के निर्देशन की कमान संभाली है भोजपुरी के एकमात्र राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक आनंद डी. गहतराज ने.निर्माता नीरज यादव व निर्देशक आनंद गहतराज के अनुसार उनकी फिल्म महिला प्रधान फिल्म होगी जो बिहार व उत्तर प्रदेश की भ्रष्ट राजनीति पर केन्द्रित होगी. जिसकी शूटिंग अगले माह होगी. फिल्म में केंद्रीय भूमिका में होंगी भोजपुरी की चर्चित अभिनेत्री अक्षरा सिंह , जिसकी इस साल कई फिल्मो ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई है . फिल्म में भ्रष्ट नेता की भूमिका अदा कर रहे हैं नीरज यादव . फिल्म का गीत संगीत एस. कुमार का है जबकि लेखक हैं मनोज पाण्डे. फिल्म के कैमरा मैं हैं एन. पटेल जबकि एक्शन जीतू सिंह का है. फिल्म के अन्य कलाकारों का चयन फिलहाल चल रहा है .
शनिवार, अक्टूबर 06, 2012
सफलता की गारंटी बनी अंजना सिंह
भोजपुरी फिल्मो की हॉट केक कही जाने वाली अभिनेत्री अंजना सिंह ने अपनी हिट फिल्मो का सिलसिला जारी रखा है. बिहार में रिलीज़ हुई मर्द तांगेवाला और मुंबई में रिलीज़ हुई लावारिस की सफलता ने यह साबित कर दिया है .
मात्र दो साल पहले रवि किशन के साथ भोजपुरिया परदे पर उतरी अंजना सिंह ने अपनी पहली फिल्म से ही पीछे मुड़कर नहीं देखा और उनके खाते में ट्रक ड्राइवर, कैसन पियवा के चरित्तर बा, देवरा पे मनवा डोले, दिल ले गइल ओढनिया वाली, एक बिहारी सौ पे भारी, लावारिस जैसी हिट फिल्मे शामिल हो गयी . इन फिल्मो में वो रविकिशन, निरहुआ, खेसारी लाल और पवन सिंह जैसे बड़े सितारों के साथ नज़र आई. पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई उनकी फिल्म मर्द तांगेवाला में उनके अपोजिट थे विराज भट्ट . इस फिल्म को भी बिहार में अच्छी सफलता मिली है . अंजना सिंह के पास फिल्मो की लम्बी कतारें हैं और भोजपुरी में बन रही लगभग सभी बड़ी फिल्मो में वो भोजपुरी के बड़े सितारों के साथ काम कर रही है . उनकी आने वाली प्रमुख फिल्मो में वर्दी वाला गुंडा, दूध का कर्ज, आंधी तूफ़ान, लहू के दो रंग आदि शामिल है.
शुक्रवार, अक्टूबर 05, 2012
Nirahua In Big Boss 6
बिग बॉस में निरहुआ
सूत्रों के अनुसार भोजपुरी फिल्मों के जुबली स्टार दिनेशलाल निरहुआ छोटे पर्दे के सबसे विवादस्पद शो बिग बॉस में होंगें. वे इस बार के बिग बॉस -6 में भोजपुरिया चेहरा होंगें. भोजपुरी सिनेमा के सितारे निरहुआ का भोजपुरी में काफी अलग मुकाम है और इनकी निजी जिन्दगी से दर्शक अब तक मुखातिब नहीं हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बिग बॉस 6 में निरहुआ अपनी कैसी छवि दर्शकों के बीच पेश करेंगें. भोजपुरी फिल्म जगत से इसके पूर्व रवि किशन बिग बॉस के सीजन १ में और मनोज तिवारी सीजन ४ में बिग बॉस के घर में नज़र आ चुके हैं. , इसके अलावा सम्भावना सेठ, श्वेता तिवारी भी इस शो का हिस्सा रह चुकी हैं.
बुधवार, अक्टूबर 03, 2012
Akshara Singh with Blind Student
अक्षरा सिंह का नया रूप
भोजपुरी फिल्मो की जानी मानी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ना सिर्फ अपने अभिनय से दर्शको का दिल जीतती है बल्कि परदे के पीछे भी वो निस्वार्थ भाव से समाजसेवा भी करती है . इसका एक ताजा उदाहरण हाल ही में दिखा. अक्षरा की नानी सुषमा पंडा का पिछले दिनों देहांत हो गया . अपनी नानी की याद में और उन्हें श्रधांजलि देने के लिए अक्षरा रांची के बहु बाज़ार स्थित ब्लाइंड स्कूल गयी और उनके साथ ना सिर्फ काफी पल बिताया बल्कि उन्हें भोजन और उपहार भी दिए. अक्षरा सिंह ने उन बच्चो से काफी बातें की और उनके स्कूल के हर कार्यक्रम में आने का वादा किया . अक्षरा सिंह ने बताया की उनका यह अनुभव काफी सुकून देने वाला था . अपनी आँखे खो चुके बच्चो को आम बच्चो से ज्यादा प्यार की ज़रूरत होती है क्योंकि वो दूसरो की आँखों से ही दुनिया को देखते और समझते हैं. उन्होंने कहा की उन बच्चो में कई प्रतिभाशाली बच्चे दिखे जिनके गले में माँ सरस्वती का वास है. नेत्रहीन बच्चो से मिलने के बाद अक्षरा सिंह ने कुष्ट रोगियों ने भी भोजन का वितरण किया .
भोजपुरी फिल्मो की जानी मानी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ना सिर्फ अपने अभिनय से दर्शको का दिल जीतती है बल्कि परदे के पीछे भी वो निस्वार्थ भाव से समाजसेवा भी करती है . इसका एक ताजा उदाहरण हाल ही में दिखा. अक्षरा की नानी सुषमा पंडा का पिछले दिनों देहांत हो गया . अपनी नानी की याद में और उन्हें श्रधांजलि देने के लिए अक्षरा रांची के बहु बाज़ार स्थित ब्लाइंड स्कूल गयी और उनके साथ ना सिर्फ काफी पल बिताया बल्कि उन्हें भोजन और उपहार भी दिए. अक्षरा सिंह ने उन बच्चो से काफी बातें की और उनके स्कूल के हर कार्यक्रम में आने का वादा किया . अक्षरा सिंह ने बताया की उनका यह अनुभव काफी सुकून देने वाला था . अपनी आँखे खो चुके बच्चो को आम बच्चो से ज्यादा प्यार की ज़रूरत होती है क्योंकि वो दूसरो की आँखों से ही दुनिया को देखते और समझते हैं. उन्होंने कहा की उन बच्चो में कई प्रतिभाशाली बच्चे दिखे जिनके गले में माँ सरस्वती का वास है. नेत्रहीन बच्चो से मिलने के बाद अक्षरा सिंह ने कुष्ट रोगियों ने भी भोजन का वितरण किया .
गुरुवार, सितंबर 20, 2012
भक्ति भाव में डूबे भोजपुरिया सितारे
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का वो ही महत्व है जो बिहार में छठ का और इन दिनों वहाँ गणेशोत्सव की धूम है ऐसे में महाराष्ट्र में बसे भोजपुरिया सितारे भी उसी रंग में रंग गए हैं और भक्ति भाव में डूब गए हैं. वैसे तो सार्वजनिक गणेशोत्सव दस दिनों का त्यौहार है पर अपने अपने घरो में भगवान गणेश की पूजा करने वाले लोग उन्हें अपनी सुविधानुसार डेढ़ दिन या पांच दिन के लिए स्थापित करते हैं. भोजपुरी फिल्मो के सुपर स्टार रवि किशन के यहाँ डेढ़ दिनों के लिए बाप्पा विराजमान होते हैं और यह परंपरा लगभग दस वर्षों से चली आ रही है , पर इस वर्ष गणेशोत्सव में वो अपने घर पर नहीं बल्कि चंडीगढ़ में हिंदी फिल्म लकी कबूतर की शूटिंग में व्यस्त है. उन्होंने सोशल नेटवर्क साईट और अपने ब्लॉग के माध्यम से लोगो को गणेशोत्सव की बधाई दी है. अभिनेता विनय आनंद भी गणेश भक्त है और बचपन से ही उनके यहाँ भगवान गणेश विराजमान होते आये हैं. उन्होंने बताया की उनका बचपन उनके मामा अभिनेता गोविंदा के यहाँ बीता था और होश सँभालते ही उन्होंने हर वर्ष अपने घर में भगवान गणेश को विराजमान होते देखा और यह परंपरा उन्होंने अपने घर में भी कायम रखी है . भोजपुरी की हॉट केक कही जाने वाली अभिनेत्री अंजना सिंह की भगवान गणेश में गहरी आस्था है . यही वजह है की अपने मुंबई आगमन के साथ ही उन्होंने अपने घर में भगवान गणेश को विराजमान करना शुरू कर दिया और लगातार तीसरी बार उनके घर भगवान गणेश विराजमान हुए हैं. वो कहती हैं वो आज जो भी हैं उनके पीछे भगवान गणेश की ही कृपा दृष्टि है . अभिनेत्री संगीता तिवारी के यहाँ भी भगवान गणेश पांच दिनों के लिए विराजमान हैं. मुंबई में ही पली बढ़ी इस बिहारी बाला के यहाँ यह सिलसिला बरसो से जारी है . भोजपुरिया खलनायिकी के सिरमौर अवधेश मिश्रा के यहाँ पिछले नौ साल से भगवान गणेश विराजमान हो रहे हैं. वो भी अपनी सफलता का श्रेय भगवान गणेश और साईं बाबा को देते हैं. इसी तरह प्रसिद्द निर्देशक जगदीश शर्मा और बौबी सिंह के यहाँ भी गणपति की धूम है . जगदीश शर्मा के यहाँ जहाँ पचीस साल से यह सिलसिला चल रहा है वहीँ बौबी सिंह के घर इस साल से यह सिलसिला शुरू हो रहा है .
रविवार, सितंबर 16, 2012
रांची में अंजन के रोड शो में गुंजन
भोजपुरी फिल्मो की जानी मानी अभिनेत्री गुंजन पन्त ने रांची में अंजन टीवी के रोड शो में अपना जलवा बिखेरा. रविवार को लगभग २०० छोटी बड़ी गाड़ियों का काफिला रांची के विभिन्न सडको से गुजरा . इस शो का उद्देश्य नए मनोरंजन चैनल अंजन टीवी का प्रोमोशन करना था. इस मौके पर अंजन टीवी के चैनल हेड मंजीत हंस और कंटेंट हेड रजनी सिंह भी मौजूद थे.
रविवार की सुबह अंजन टीवी के गाड़ियों का काफिला जब रांची की सडको पर निकाला तो लोगो में काफी उत्सुकता देखी गयी . अभिनेत्री गुंजन पन्त ने कई जगह इस काफिले में भाग लिया और मौजूद लोगो से सीधा संवाद स्थापित किया. उन्होंने लोगो से सवाल पूछे और सही जवाब देने पर गिफ्ट भी बांटे. अंजन टीवी के चैनल हेड ने इस अनूठे रोड शो के सम्बन्ध में बताया की 40 दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के 40 शहरों में 5000 कि.मी. की दूरी तय करते हुए 30 सितम्बर को सफलतापूर्वक खत्म होगा . इस रोड शो का नारा होगा, ‘जियो हर पल’ और यही चैनल का टैग लाइन भी है। हमारा उद्देश्य है कि लोग हमारे अत्यंत विचारशील, विलक्षण एवं सुंदर कार्यक्रमों द्वारा प्रेरित हों और भरपूर आनंद लें. चैनल के हेड मंजीत हंस विश्वास पूर्वक कहते हैं, जब भी हम कोई बड़ा कार्यक्रम करते हैं तो हम हर एक के अशीर्वाद की कामना करते हैं। इस रोड शो के द्वारा हम उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखण्ड के लोगों का आशीर्वाद पाना चाहते हैं.
मंगलवार, सितंबर 04, 2012
LAHOO KE DO RANG – Editing Completed
Editing of Anil & Anil films Entertainment in association with yash 999 movie’s Lahoo Ke Do has been completed at park Avenue under the supervision of editor Jeetendra Singh Jeetu . The film is being produced by Anil Kushwaha & Kailash Kesarwani, directed by Manjul Thakur, story-screenplay-dialogue by Manoj K. Kushwaha, music by Sonu Anand, lyrics by Pyarelal yadav, Krishna Bedardi and Vinay Belaur, cinematography by Pramod pandey, action by Dilip Yadav. It stars – Khesari lal Yadav, Rajesh Raj, Anjana Singh, Priya Sharma, Sanjay Pande, Ayaz khan, Ratnesh Baranvaal, Kiran Yadav, Sujeet Sarthak, Pushpendra Singh, Prem Dube, Shivam Bihari , Khushmit Gil and others.
शनिवार, सितंबर 01, 2012
अच्छे कार्यक्रम हमारी प्राथमिकता - रजनी सिंह
हम ना किसी से प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं और ना ही किसी से आगे बढ़ने की हमारी योजना है , हम सही दिशा और सही सोच के साथ भोजपुरी जगत में कदम रख रखे हैं और अच्छे सन्देशप्रद कार्यक्रम देना हमारी पहली प्राथमिकता होगी . यह कहना है भोजपुरी के नए मनोरंजन चैनल अंजन टी वी की कंटेंट हेड रजनी सिंह का. मोतिहारी में भोजपुरी में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने अंजन टीवी के कार्यक्रमों की रूप रेखा स्थानीय पत्रकारों के समक्ष रखी.
उल्लेखनीय है की हाल में में लौंच हुए अंजन टीवी ने अपने चैनल के बारे में आम लोगो तक पहुचाने के लिए बिहार , उत्तर प्रदेश व झारखण्ड के विभिन्न शहरो में कार्यक्रम आयोजित किये हैं. इसी कड़ी में चैनल की कंटेंट हेड रजनी सिंह मोतिहारी में मौजूद थी. उन्होंने आगे बताया की लोगों में भोजपुरी के प्रति रुझान बहुत बढ़ता जा रहा है और इसी तरह से इसके आकर्षणपूर्ण मनोरंजन प्रदान वाली इण्डस्ट्री का भी विस्तार हो रहा है. चैनल हेड मंजीत हंस ने एक लम्बे सर्वेक्षण के बाद अंजन टीवी को आम दर्शको के समक्ष रखने की योजना बनायीं. अंजन टीवी भोजपुरी भाषा में विशेष रूप से भावी पीढ़ी के मनोरंजन हेतु समर्पित होगी . यह चैनल ए.ए.पी. मीडिया का उपक्रम है, जिसका उद्देश्य है - उच्च क्वालिटी के अनुपम और उत्कृष्ट रूप् से सुनियोजित भोजपुरी के मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत करना। यह चैनल चैबीसों घंटे मनोरंजन करेगा, जिसमें - भोजन, स्वास्थ्य, संगीत, फिल्म्स, सोप्स, रियलिटी शोज़, कोमेडी, यात्रा और लाइफ़ स्टाइल से सम्बन्धित विविध कार्यक्रम रहेंगे। रियलिटी शोज़ के अधिकतर कार्यक्रमों में भोजपुरी इण्टस्ट्री की जानी-मानी हस्तियों उद्घोषक के रूप में नजर आयेंगी और उनको नयापन देने और मनोरंजक बनाने हेतु भी इनका सहयोग लिया जायेगा। साथ-साथ चैनल हर दिन ढेर साले नये-नये कार्यक्रमों का भी समावेश करेगा।
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